उत्पल कुमार सिंह को संसद टीवी के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया
उत्पल कुमार सिंह को संसद टीवी के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया

उत्पल कुमार सिंह को संसद टीवी के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया

लोकसभा महासचिव और पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी उत्पल कुमार सिंह को संसद टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनकी नियुक्ति को संसद टीवी के संसदीय संचार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सिंह ने प्रशासनिक क्षेत्र में दशकों का अनुभव हासिल किया है, जिसमें केदारनाथ पुनर्विकास परियोजना में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा गया है।


प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

65 वर्षीय उत्पल कुमार सिंह बिहार के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त कर पूरी की। इसके बाद, उन्होंने नीदरलैंड्स के हेग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज़ से पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री हासिल की, जिससे उनकी शैक्षणिक योग्यता और भी मजबूत हुई।

उनका सार्वजनिक सेवा में प्रवेश भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 1986 बैच, उत्तराखंड कैडर के तहत हुआ, जहाँ उन्होंने उत्तर प्रदेश के इटावा में उप-जिलाधिकारी के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की।


केदारनाथ पुनर्विकास परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान

2013 में आई विनाशकारी केदारनाथ बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण कार्य में उत्पल कुमार सिंह की भूमिका अतुलनीय रही। वे रुद्रप्रयाग के तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के साथ मिलकर इस परियोजना को सफल बनाने में अग्रणी रहे।

2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारपुरी क्षेत्र में पांच प्रमुख पुनर्निर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिसमें केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी शामिल था। इस पूरे कार्य में सिंह की कार्यकुशलता और निष्ठा की स्वयं प्रधानमंत्री ने सराहना की। उनकी निरंतर निरीक्षण यात्राएँ और परियोजना की प्रगति पर नजर ने इसे आपदा पुनर्वास और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण का आदर्श उदाहरण बना दिया।

इस परियोजना की सफलता के कारण सिंह और घिल्डियाल दोनों को उच्च प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति मिली।


उत्तराखंड और केंद्र सरकार में प्रशासनिक भूमिका

अक्टूबर 2017 में सिंह को उत्तराखंड का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने जुलाई 2020 तक कई विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और आधारभूत संरचनात्मक कार्यों की निगरानी की। इस दौरान, चारधाम राजमार्ग परियोजना को सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण और विकास संबंधी मुद्दों के कारण चुनौती मिली, जो राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी।

इसके पहले, 2012 में उन्होंने केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में काम किया, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय नीतिगत फैसलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अगस्त 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद सिंह को लोकसभा सचिवालय का सचिव नियुक्त किया गया और बाद में वे लोकसभा महासचिव के पद पर पहुंचे, जो संसद के निचले सदन का सर्वोच्च प्रशासनिक पद है।


राजनीतिक और प्रशासनिक संबंध

उत्पल कुमार सिंह को अनुशासित और मितभाषी प्रशासक के रूप में जाना जाता है। वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बी.सी. खंडूरी के करीबी सहयोगी रहे हैं और उनके कार्यकाल में प्रमुख सचिव के रूप में काम कर चुके हैं।

2005 से 2012 के बीच उन्होंने उत्तराखंड सरकार में गृह, लोक निर्माण, ऊर्जा, पर्यटन और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उनकी निष्पक्षता और सहज उपलब्धता के कारण वे नेताओं और अधिकारियों दोनों के बीच सम्मानित रहे।


संसद टीवी में भूमिका और जिम्मेदारियाँ

संसद टीवी के सीईओ के अतिरिक्त प्रभार के साथ उत्पल कुमार सिंह से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने व्यापक प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन कौशल और संवाद क्षमताओं का उपयोग करते हुए चैनल की कार्यक्षमता और प्रभाव को बढ़ाएंगे।

लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी के विलय से बने संसद टीवी का लक्ष्य संसदीय कार्यवाही, विधायी प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मुद्दों को जनता तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुँचाना है। सिंह की नियुक्ति इस चैनल के नेतृत्व के प्रति उच्च स्तर के भरोसे को दर्शाती है, जो उन्होंने अपने IAS करियर में अनेक चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं और संस्थानों का सफल संचालन कर अर्जित किया है।


निष्कर्ष

उत्पल कुमार सिंह की नियुक्ति संसद टीवी के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उनके अनुभव और नेतृत्व से चैनल की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोकतंत्र के संवाहक के रूप में इसकी भूमिका और भी मजबूत होगी। संसद टीवी अब और अधिक प्रभावी ढंग से देशवासियों तक संसदीय सूचनाओं को पहुंचाने में सक्षम होगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ेगी।

उनका यह नया पद भारतीय प्रशासनिक सेवा के समर्पण, दक्षता और निष्ठा का प्रतीक है, जो संसद टीवी को एक विश्वसनीय और आधुनिक संसदीय मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम करेगा।

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