भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए ICICI Prudential Pension Fund ने 20 फरवरी 2026 को ‘स्वास्थ्य पेंशन योजना’ लॉन्च की है। यह योजना Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) के रेगुलेटरी सैंडबॉक्स ढांचे के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य निवेशकों को दीर्घकालिक रिटायरमेंट बचत के साथ स्वास्थ्य संबंधी वित्तीय लचीलापन प्रदान करना है।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह केवल रिटायरमेंट के लिए कॉर्पस बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य से जुड़ी आंशिक निकासी की अनुमति भी देती है। भारत में जहां स्वास्थ्य बीमा की पहुंच करीब 38 प्रतिशत के आसपास है, वहां यह उत्पाद हेल्थ फाइनेंसिंग गैप को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
PFRDA सैंडबॉक्स के तहत क्यों खास है यह योजना?
रेगुलेटरी सैंडबॉक्स एक ऐसा फ्रेमवर्क है, जिसके तहत नए और नवाचारपूर्ण वित्तीय उत्पादों को पूर्ण रूप से लागू करने से पहले सीमित दायरे में परीक्षण किया जाता है। इससे—
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उत्पाद की व्यवहारिकता परखने का मौका मिलता है
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संभावित जोखिमों की पहचान होती है
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निवेशकों के अनुभव को समझा जा सकता है
PFRDA के अध्यक्ष शिवसुब्रमण्यम रमन के अनुसार, यह योजना रिटायरमेंट बचत को स्वास्थ्य जरूरतों के लिए सुरक्षित (ring-fenced) रखते हुए वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देती है। इसे स्वास्थ्य बीमा का विकल्प नहीं, बल्कि एक पूरक प्रणाली के रूप में तैयार किया गया है।
भविष्य में इस योजना को मौजूदा स्वास्थ्य बीमा कवरेज से जोड़ने पर भी विचार किया जा सकता है, जिससे पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल बने।
‘स्वास्थ्य पेंशन योजना’ की प्रमुख विशेषताएँ
यह योजना पारंपरिक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की तुलना में कहीं अधिक लचीली बनाई गई है।
आंशिक निकासी में ज्यादा सुविधा
निवेशक अपनी स्वयं की जमा राशि का 25% तक कई बार निकाल सकते हैं, जबकि सामान्य NPS में केवल चार बार आंशिक निकासी की अनुमति होती है।
मेडिकल इमरजेंसी में समयपूर्व बंद की अनुमति
यदि इलाज में कुल कॉर्पस का 70% से अधिक खर्च करना पड़े, तो योजना को समय से पहले बंद करने की सुविधा मिलती है।
सीधे अस्पताल को भुगतान
निकासी की राशि सीधे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को दी जाती है, जिससे फंड का दुरुपयोग न हो।
इक्विटी आधारित ग्रोथ विकल्प
प्रारंभिक पायलट चरण में “ICICI PF NPS Swasthya Equity Plus” वेरिएंट के तहत अधिक इक्विटी निवेश का विकल्प दिया गया है, ताकि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सके।
इस तरह यह योजना रिटायरमेंट सुरक्षा और मेडिकल जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित करती है।
भारत की स्वास्थ्य वित्तपोषण समस्या का व्यावहारिक समाधान
भारत में बड़ी संख्या में परिवार आज भी इलाज के लिए—
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जेब से भुगतान (Out-of-Pocket) करते हैं
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बचत खत्म करते हैं
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या संपत्ति तक बेचने को मजबूर हो जाते हैं
कई अध्ययनों के अनुसार, औसत भारतीय परिवार अपनी आय का 15–20% हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है।
‘स्वास्थ्य पेंशन योजना’ इसी दबाव को कम करने के लिए एक संरचित बचत तंत्र प्रदान करती है, जिसका उपयोग खास तौर पर इन खर्चों में किया जा सकता है:
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को-पेमेंट
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ओपीडी परामर्श
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दवाइयाँ
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डायग्नोस्टिक जांच
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बीमा में कवर न होने वाले अस्पताल खर्च
डिजिटल-फर्स्ट मॉडल और Apollo 24/7 से एकीकरण
इस योजना को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है और इसके पायलट चरण में Apollo Hospitals को एंकर पार्टनर बनाया गया है।
यह योजना Apollo के Apollo 24/7 डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई है, जिसके जरिए—
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दवाइयाँ
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जांच सेवाएँ
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अस्पताल सुविधाएँ
सीधे स्वास्थ्य पेंशन खाते से ली जा सकती हैं।
फिलहाल पायलट चरण में बेंगलुरु और हैदराबाद में फिजिकल हॉस्पिटल और फार्मेसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जबकि डिजिटल सेवाएँ पूरे देश में एक्सेस की जा सकती हैं।
इस डिजिटल इकोसिस्टम के तकनीकी भागीदार के रूप में KFin Technologies कार्य कर रहा है, जो रियल-टाइम ट्रैकिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
क्यों भविष्य के लिए अहम हैं ऐसे हेल्थ-लिंक्ड पेंशन प्रोडक्ट?
भारत में—
स्वास्थ्य महंगाई तेजी से बढ़ रही है
बुजुर्ग आबादी का अनुपात लगातार बढ़ रहा है
पारंपरिक बचत मेडिकल खर्चों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है
ऐसे में रिटायरमेंट सेविंग्स को स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने वाले हाइब्रिड उत्पाद भविष्य की सबसे बड़ी वित्तीय जरूरत बन सकते हैं।
यह योजना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि देश के व्यापक Financial Inclusion लक्ष्यों के अनुरूप भी है।

