भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण है। नीरज घायवान की नई हिंदी फ़िल्म “होमबाउंड” को ऑस्कर 2026 (98वें अकादमी पुरस्कार) में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फ़िल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। यह घोषणा कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चयन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ फिल्मकार एन. चंद्रा ने की।
इस चयन प्रक्रिया में 12 सदस्यीय जूरी ने कुल 24 मज़बूत दावेदार फिल्मों की समीक्षा की और सर्वसम्मति से “होमबाउंड” को भारत की प्रविष्टि के रूप में चुना। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की नई संभावनाओं और यथार्थवादी सामाजिक कथाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
“होमबाउंड”: दोस्ती, पहचान और क्षति की कहानी
“होमबाउंड” की कहानी पत्रकार बशारत पीर के न्यूयॉर्क टाइम्स लेख “Taking Amrit Home” से प्रेरित है। फिल्म की पृष्ठभूमि ग्रामीण भारत की है, जहां दो बचपन के दोस्त – एक मुस्लिम और एक दलित – पुलिस सेवा में नौकरी पाकर अपने जीवन में गरिमा की तलाश करते हैं।
हालांकि, जातिगत सच्चाइयाँ और साम्प्रदायिक पहचान उनके रिश्ते और सपनों पर चुनौती बनती हैं। कहानी में एक अनपेक्षित त्रासदी भी शामिल है, जो उनके जीवन की कसौटी बनती है। यह फिल्म दोस्ती, न्याय, समानता और सामाजिक संघर्षों की संवेदनशील परतों को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उपलब्धियां
“होमबाउंड” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। फिल्म ने कान्स 2025 में Un Certain Regard खंड में प्रीमियर किया और इसे 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला।
इसके अलावा, फिल्म ने टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में People’s Choice श्रेणी में दूसरा रनर-अप स्थान प्राप्त किया और मेलबर्न भारतीय फिल्म महोत्सव (IFFM) में सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता।
ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि फिल्म ने सिर्फ भारतीय दर्शकों तक ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है।
नीरज घायवान और उनकी टीम
निर्देशक नीरज घायवान की फिल्मों की पहचान यथार्थवादी कहानियों और संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत करने में रही है। उनकी पहली फिल्म “मसान” (2015) ने भी आलोचकों से व्यापक सराहना प्राप्त की थी।
“होमबाउंड” के निर्माता हैं करण जौहर और आदर पूनावाला, जिन्होंने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूत मंच प्रदान किया। मुख्य कलाकारों में ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और विशाल जेठवा शामिल हैं।
फिल्म के निर्माण में विशेष सहयोग प्रदान किया है दिग्गज फिल्मकार मार्टिन स्कॉर्सेसी ने, जो कार्यकारी निर्माता के रूप में स्क्रिप्ट विकास और पोस्ट-प्रोडक्शन प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। स्कॉर्सेसी ने इस फिल्म को “भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण योगदान” बताया।
भारतीय स्वतंत्र सिनेमा की उपलब्धि
नीरज घायवान की फिल्में सामाजिक विषमताओं, हाशिए की आवाज़ों और मानवीय रिश्तों को उजागर करती हैं। “होमबाउंड” भी भारतीय समाज की यथार्थवादी झलक प्रस्तुत करती है और नई पीढ़ी के दर्शकों को जागरूक करती है।
यह फिल्म भारतीय स्वतंत्र सिनेमा का प्रतिनिधित्व करती है, जो सांस्कृतिक और यथार्थवादी दृष्टिकोण के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी छवि स्थापित कर रही है।
भारत और ऑस्कर का सफर
अब तक भारत से केवल तीन फिल्मों को Best International Feature Film श्रेणी में नामांकित किया गया है:
-
मदर इंडिया (1957) – महबूब ख़ान
-
सलाम बॉम्बे! (1988) – मीरा नायर
-
लगान (2001) – आशुतोष गोवारिकर
(दीपा मेहता की “वॉटर” भी नामांकित हुई थी, लेकिन वह कनाडा की ओर से प्रविष्टि थी।)
हालांकि अब तक भारत ने इस श्रेणी में जीत नहीं हासिल की है, लेकिन “होमबाउंड” इस लक्ष्य के नज़दीक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
स्थायी तथ्य:
-
फ़िल्म का नाम: होमबाउंड
-
निर्देशक: नीरज घायवान
-
भारत की प्रविष्टि: ऑस्कर 2026 – सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फ़िल्म
-
आधार: “Taking Amrit Home” (बशारत पीर)
-
निर्माता: करण जौहर, आदर पूनावाला
-
मुख्य कलाकार: ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर, विशाल जेठवा
-
विशेष सहयोग: मार्टिन स्कॉर्सेसी (कार्यकारी निर्माता)

