भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम देने के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की संयुक्त इकाई अदाणीकॉनेक्स (AdaniConnex) और गूगल (Google) ने मिलकर भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। यह कैंपस विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में विकसित किया जाएगा और इसमें अगले 5 वर्षों में 15 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1.25 लाख करोड़) का निवेश किया जाएगा।
यह परियोजना भारत को वैश्विक एआई अवसंरचना और क्लाउड कंप्यूटिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इस निवेश से भारत में एक गिगावाट-स्तरीय (1 GW) एआई केंद्र स्थापित होगा, जिसे भविष्य में कई गिगावाट तक बढ़ाया जा सकेगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
गिगावाट-स्तरीय डेटा क्षमता
डेटा सेंटर की प्रारंभिक क्षमता 1 गिगावाट (GW) होगी। गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन के अनुसार, यह सुविधा अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा एआई हब होगी।
यह केंद्र गूगल के 12 देशों में फैले वैश्विक एआई नेटवर्क का हिस्सा बनेगा, जो मशीन लर्निंग, डेटा विश्लेषण और एआई-सक्षम सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्षम करेगा।
स्वच्छ ऊर्जा और सबसी केबल नेटवर्क
परियोजना को उच्च प्रदर्शन और हरित ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक अवसंरचना से समर्थन मिलेगा:
-
एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे
-
सौर ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में निवेश
-
आंध्र प्रदेश में उन्नत ट्रांसमिशन नेटवर्क का विकास
इन पहलों से डेटा सेंटर को सतत, उच्च प्रदर्शन और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा आपूर्ति प्राप्त होगी।
रणनीतिक सहयोग और दृष्टि
यह परियोजना गूगल, अदाणीकॉनेक्स और एयरटेल की संयुक्त पहल है।
-
तीनों कंपनियों का अनुभव भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।
-
यह परियोजना क्लाउड सेवाओं के अपनाने और एआई नवाचार को गति देने में मदद करेगी।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसे एक “ऐतिहासिक पहल” बताया, जो भारत में एआई नवाचार और डिजिटल विकास को नई ऊँचाई पर ले जाएगी।
भारत सरकार का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के ‘AI for All’ दृष्टिकोण और डिजिटल इंडिया अभियान को नई ऊर्जा देगा।
उन्होंने इसे प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण (Democratisation of Technology) की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत तेजी से वैश्विक डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है।
-
माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न वेब सर्विसेज़ (AWS), रिलायंस जियो और हिरानंदानी योट्टा जैसी कंपनियां पहले से ही बड़े डेटा पार्क स्थापित कर चुकी हैं।
-
अदाणी–गूगल की यह एआई केंद्रित साझेदारी इस क्षेत्र में नई प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा देगी।
इससे न केवल डेटा प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भारत में एआई और क्लाउड-संबंधित उद्योगों के लिए रोजगार और नवाचार के अवसर भी सृजित होंगे।
परियोजना के रणनीतिक लाभ
-
वैश्विक एआई नेटवर्क का हिस्सा: यह केंद्र गूगल के वैश्विक नेटवर्क से जुड़कर भारत को अंतरराष्ट्रीय एआई और क्लाउड सेवाओं में मजबूत करेगा।
-
हरित ऊर्जा समाधान: सौर ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ, परियोजना पर्यावरण-अनुकूल डेटा सेंटर का मॉडल प्रस्तुत करेगी।
-
रोजगार सृजन: परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार सृजित होंगे।
-
डिजिटल इंडिया और AI मिशन: भारत को वैश्विक डिजिटल नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद।
स्थिर तथ्य (Static Facts)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| साझेदारी | AdaniConnex + Google + Airtel |
| कुल निवेश | $15 अरब (~₹1.25 लाख करोड़) |
| अवधि | 2025–2030 |
| स्थान | विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश |
| प्रारंभिक क्षमता | 1 GW (विस्तार योग्य) |
| ऊर्जा स्रोत | सौर ऊर्जा + ऊर्जा भंडारण + सबसी केबल नेटवर्क |
| ग्लोबल नेटवर्क | Google के 12-देशीय AI हब नेटवर्क का हिस्सा |
| प्रमुख समर्थन | प्रधानमंत्री मोदी और सुंदर पिचाई |

