NCERT ने 65वें स्थापना दिवस पर ‘बाल वाटिका टीवी’ और ‘दीक्षा 2.0’ की शुरुआत की
NCERT ने 65वें स्थापना दिवस पर ‘बाल वाटिका टीवी’ और ‘दीक्षा 2.0’ की शुरुआत की

NCERT ने 65वें स्थापना दिवस पर ‘बाल वाटिका टीवी’ और ‘दीक्षा 2.0’ की शुरुआत की

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 1 सितंबर 2025 को अपना 65वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने कई नई पहलें शुरू कीं, जिनका सीधा संबंध राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 से है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल शिक्षा, समावेशन और प्रारंभिक बचपन की शिक्षा को बढ़ावा देना है।

नीचे प्रमुख घोषणाओं और पहलों को विस्तार से बिंदुवार समझा जा सकता है:


1. बाल वाटिका टीवी – पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनल नंबर 35

  • यह चैनल 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए समर्पित है।

  • इसमें इंटरैक्टिव ऑडियो-विजुअल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

  • मुख्य उद्देश्य:

    • बच्चों में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता विकसित करना।

    • शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों को मार्गदर्शन देना।

    • प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के लक्ष्यों को NEP 2020 के अनुरूप बनाना।

  • यह पहल पीएम ई-विद्या कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके ज़रिए शिक्षा को प्री-प्राइमरी स्तर तक डिजिटल रूप में ले जाया जा रहा है।


2. दीक्षा 2.0 – अगली पीढ़ी का डिजिटल लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म

  • यह प्लेटफ़ॉर्म अब 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

  • इसमें AI-आधारित फीचर्स जोड़े गए हैं, जिससे व्यक्तिगत सीखने का अनुभव मिलेगा।

  • प्रमुख विशेषताएँ:

    • संरचित पाठ और अनुकूली मूल्यांकन (Adaptive Assessment)

    • रीड अलाउड, क्लोज़्ड कैप्शनिंग और टेक्स्ट अनुवाद की सुविधा।

    • प्रदर्शन निगरानी और छात्रों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण सहयोग।

  • यह मंच छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए डिजिटल शिक्षा का उन्नत समाधान है।


3. प्रशस्त 2.0 – दिव्यांग बच्चों की शिक्षा हेतु स्क्रीनिंग टूल

  • यह टूल दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक पहचान के लिए बनाया गया है।

  • इसमें कई राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म्स का एकीकरण किया गया है:

    • UDISE+ (Unified District Information System for Education)

    • APAAR ID (Automatic Permanent Academic Account Registry)

    • स्वावलंबन कार्ड (विकलांगता पहचान पत्र)।

  • इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समय पर आवश्यक सेवाओं और शिक्षा तक पहुँच दिलाना है।


4. किताब एक पढ़े अनेक – समावेशी पाठ्यपुस्तक पहल

  • यह पहल यूनिवर्सल डिज़ाइन ऑफ लर्निंग (UDL) के सिद्धांत पर आधारित है।

  • कक्षा 1 और 2 के लिए समावेशी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएँगी।

  • उद्देश्य:

    • विभिन्न क्षमताओं वाले बच्चों के लिए सुलभ सामग्री तैयार करना।

    • NEP 2020 के मूलभूत शिक्षा मिशन को आगे बढ़ाना।


5. अन्य प्रमुख पहलें

  • वीआर लैब्स: एनसीईआरटी प्रदर्शन स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी आधारित शिक्षा की शुरुआत।

  • पीएम ई-विद्या मोबाइल ऐप: एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर बहु-प्रारूप (multi-format) डिजिटल सामग्री।

  • प्राइमर (आरंभिक पुस्तकें): हिंदी, संस्कृत, हो-हिंदी और कोया भाषाओं में किताबें जारी, भाषाई विविधता को प्रोत्साहन।

  • ओडिशा विरासत पुस्तक: “उत्कल जननींकरा सुजोग्य सन्ताना” – 100 ओडिया विभूतियों को सम्मानित करने वाली विशेष पुस्तक।

  • व्यावसायिक शिक्षा हैंडबुक: PSSCIVE द्वारा जारी, जिससे NEP 2020 के तहत कौशल-आधारित शिक्षा को गति मिलेगी।


6. समावेशी और डिजिटल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम

इन पहलों से स्पष्ट है कि एनसीईआरटी आने वाले वर्षों में शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण और समावेशन को प्राथमिकता देने वाला है।

  • डिजिटल टूल्स और प्लेटफ़ॉर्म्स बच्चों को उनकी क्षमता और ज़रूरत के हिसाब से शिक्षा देंगे।

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से पहुंच बढ़ेगी

  • विकलांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने में मदद मिलेगी।


7. भविष्य की रूपरेखा – NEP 2020 के अनुरूप

एनसीईआरटी ने अपने स्थापना दिवस पर जो योजनाएँ पेश कीं, वे अगले पाँच वर्षों के लिए शिक्षा क्षेत्र की दिशा तय करती हैं।

  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: शिक्षा को तकनीक-आधारित बनाना।

  • सभी के लिए समावेशन और पहुँच: चाहे बच्चा किसी भी क्षेत्र, भाषा या क्षमता वाला हो।

  • पाठ्यक्रम निर्माण: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के अनुसार नई सामग्री विकसित करना।

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