भारतीय तटरक्षक बल ने चेन्नई तट पर 10वां NATPOLREX अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया
भारतीय तटरक्षक बल ने चेन्नई तट पर 10वां NATPOLREX अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया

भारतीय तटरक्षक बल ने चेन्नई तट पर 10वां NATPOLREX अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया

चेन्नई, 7 अक्टूबर 2025 — भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) ने तमिलनाडु के चेन्नई तट पर 10वां राष्ट्रीय स्तरीय प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास (NATPOLREX-X) शुरू किया। दो दिनों तक चलने वाला यह द्विवार्षिक अभ्यास भारत की समुद्री तेल प्रदूषण से निपटने की तैयारी और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह आयोजन 27वीं राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना (NOSDCP) बैठक के साथ समवेत रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के कई प्रमुख हितधारक, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। NATPOLREX-X के माध्यम से भारत यह प्रदर्शित कर रहा है कि वह समुद्री पर्यावरण संरक्षण और तेल प्रदूषण नियंत्रण में एक वैश्विक नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।


 NATPOLREX क्या है?

राष्ट्रीय स्तरीय प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास (National Pollution Response Exercise – NATPOLREX) भारतीय तटरक्षक बल द्वारा हर दो वर्ष में आयोजित किया जाता है।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना (NOSDCP) के तहत किया जाता है, जिसके अंतर्गत ICG देश में तेल प्रदूषण से निपटने का केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण (Central Coordinating Authority) है।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के पास समुद्री तेल रिसाव (Marine Oil Spill) की किसी भी बड़ी घटना से निपटने के लिए पर्याप्त तकनीकी, मानव संसाधन और समन्वय क्षमताएँ मौजूद हों।


 NATPOLREX-X (2025) के प्रमुख उद्देश्य

  1. तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन – बड़े पैमाने पर समुद्री तेल रिसाव की स्थिति में भारत की तैयारियों का परीक्षण।

  2. अंतर-एजेंसी समन्वय को सुदृढ़ करना – विभिन्न मंत्रालयों, एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच त्वरित और एकीकृत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना।

  3. तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन – तेल नियंत्रण, सीमांकन (Containment) और पुनर्प्राप्ति (Recovery) के लिए नवीनतम उपकरणों और प्रणालियों का उपयोग।

  4. अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना – विदेशी विशेषज्ञों और देशों के बीच अनुभव साझा कर वैश्विक समुद्री पर्यावरणीय शासन को मजबूत करना।


 भागीदारी और पैमाना

इस वर्ष का NATPOLREX-X आयोजन अपने पैमाने और सहभागिता के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास माना जा रहा है।

इसमें भाग ले रहे हैं:

  • केंद्रीय मंत्रालय और विभाग — पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय, बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, और रक्षा मंत्रालय।

  • तटीय राज्य सरकारें — विशेष रूप से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा।

  • मुख्य बंदरगाह एवं तेल टर्मिनल्स — चेन्नई पोर्ट, कोच्चि पोर्ट और विशाखापत्तनम।

  • सार्वजनिक एवं निजी तेल कंपनियाँ — इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और अन्य।

  • रक्षा बलों की भागीदारी — भारतीय नौसेना, वायुसेना, और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 32 देशों के 40 से अधिक विदेशी पर्यवेक्षक और लगभग 100 राष्ट्रीय प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे भारत की वैश्विक सहयोग भावना और पर्यावरणीय नेतृत्व का संदेश जाता है।


 संचालन प्रदर्शन और तकनीकी क्षमताएँ

भारतीय तटरक्षक बल इस अभ्यास के दौरान अपनी उन्नत प्रदूषण प्रतिक्रिया क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा।
मुख्य तैनाती में शामिल होंगे:

  • प्रदूषण नियंत्रण पोत (Pollution Control Vessels – PCVs), जिनमें containment booms, oil skimmers, और recovery tanks लगे होंगे।

  • स्थिर-पंख विमान और हेलीकॉप्टर, जो वायु निगरानी और तेल फैलाव के मानचित्रण में सहायक होंगे।

  • Oil Spill Dispersant Systems और Recovery Units, जो प्रदूषण नियंत्रण और तटीय सफाई अभियानों में प्रयोग किए जाएंगे।

  • Maritime Rescue Coordination Centre (MRCC) और क्षेत्रीय कमांड स्टेशनों के बीच real-time coordination links स्थापित किए जाएंगे।

इस अभ्यास में स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिक्रिया प्रणाली — जिसे Tiered Response Mechanism कहा जाता है — का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भारत अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में किसी भी तेल प्रदूषण आपात स्थिति से शीघ्रता और प्रभावी ढंग से निपट सके।


 भारत का समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया नेटवर्क

भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन देश का नोडल एजेंसी है जो समुद्री तेल प्रदूषण से निपटने के लिए जिम्मेदार है।
देश में तीन प्रमुख प्रदूषण प्रतिक्रिया केंद्र (Pollution Response Centres – PRCs) मुंबई, चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर में स्थित हैं।
ये केंद्र समुद्री निगरानी, तटीय समन्वय और तेल प्रदूषण की घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं।

भारत MARPOL 73/78 अंतरराष्ट्रीय समुद्री संधि का हस्ताक्षरकर्ता है और दक्षिण एशियाई समुद्री पर्यावरण सहयोग कार्यक्रम (SACEP) का सदस्य भी है।
इन अंतरराष्ट्रीय ढाँचों के माध्यम से भारत क्षेत्रीय स्तर पर समुद्री पर्यावरण संरक्षण और तेल प्रदूषण रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


मुख्य तथ्य

विषय विवरण
अभ्यास का नाम NATPOLREX-X (10वां राष्ट्रीय स्तरीय प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास)
आयोजक भारतीय तटरक्षक बल (ICG)
स्थान चेन्नई तट, तमिलनाडु
अवधि दो दिन (7–8 अक्टूबर 2025)
संबद्ध कार्यक्रम 27वीं राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना (NOSDCP) बैठक
मुख्य उद्देश्य तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन और अंतर-एजेंसी सहयोग को सुदृढ़ करना

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