भारत-ब्रिटेन ने किया पहला समेकित विमानवाहक पोत हमला अभ्यास
भारत-ब्रिटेन ने किया पहला समेकित विमानवाहक पोत हमला अभ्यास

भारत-ब्रिटेन ने किया पहला समेकित विमानवाहक पोत हमला अभ्यास

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच रक्षा सहयोग के इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। दोनों देशों ने पहली बार अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (Carrier Strike Group – CSG) को एक साथ तैनात कर संयुक्त नौसैनिक युद्धाभ्यास किया।
एक्सरसाइज कोंकण-2025 (Exercise Konkan-2025) नामक यह अभ्यास 5 से 9 अक्टूबर 2025 तक भारत के पश्चिमी तट के पास अरब सागर में आयोजित हुआ। इसने भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उनकी साझा समुद्री सुरक्षा दृष्टि को मजबूत किया।


 एक्सरसाइज कोंकण: एक दीर्घकालिक सहयोग की कहानी

एक्सरसाइज कोंकण भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच 2004 में शुरू हुआ एक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की नौसैनिक क्षमताओं, प्रशिक्षण और रणनीतिक समन्वय को बढ़ावा देना रहा है।

बीते दो दशकों में यह अभ्यास बुनियादी तालमेल अभ्यास (Interoperability Drills) से आगे बढ़कर अब एक पूर्ण पैमाने का युद्धाभ्यास (Full-Scale Combat Exercise) बन चुका है। इससे न केवल सैन्य संचालन में सहयोग बढ़ा है, बल्कि दोनों देशों की रक्षा कूटनीति (Defence Diplomacy) भी सुदृढ़ हुई है।


 2025 संस्करण की प्रमुख उपलब्धियाँ

कोंकण-2025 इस श्रृंखला का अब तक का सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत संस्करण माना जा रहा है। इस बार कई नए आयाम जोड़े गए:

  1. पहली बार दोनों देशों के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (CSG) शामिल हुए।

    • भारत की ओर से INS Vikrant, देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, प्रमुख भूमिका में रहा।

    • ब्रिटेन की ओर से HMS Prince of Wales, 65,000 टन वज़नी क्वीन एलिज़ाबेथ-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर, अभ्यास का केंद्र रहा।

  2. बहुराष्ट्रीय सहयोग:

    • भारत और ब्रिटेन के अलावा, इस अभ्यास में नॉर्वे और जापान के नौसैनिक जहाज़ों ने भी भाग लिया। इससे यह अभ्यास क्षेत्रीय सहयोग के बड़े मंच में परिवर्तित हो गया।

  3. पूर्ण-स्तरीय समुद्री युद्धाभ्यास:

    • वायु-समुद्र अभियानों, पनडुब्बी रोधी रणनीतियों, फ्लीट रक्षा और समुद्री अवरोधन जैसे अभ्यासों को शामिल किया गया।

    • इससे दोनों नौसेनाओं की “Blue-Water Naval Capability” (महासागर-आधारित अभियान क्षमता) का प्रदर्शन हुआ।


 प्रमुख नौसैनिक परिसंपत्तियाँ (Key Naval Assets)

देश प्रमुख जहाज़ विवरण
 भारत INS Vikrant पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत; भारतीय नौसेना की आधुनिक शक्ति का प्रतीक
 ब्रिटेन HMS Prince of Wales 65,000 टन वज़नी क्वीन एलिज़ाबेथ-क्लास कैरियर
ब्रिटेन HMS Richmond आधुनिक फ्रिगेट; अभ्यास के बाद मुंबई में तैनात
दोनों लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, पनडुब्बियाँ, आपूर्ति पोत वायु एवं समुद्री युद्धाभ्यासों के लिए प्रयोग में लाए गए

इन परिसंपत्तियों के माध्यम से दोनों देशों ने उच्च स्तरीय संयुक्त संचालन (Joint Operations) की क्षमता का प्रदर्शन किया।


 अभ्यास में किए गए प्रमुख अभियान

  1. कैरियर-आधारित वायु युद्ध अभियान (Carrier-Based Air Warfare Operations)

    • मिग-29K और F-35 जैसे विमानों ने समुद्र से उड़ान भरते हुए “Beyond Visual Range” (BVR) एयर कॉम्बैट ड्रिल्स में भाग लिया।

    • दोनों नौसेनाओं के पायलटों ने क्रॉस-डेक उड़ानें भी संचालित कीं, जिससे वायु समन्वय को मजबूती मिली।

  2. पनडुब्बी रोधी युद्धाभ्यास (Anti-Submarine Warfare)

    • दोनों देशों की पनडुब्बियों और ASW हेलीकॉप्टरों ने समुद्र के नीचे निगरानी और सटीक ट्रैकिंग का अभ्यास किया।

  3. फ्लीट रक्षा एवं समुद्री अवरोधन (Fleet Defence & Maritime Interdiction)

    • एकजुट फ्लीट ने समुद्र में ‘High-Threat Environment’ स्थितियों में बचाव, रक्षा और जवाबी कार्रवाई की सिमुलेशन ड्रिल्स कीं।

  4. संयुक्त सामरिक युद्धाभ्यास (Joint Tactical Manoeuvres)

    • खुले समुद्र में फॉर्मेशन बदलने, संचार समन्वय और मल्टी-डोमेन संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया।

इन अभियानों ने दोनों नौसेनाओं की संचालन-तत्परता (Operational Readiness), तालमेल (Interoperability) और रणनीतिक दृढ़ता (Strategic Resilience) को प्रदर्शित किया।


 रणनीतिक महत्व

कोंकण-2025 सिर्फ एक अभ्यास नहीं बल्कि एक रणनीतिक संकेत है —
भारत और ब्रिटेन अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता और सामूहिक स्थिरता के लिए एकजुट दृष्टि साझा कर रहे हैं।

  • यह अभ्यास “Free and Open Indo-Pacific” की अवधारणा को बल देता है।

  • भारत-ब्रिटेन रक्षा संबंधों को Vision 2030 Roadmap के अनुरूप और मजबूत करता है।

  • दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच लॉजिस्टिक्स, खुफिया साझेदारी और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलती है।


 आगे की दिशा

कोंकण-2025 की सफलता के बाद दोनों देश भविष्य में और अधिक संयुक्त समुद्री अभियानों, रक्षा अनुसंधान और औद्योगिक सहयोग पर कार्य करेंगे।
इसके साथ ही, यह अभ्यास एक ऐसे भविष्य की नींव रखता है जहाँ भारत-ब्रिटेन साझेदारी हिंद-प्रशांत सुरक्षा ढाँचे में निर्णायक भूमिका निभाएगी।


 स्थायी तथ्य

तथ्य विवरण
अभ्यास का नाम एक्सरसाइज कोंकण-2025
प्रकार भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास
पहली बार आयोजित 2004
आवृत्ति द्विवार्षिक (हर दो वर्ष में)
2025 संस्करण की तिथियाँ 5–9 अक्टूबर 2025
स्थान अरब सागर, भारत का पश्चिमी तट
मुख्य उपलब्धि पहला संयुक्त कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (CSG) संचालन

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