RBI ने टोकनयुक्त वित्त के लिए एकीकृत बाजार इंटरफेस (IMT) लॉन्च किया
RBI ने टोकनयुक्त वित्त के लिए एकीकृत बाजार इंटरफेस (IMT) लॉन्च किया

RBI ने टोकनयुक्त वित्त के लिए एकीकृत बाजार इंटरफेस (IMT) लॉन्च किया

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय पारिस्थितिकी में एक मील का पत्थर स्थापित करते हुए Unified Markets Interface (UMI) लॉन्च किया। यह पहल Global Fintech Fest 2025 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा घोषित की गई। UMI का उद्देश्य भारत के वित्तीय बाजारों को सुरक्षित, पारदर्शी और अधिक समावेशी बनाना है और यह RBI की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर दृष्टि का हिस्सा है।

UMI एक अगली पीढ़ी का वित्तीय मंच है, जो वित्तीय परिसंपत्तियों का टोकनाइजेशन और थोक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के उपयोग को सक्षम बनाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म पारंपरिक वित्तीय लेन-देन के तरीकों में नवाचार लाता है और डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


UMI क्या है?

Unified Markets Interface (UMI) एक ब्लॉकचेन-आधारित तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म है, जो निम्नलिखित कार्यों को सक्षम बनाता है:

  1. वित्तीय परिसंपत्तियों का टोकनाइजेशन:

    • बॉन्ड, सिक्योरिटीज और अन्य वित्तीय एसेट्स को डिजिटल टोकन में बदला जाता है।

    • टोकनाइजेशन का मतलब है कि वास्तविक परिसंपत्तियाँ ब्लॉकचेन पर व्यापार योग्य और विभाज्य बन जाती हैं।

    • इससे छोटे और बड़े निवेशक दोनों के लिए भागीदारी आसान और सुरक्षित हो जाती है।

  2. थोक CBDC के माध्यम से सेटलमेंट:

    • UMI थोक CBDC का उपयोग करके तेज़, सुरक्षित और ऑटोमेटेड सेटलमेंट सुनिश्चित करता है।

    • अब CBDC सिर्फ भुगतान का माध्यम नहीं बल्कि जटिल वित्तीय लेन-देन में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

  3. पारदर्शिता और बाजार दक्षता:

    • लेन-देन रीयल-टाइम में ट्रैक होते हैं।

    • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के माध्यम से स्वचालित प्रोसेसिंग होती है, जिससे मानवीय त्रुटियाँ कम होती हैं।

    • फ्रैक्शनल ओनरशिप की सुविधा से निवेशकों को छोटे हिस्सों में निवेश करने का अवसर मिलता है।

UMI के माध्यम से, निवेशक और संस्थान अब एक केंद्रीकृत, सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल मंच के जरिए परिसंपत्तियों का व्यापार कर सकते हैं।


प्रारंभिक पायलट परिणाम

RBI ने UMI के प्रारंभिक पायलट का विवरण साझा किया। इस पायलट ने दिखाया कि:

  • बाजार दक्षता में सुधार हुआ।

  • लेन-देन की गति तेज़ हुई।

  • थोक CBDC का उपयोग सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक वित्तीय संचालन में भी किया गया।

पायलट ने यह प्रमाणित किया कि UMI भारत के वित्तीय परिदृश्य को डिजिटल और अधिक समावेशी बनाने की क्षमता रखता है।


खाता एग्रीगेटर (AA) फ्रेमवर्क

UMI लॉन्च के साथ ही, RBI ने खाता एग्रीगेटर (Account Aggregator – AA) फ्रेमवर्क को भी मजबूत करने का संकेत दिया।

AA फ्रेमवर्क वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य तथ्य:

  • वर्तमान AA इकोसिस्टम:

    • 17 खाता एग्रीगेटर

    • 650 वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता (FIU)

    • 150 वित्तीय सूचना प्रदाता (FIP)

    • 160 मिलियन ग्राहक खातों की सेवा

    • 3.66 बिलियन डेटा अनुरोध संसाधित

  • मुख्य लाभ:

    • उपयोगकर्ता स्वीकृति के साथ वित्तीय डेटा साझा कर सकते हैं।

    • बेहतर वित्तीय निर्णय लेने और क्रेडिट तक आसान पहुँच सुनिश्चित होती है।

AA फ्रेमवर्क के माध्यम से, डिजिटल वित्तीय डेटा को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से साझा किया जा सकता है, जिससे समावेशी वित्तीय प्रणाली मजबूत होती है।


RBI के अन्य डिजिटल उत्पाद

UMI के लॉन्च के साथ ही RBI ने चार नए डिजिटल फिनटेक समाधानों की घोषणा भी की:

  1. UPI HELP: AI आधारित समर्थन उपकरण, छोटे भाषा मॉडल के साथ।

  2. IoT Payments with UPI: कनेक्टेड डिवाइस के माध्यम से पेमेंट की सुविधा।

  3. Banking Connect: सभी बैंकों के लिए इंटरऑपरेबल नेट बैंकिंग इंटरफ़ेस।

  4. UPI Reserve Pay: फंड नियंत्रण और प्री-ऑथराइजेशन के लिए नया UPI फीचर।

इन पहलों का उद्देश्य सुरक्षित, सहज और समावेशी डिजिटल वित्तीय इकोसिस्टम का निर्माण करना है।


UMI के महत्व और लाभ

  1. नवाचार को बढ़ावा: स्टार्टअप और फिनटेक कंपनियाँ अपने टोकनाइज्ड वित्तीय उत्पाद UMI के माध्यम से लॉन्च कर सकती हैं।

  2. सुरक्षा और भरोसा: RBI के नियंत्रण और नियमन के कारण निवेशक और व्यापारी विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का लाभ उठाते हैं।

  3. स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और स्वचालन: भुगतान, डिलीवरी और स्वामित्व परिवर्तन ऑटोमेटेड होते हैं।

  4. वित्तीय समावेशन: छोटे और मध्यम निवेशक भी अब उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल एसेट्स में निवेश कर सकते हैं।

  5. बाजार दक्षता और पारदर्शिता: लेन-देन की गति बढ़ी, लागत कम हुई और डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध है।


स्थायी तथ्य

तथ्य विवरण
पहल एकीकृत बाजार इंटरफेस (UMI)
घोषणा RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा
इवेंट Global Fintech Fest 2025
उद्देश्य थोक CBDC के माध्यम से टोकनाइज्ड वित्तीय परिसंपत्तियों का लेन-देन
तकनीक ब्लॉकचेन आधारित परिसंपत्ति टोकनाइजेशन, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स
लाभार्थी निवेशक, स्टार्टअप, SME, वित्तीय संस्थान

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