NCS पोर्टल पर रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार- Zepto का सहयोग

NCS पोर्टल पर रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार- Zepto का सहयोग

मज़दूरी एवं रोज़गार मंत्रालय ने युवाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर और उनकी रोज़गार योग्यता (Employability) को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सितंबर 2025 में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की उपस्थिति में मंत्रालय और Zepto (प्रमुख क्विक-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और प्रथम बार नौकरी तलाशने वालों के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।

यह पहल न केवल नौकरियों की उपलब्धता बढ़ाएगी, बल्कि गिग और प्लेटफ़ॉर्म आधारित अर्थव्यवस्था में काम करने वाले वर्करों को औपचारिक रोजगार संरचना, सामाजिक सुरक्षा और प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।


राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल: एक डिजिटल सेतु

राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल की शुरुआत 20 जुलाई 2015 को मज़दूरी एवं रोज़गार मंत्रालय द्वारा की गई थी। इस पोर्टल का उद्देश्य नौकरी खोजने वालों और सत्यापित नियोक्ताओं को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ना है।

NCS की मुख्य विशेषताएँ:

  • शुरुआत: 20 जुलाई 2015

  • मंत्रालय: मज़दूरी एवं रोज़गार मंत्रालय

  • वेबसाइट: www.ncs.gov.in

  • उद्देश्य: रोजगार मिलान, करियर मार्गदर्शन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, जॉब फेयर और शिकायत निवारण

  • पंजीकृत नियोक्ता: 52 लाख से अधिक

  • शुरुआत से अब तक रिक्तियां: लगभग 7.5 करोड़

यह पोर्टल युवाओं के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ वे नौकरी के साथ-साथ प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग और स्किल डेवलपमेंट की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।


साझेदारी की मुख्य विशेषताएँ

1. रोजगार सृजन

इस MoU के तहत Zepto 10,000 शहरी रोजगार अवसर उपलब्ध कराएगा। यह अवसर विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और प्रथम बार नौकरी करने वालों के लिए होंगे।

क्विक-कॉमर्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र में यह पहल न केवल अस्थायी रोजगार देगी, बल्कि गिग और प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था को संरचित एवं स्थिर रोजगार मॉडल में बदलने की दिशा में भी मदद करेगी।

2. रोजगार योग्यता (Employability) में वृद्धि

केवल नौकरियाँ देना ही इस पहल का उद्देश्य नहीं है, बल्कि युवाओं की क्षमता बढ़ाना और उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना भी इसका हिस्सा है।

मुख्य कदमों में शामिल हैं:

  • गिग वर्करों का औपचारिकरण

  • e-Shram पोर्टल से एकीकरण

  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुँच

  • कौशल विकास एवं प्रशिक्षण अवसर

इससे युवाओं को केवल “नौकरी” ही नहीं, बल्कि करियर ग्रोथ का मार्ग भी मिलेगा।

3. सामाजिक सुरक्षा और संरक्षण

आज के समय में गिग वर्कर और प्लेटफ़ॉर्म आधारित कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता की होती है। इस साझेदारी से इन कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा:

  • ई-श्रम पंजीकरण (असंगठित मज़दूरों का राष्ट्रीय डाटाबेस)

  • सरकारी बीमा योजनाएँ

  • स्वास्थ्य देखभाल योजनाएँ

  • वित्तीय समावेशन से जुड़ी सुविधाएँ

इससे असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों और औपचारिक रोजगार व्यवस्था के बीच की खाई कम होगी।


इस पहल का व्यापक प्रभाव

  1. युवाओं के लिए अवसर – 10,000 नौकरियाँ शहरी क्षेत्रों में युवाओं को रोज़गार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।

  2. महिलाओं की भागीदारी – क्विक-कॉमर्स सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से जेंडर बैलेंस मजबूत होगा।

  3. प्रथम बार नौकरी खोजने वाले – यह पहल उन युवाओं के लिए खास मददगार होगी जो पहली बार जॉब मार्केट में कदम रख रहे हैं।

  4. गिग इकॉनमी को मजबूती – गिग वर्करों को औपचारिक रोजगार ढाँचे से जोड़ना भविष्य में उन्हें सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा।

  5. कौशल विकास – प्रशिक्षण और अपस्किलिंग से रोजगार योग्यता में वृद्धि होगी और उद्योगों को क्वालिटी वर्कफोर्स मिलेगी।


प्रमुख तथ्य (Static Facts)

  • समझौता हुआ: सितंबर 2025

  • संस्थान: मज़दूरी एवं रोज़गार मंत्रालय और Zepto

  • रोज़गार अवसर: 10,000

  • लाभार्थी: युवा, महिलाएँ, प्रथम बार नौकरी करने वाले

  • पोर्टल: राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS)

  • NCS शुरुआत: 20 जुलाई 2015

  • ई-श्रम एकीकरण: सक्षम किया गया

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