हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 (Henley Passport Index 2025) जारी कर दिया गया है, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की सूची पेश करता है। यह रैंकिंग इस बात पर आधारित होती है कि किसी देश के नागरिक बिना पूर्व वीज़ा (Visa-Free) या आगमन पर वीज़ा (Visa on Arrival) के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं।
इस वर्ष सिंगापुर ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि भारत पाँच पायदान गिरकर 85वें स्थान पर पहुँच गया है। यह परिवर्तन वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक परिदृश्यों में आ रहे बदलावों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सिंगापुर फिर से नंबर 1
सिंगापुर ने 2025 की सूची में दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बनकर एक बार फिर शीर्ष पर कब्ज़ा किया है। सिंगापुर के नागरिक अब 193 देशों में बिना वीज़ा प्रवेश कर सकते हैं — यह एक नया रिकॉर्ड है।
यह उपलब्धि सिंगापुर की मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, कूटनीतिक विश्वास और स्थिर प्रशासनिक व्यवस्था का परिणाम है।
अक्टूबर 2025: शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट वाले देश
| रैंक | देश | वीज़ा-फ्री गंतव्य |
|---|---|---|
| 1 | सिंगापुर | 193 |
| 2 | दक्षिण कोरिया | 190 |
| 3 | जापान | 189 |
| 4 | जर्मनी, इटली, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड | 188 |
| 5 | ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ़िनलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स | 187 |
| 6 | हंगरी, न्यूज़ीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन | 186 |
| 7 | चेकिया, माल्टा, पोलैंड | 185 |
| 8 | क्रोएशिया, एस्टोनिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, UAE, UK | 184 |
| 9 | कनाडा | 183 |
| 10 | लातविया | 182 |
भारत का प्रदर्शन: 85वें स्थान तक गिरावट
भारत का पासपोर्ट 2024 के 80वें स्थान से गिरकर 2025 में 85वें स्थान पर पहुँच गया है।
अब भारतीय नागरिकों को केवल 62 देशों में बिना वीज़ा या आगमन पर वीज़ा की सुविधा प्राप्त है।
यह स्थिति भारत की वैश्विक गतिशीलता (Global Mobility) को प्रभावित करती है, हालाँकि कूटनीतिक विस्तार और व्यापारिक साझेदारियों में भारत लगातार प्रगति कर रहा है।
भारत की रैंकिंग में यह गिरावट मुख्य रूप से बदलती वीज़ा नीतियों, वैश्विक सुरक्षा चिंताओं और द्विपक्षीय समझौतों से जुड़ी है।
भारत की अब तक की सबसे ऊँची रैंकिंग 2006 में (71वां स्थान) रही, जबकि सबसे निचला स्तर 2021 में (90वां स्थान) दर्ज किया गया था।
आस-पास के देशों की रैंकिंग (2025)
| देश | रैंक |
|---|---|
| चीन | 64 |
| भारत | 85 |
| भूटान | 89 |
| श्रीलंका | 96 |
| नेपाल | 98 |
| बांग्लादेश | 103 |
| पाकिस्तान | 106 |
| अफ़ग़ानिस्तान | 110 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दक्षिण एशियाई देशों में चीन की पासपोर्ट शक्ति सबसे अधिक है, जबकि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान सबसे नीचे हैं।
अमेरिका और यूके की गिरावट
इस वर्ष का एक बड़ा वैश्विक रुझान यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे पारंपरिक महाशक्तियों की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट आई है।
-
अमेरिका अब 12वें स्थान पर है (180 देशों में वीज़ा-फ्री प्रवेश)।
-
यूके, जो 2015 में पहले स्थान पर था, अब 8वें स्थान पर फिसल गया है — यह उसका अब तक का सबसे निचला स्तर है।
यह गिरावट वैश्विक आप्रवासन नीतियों की सख्ती, राजनयिक अस्थिरता, और महामारी के बाद यात्रा प्रतिबंधों के प्रभाव को दर्शाती है।
UAE और चीन की उल्लेखनीय प्रगति
-
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के चलते 10वें स्थान से 8वें स्थान तक छलांग लगाई है।
-
चीन ने पिछले दशक में बड़ी प्रगति की — 2015 के 94वें स्थान से अब 64वें स्थान पर पहुँच गया है, और इस दौरान उसने 37 नए देशों में वीज़ा-फ्री पहुँच हासिल की है।
इन दोनों देशों की उन्नति यह दिखाती है कि सक्रिय कूटनीति और आर्थिक सहयोग कैसे वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता को मजबूत बना सकते हैं।
वैश्विक रुझान और विश्लेषण
-
एशिया का वर्चस्व:
शीर्ष 3 स्थानों पर सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जापान का कब्ज़ा बताता है कि एशिया आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता के चलते वैश्विक विश्वास केंद्र बनता जा रहा है। -
पश्चिमी देशों की गिरावट:
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों की रैंकिंग में गिरावट उनके कड़े आप्रवासन नियमों और राजनयिक असहमति की ओर संकेत करती है। -
मध्य-पूर्व की उभरती ताकत:
UAE जैसे देश अब व्यापार, निवेश और यात्रा स्वतंत्रता में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
Henley Passport Index को लंदन स्थित Henley & Partners द्वारा तैयार किया जाता है।
यह दुनिया के 199 पासपोर्टों को उनकी वीज़ा-फ्री यात्रा पहुँच के आधार पर रैंक करता है।
डेटा International Air Transport Association (IATA) से लिया जाता है और इसे हर तिमाही अपडेट किया जाता है।
यह इंडेक्स किसी देश की राजनयिक शक्ति, वैश्विक संपर्क और नागरिक स्वतंत्रता का सूचक बन चुका है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
-
शीर्ष देश: सिंगापुर (193 देश)
-
भारत: 85वां स्थान, 62 देशों में वीज़ा-फ्री या ऑन-अराइवल सुविधा
-
अमेरिका: 12वां स्थान
-
यूके: 8वां स्थान
-
चीन: 64वां स्थान
-
सबसे निचला देश: अफ़ग़ानिस्तान (27 देश)

