कोलकाता में लियोनेल मेस्सी की 70 फुट ऊंची लोहे की मूर्ति का अनावरण, फुटबॉल प्रेमियों में जश्न का माहौल
कोलकाता में लियोनेल मेस्सी की 70 फुट ऊंची लोहे की मूर्ति का अनावरण, फुटबॉल प्रेमियों में जश्न का माहौल

कोलकाता में लियोनेल मेस्सी की 70 फुट ऊंची लोहे की मूर्ति का अनावरण, फुटबॉल प्रेमियों में जश्न का माहौल

भारत की फुटबॉल राजधानी कहे जाने वाले कोलकाता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इस शहर के लिए फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून, भावना और संस्कृति है। खेल इतिहास में एक नया और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए कोलकाता में फुटबॉल महानायक लियोनेल मेसी की 70 फुट ऊँची लोहे की प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, लेक टाउन, साउथ दमदम में बनाई गई है और इसे लेकर देश-विदेश के फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

खास बात यह है कि आयोजकों का दावा है कि यह दुनिया की सबसे ऊँची लियोनेल मेसी प्रतिमा है, जिसने कोलकाता को एक बार फिर वैश्विक फुटबॉल मानचित्र पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


मेसी को समर्पित रिकॉर्ड-तोड़ श्रद्धांजलि

यह भव्य प्रतिमा लियोनेल मेसी को फीफा विश्व कप ट्रॉफी उठाते हुए दर्शाती है। यह दृश्य अर्जेंटीना के साथ उनकी ऐतिहासिक 2022 फीफा विश्व कप जीत की याद दिलाता है, जिसने न सिर्फ अर्जेंटीना बल्कि पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों की भावनाओं को छू लिया था।

मेसी का यह रूप संघर्ष, धैर्य, असफलताओं से उबरने और अंततः सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने की कहानी को दर्शाता है। यही कारण है कि यह प्रतिमा सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि एक प्रेरक प्रतीक बन गई है।


प्रतिमा की प्रमुख विशेषताएँ

इस ऐतिहासिक प्रतिमा की कुछ खास बातें इसे और भी अद्वितीय बनाती हैं—

  • ऊँचाई: 70 फुट

  • सामग्री: लोहा (Iron)

  • स्थान: श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, लेक टाउन, साउथ दमदम, कोलकाता

  • निर्माण समय: मात्र 40 दिन

  • विशेषता: विश्व की सबसे बड़ी लियोनेल मेसी प्रतिमा होने का दावा

प्रतिमा के अंतिम सतही और फिनिशिंग कार्य प्रसिद्ध कलाकार मोंटी पॉल और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ-साथ अनावरण समारोह को भव्य बनाने के लिए पूरे इलाके को सजाया जा रहा है, ताकि यह आयोजन एक ऐतिहासिक उत्सव का रूप ले सके।


कोलकाता के लिए क्यों है यह प्रतिमा खास

कोलकाता का फुटबॉल प्रेम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों ने इस शहर को भारत की फुटबॉल राजधानी बनाया है। हर फीफा विश्व कप के दौरान कोलकाता की सड़कों पर अर्जेंटीना, ब्राज़ील और अन्य देशों के झंडे लहराते दिखते हैं।

पश्चिम बंगाल के मंत्री और श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष सुजीत बोस ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा—

“यह 70 फुट ऊँची एक असाधारण प्रतिमा है। दुनिया में लियोनेल मेसी की इतनी बड़ी कोई और प्रतिमा नहीं है। कोलकाता में मेसी के अनगिनत प्रशंसक हैं और यह प्रतिमा उनके प्यार का प्रतीक है।”

यह प्रतिमा कोलकाता की उस परंपरा को आगे बढ़ाती है, जहां शहर ने पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल सितारों का स्वागत किया है।


पहले भी आ चुके हैं फुटबॉल के दिग्गज

कोलकाता पहले भी वैश्विक फुटबॉल दिग्गजों की मेज़बानी कर चुका है, जिनमें शामिल हैं—

  • डिएगो माराडोना

  • रोनाल्डिन्हो गाउचो

  • एमिलियानो मार्टिनेज

अब इस गौरवशाली सूची में लियोनेल मेसी भी शामिल हो गए हैं—भले ही फिलहाल स्मारक के रूप में ही सही।


13 दिसंबर को होगा वर्चुअल उद्घाटन

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों के चलते लियोनेल मेसी स्वयं कोलकाता आकर उद्घाटन में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, आयोजकों ने यह स्पष्ट किया है कि 13 दिसंबर को मेसी खुद वर्चुअल माध्यम से इस प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे

इस वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत देशभर से हजारों फुटबॉल प्रशंसकों के जुड़ने की उम्मीद है। यह आयोजन किसी त्योहार से कम नहीं होगा।


2026 फीफा विश्व कप से पहले खास संदेश

जैसे-जैसे 2026 फीफा विश्व कप नज़दीक आ रहा है, यह प्रतिमा फुटबॉल प्रेमियों के लिए और भी ज्यादा भावनात्मक और प्रतीकात्मक बन गई है। यह न सिर्फ मेसी की उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि यह दिखाता है कि खेल किस तरह सीमाओं, भाषाओं और देशों से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ता है।


युवाओं के लिए प्रेरणा

यह प्रतिमा खास तौर पर युवाओं के लिए एक संदेश देती है—

  • सपने कितने भी बड़े हों, मेहनत से पूरे हो सकते हैं

  • असफलता अंतिम नहीं होती

  • खेल जीवन को अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष सिखाता है

मेसी की कहानी और यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को फुटबॉल और खेल के प्रति प्रेरित करती रहेगी।

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