भारत ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (Global Innovation Index – GII) 2025 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और अब वह 38वें स्थान पर पहुँच गया है। यह रिपोर्ट विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित की जाती है। वर्ष 2020 में भारत की रैंक 48 थी, यानी पाँच वर्षों में भारत ने 10 स्थानों की छलांग लगाई है। इसके साथ ही भारत निम्न-मध्यम आय वाले देशों तथा मध्य और दक्षिण एशिया क्षेत्र में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
यह सुधार भारत के बढ़ते हुए अनुसंधान निवेश, नवाचार-आधारित नीतियों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास पर मजबूत फोकस को दर्शाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह विषय अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स, भारत की वैश्विक स्थिति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास जैसे खंडों में विशेष महत्व रखता है।
विश्व के शीर्ष 10 नवाचारी देश (GII 2025)
| रैंक | देश | स्कोर |
|---|---|---|
| 1 | स्विट्ज़रलैंड | 66 |
| 2 | स्वीडन | 62.6 |
| 3 | अमेरिका | 61.7 |
| 4 | दक्षिण कोरिया | 60 |
| 5 | सिंगापुर | 59.8 |
| 6 | यूनाइटेड किंगडम | 59.1 |
| 7 | फ़िनलैंड | 57.7 |
| 8 | नीदरलैंड | 57 |
| 9 | डेनमार्क | 56.9 |
| 10 | चीन | 56.6 |
स्पष्ट है कि यूरोप इस सूचकांक में शीर्ष पर हावी है, क्योंकि शीर्ष 10 में 6 यूरोपीय देश शामिल हैं। वहीं, एशिया से दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और चीन शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रहे।
क्षेत्रीय मुख्य बिंदु
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यूरोप: शीर्ष 10 में 6 देश और शीर्ष 25 में 15 देश।
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उत्तर अमेरिका: अमेरिका (3) और कनाडा (17)।
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एशिया: दक्षिण कोरिया (4), सिंगापुर (5), चीन (10)।
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दक्षिण-मध्य एशिया: भारत (38) शीर्ष स्थान पर।
भारत का प्रदर्शन (GII 2025)
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वैश्विक रैंक: 38
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स्कोर: लगभग 40.5
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2020 की तुलना में: 48 → 38 (10 स्थान की प्रगति)
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निम्न-मध्यम आय वाले देशों और दक्षिण-मध्य एशिया में स्थान: 1
भारत की मजबूतियाँ
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ज्ञान और तकनीकी उत्पादन: 22वाँ स्थान
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बाज़ार परिपक्वता: 38वाँ स्थान
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मानव पूंजी और अनुसंधान: शीर्ष 40 में
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स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल नवाचार: उल्लेखनीय योगदान
भारत की कमजोरियाँ
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व्यापार परिपक्वता: 64वाँ स्थान
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अवसंरचना: 61वाँ स्थान
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संस्थान: 58वाँ स्थान
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) के बारे में
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प्रकाशक: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO)
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देशों की संख्या: 139
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सूचकांक आधारित: 80 से अधिक संकेतक, 7 स्तंभों पर
GII के 7 स्तंभ
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संस्थान
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मानव पूंजी और अनुसंधान
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अवसंरचना
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बाज़ार परिपक्वता
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व्यापार परिपक्वता
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ज्ञान और तकनीकी उत्पादन
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रचनात्मक उत्पादन
यह सूचकांक दर्शाता है कि कोई देश नवाचार-आधारित विकास को किस प्रकार प्रोत्साहित कर रहा है और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को आर्थिक उत्पादन में कितनी दक्षता से बदल पा रहा है।
भारत की प्रगति के पीछे कारण
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं:
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स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशन: नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा।
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राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF): अनुसंधान और विकास के लिए संरचनात्मक सहयोग।
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तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास: IITs, IISERs, और विश्वविद्यालयों में शोध निवेश।
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मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल: घरेलू उत्पादन और नवाचार पर जोर।
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AI, बायोटेक्नोलॉजी और ग्रीन टेक्नोलॉजी में अग्रणी परियोजनाएँ।
भारत के लिए आगे की चुनौतियाँ
हालांकि भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं:
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अवसंरचना (Infrastructure) में सुधार की आवश्यकता।
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व्यापार परिपक्वता (Business Sophistication) में पिछड़ापन।
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संस्थागत दक्षता को मजबूत करने की आवश्यकता।
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ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार और अनुसंधान का विस्तार।
स्थिर तथ्य (Exam के लिए महत्वपूर्ण)
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सूचकांक नाम: ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025
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प्रकाशित करने वाला: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO)
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भारत की रैंक (2025): 38
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भारत की रैंक (2020): 48
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शीर्ष देश (2025): स्विट्ज़रलैंड (66 स्कोर)

