भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय क्रिकेट के चयन तंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 28 सितंबर 2025 को हुई अपनी वार्षिक सामान्य सभा (AGM) के दौरान, BCCI ने दो पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों—प्रज्ञान ओझा और रुद्र प्रताप सिंह (RP सिंह)—को सीनियर मेन्स सेलेक्शन कमिटी का नया सदस्य नियुक्त किया। यह नियुक्तियाँ एस शरथ और सुब्रतो बनर्जी के स्थान पर की गई हैं, जबकि समिति का नेतृत्व पूर्व तेज गेंदबाज अजित अगरकर करते रहेंगे।
यह निर्णय उस समय आया जब BCCI ने इस महीने की शुरुआत में दो खाली पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। चयन प्रक्रिया सख्त मानदंडों पर आधारित थी, जिसमें क्रिकेट के उच्चतम स्तर पर अनुभव और योग्यता को प्राथमिकता दी गई।
नए चयनकर्ताओं की प्रोफाइल
प्रज्ञान ओझा – दक्षिण क्षेत्र के प्रतिनिधि
प्रज्ञान ओझा, भारतीय क्रिकेट में एक प्रसिद्ध लेफ्ट-आर्म स्पिनर रहे हैं, जिन्होंने 2008 से 2013 के बीच भारत के लिए कुल 24 टेस्ट, 8 वनडे और 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्हें उपमहाद्वीपीय पिचों पर सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करने के लिए जाना जाता है।
घरेलू क्रिकेट में ओझा ने हैदराबाद और बाद में बंगाल के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, और IPL में डेक्कन चार्जर्स तथा मुंबई इंडियंस जैसी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाई। वह 2009 में IPL के पर्पल कैप विजेता भी रहे। उन्होंने साउथ ज़ोन से आवेदन किया था और चयनकर्ता बनने के लिए सभी आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा किया।
आरपी सिंह – मध्य क्षेत्र के प्रतिनिधि
रुद्र प्रताप सिंह, जिन्हें आमतौर पर आरपी सिंह के नाम से जाना जाता है, भारत के तेज गेंदबाजों में एक अहम नाम रहे हैं। उन्होंने 2005 से 2011 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला, जिसमें 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। वह भारत की 2007 T20 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा भी थे और उनकी स्विंग गेंदबाजी ने भारत को उस ऐतिहासिक जीत तक पहुँचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
आरपी सिंह ने सेंट्रल ज़ोन से आवेदन किया था और सुब्रतो बनर्जी की जगह लेंगे। तेज गेंदबाजों की दृष्टि से उनकी मौजूदगी चयन समिति में संतुलन बनाएगी, खासकर जब तेज गेंदबाजों की फिटनेस और प्रदर्शन चयन में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
अपडेटेड BCCI सीनियर मेन्स सेलेक्शन कमिटी (2025)
| पद | नाम | ज़ोन |
|---|---|---|
| अध्यक्ष | अजित अगरकर | वेस्ट ज़ोन |
| सदस्य | शिव सुंदर दास | ईस्ट ज़ोन |
| सदस्य | अजय रात्रा | नॉर्थ ज़ोन |
| सदस्य | प्रज्ञान ओझा | साउथ ज़ोन |
| सदस्य | आरपी सिंह | सेंट्रल ज़ोन |
चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड
BCCI के चयनकर्ता बनने के लिए सख्त मापदंड निर्धारित हैं। उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं में से कम से कम एक को पूरा करना होता है:
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कम से कम 7 टेस्ट या 30 फर्स्ट-क्लास मैच, या
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कम से कम 10 वनडे और 20 फर्स्ट-क्लास मैच
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कम से कम 5 वर्ष पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया हो
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BCCI की किसी क्रिकेट समिति में अधिकतम 5 वर्ष तक सेवा की हो
प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह दोनों इन शर्तों को पूरा करते हैं। चयन के लिए जिन अन्य पूर्व खिलाड़ियों ने आवेदन किया था, उनमें प्रवीन कुमार, अमय खुरसिया, आशिष विन्स्टन ज़ैदी और शक्ति सिंह जैसे नाम शामिल थे, लेकिन अंतिम चयन ओझा और आरपी सिंह के पक्ष में हुआ।
इस बदलाव का संभावित प्रभाव
चयन समिति में यह बदलाव कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहां अनुभव और संतुलन की दृष्टि से समिति को और मजबूती मिली है, वहीं यह चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी दर्शाता है।
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स्पिन और तेज गेंदबाजी में विशेषज्ञता: प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह की नियुक्ति से गेंदबाजी विभाग पर गहरी समझ रखने वाले विशेषज्ञों की मौजूदगी सुनिश्चित हुई है।
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घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता: दोनों चयनकर्ताओं का घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव रहा है, जिससे युवा खिलाड़ियों की पहचान और अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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नई दृष्टिकोण की उम्मीद: पिछले चयनकर्ताओं की तुलना में ओझा और सिंह अपेक्षाकृत नए हैं, जिससे एक ताज़ा दृष्टिकोण और आधुनिक सोच की उम्मीद की जा सकती है।
BCCI नेतृत्व में भी बदलाव
चयन समिति में इन बदलावों के साथ-साथ BCCI के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हुआ है। मिथुन मन्हास, जो एक अनुभवी घरेलू क्रिकेटर और कोच रहे हैं, को BCCI का नया अध्यक्ष चुना गया है। यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के प्रबंधन और रणनीति में संभावित बदलाव का संकेत देता है।

