भारत पोस्ट (India Post) ने घोषणा की है कि वह 15 अक्टूबर 2025 से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के लिए सभी श्रेणियों की अंतर्राष्ट्रीय डाक सेवाओं को फिर से शुरू करेगा। यह कदम लगभग दो महीने के निलंबन के बाद आया है, जो अमेरिकी कस्टम नियमों में बदलाव के कारण लागू किया गया था।
अब भारत पोस्ट ने एक नया Delivery Duty Paid (DDP) मॉडल शुरू किया है, जिससे अमेरिका के कड़े कस्टम नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा और भारतीय ग्राहकों को बिना देरी या कानूनी जटिलताओं के पार्सल भेजने की सुविधा मिलेगी।
क्यों रुकी थीं डाक सेवाएँ
अगस्त 2025 में अमेरिका ने एक नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया, जिसके तहत कम मूल्य वाले अंतर्राष्ट्रीय पार्सल पर शुल्क वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई।
पहले एक शुल्क-मुक्त सीमा (Duty-Free Limit) थी, जिसके अंतर्गत निश्चित मूल्य तक के छोटे पार्सल पर कोई आयात शुल्क नहीं लगता था। लेकिन नए आदेश के बाद यह सीमा समाप्त कर दी गई और सभी पार्सल को International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत आयात शुल्क के दायरे में लाया गया।
भारत पोस्ट के पास उस समय अमेरिकी कस्टम एजेंसी द्वारा निर्धारित अग्रिम शुल्क वसूली (Prepaid Duty Collection) की कोई व्यवस्था नहीं थी। परिणामस्वरूप, भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी पार्सल और डाक सेवाएँ 22 अगस्त 2025 से अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।
नया समाधान: डिलीवरी ड्यूटी पेड़ (DDP) सिस्टम
समस्या को दूर करने के लिए भारत पोस्ट ने अब Delivery Duty Paid (DDP) सिस्टम शुरू किया है।
इस मॉडल के तहत, अमेरिका जाने वाले हर पार्सल पर लागू शुल्क भारत में ही बुकिंग के समय वसूला जाएगा, ताकि अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग (US Customs and Border Protection – CBP) को अग्रिम रूप से भुगतान किया जा सके।
इस प्रक्रिया में एक अमेरिकी स्वीकृत “Qualified Party” के माध्यम से शुल्क का हस्तांतरण किया जाएगा। यह नया सिस्टम पारदर्शिता, तेजी और भरोसे को बढ़ावा देगा।
शुल्क कैसे लिया जाएगा
DDP सिस्टम के तहत आयात शुल्क की गणना सरल और एकसमान रखी गई है:
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पार्सल के घोषित FOB (Free on Board) मूल्य का 50% फ्लैट शुल्क लिया जाएगा।
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किसी श्रेणी, उत्पाद प्रकार या अतिरिक्त शुल्क की जटिलता नहीं होगी।
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वसूला गया शुल्क सीधे अमेरिकी कस्टम के पास जाएगा।
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ग्राहकों से DDP सेवा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इससे न केवल कस्टम प्रक्रिया तेज होगी बल्कि अमेरिका में डिलीवरी के दौरान अप्रत्याशित चार्ज या शुल्क मांगने की स्थिति भी नहीं बनेगी।
पुनः शुरू होने वाली सेवाएँ
भारत पोस्ट ने कहा है कि 15 अक्टूबर 2025 से निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय सेवाएँ अमेरिका के लिए फिर से उपलब्ध होंगी:
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EMS (Express Mail Service) – तेज़ और ट्रैक की जाने वाली प्रीमियम डाक सेवा।
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एयर पार्सल (Air Parcel Service) – भारी पार्सलों की सुरक्षित हवाई डिलीवरी।
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रजिस्टर्ड पत्र और पैकेट (Registered Mail & Packets) – व्यक्तिगत और आधिकारिक दस्तावेज़ों के लिए।
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ट्रैक्ड पैकेट (Tracked Packet Service) – हल्के पैकेज के लिए किफायती ट्रैकिंग विकल्प।
इन सेवाओं की बुकिंग देशभर के अंतर्राष्ट्रीय डाकघरों (Foreign Post Offices), इंटरनेशनल बिज़नेस सेंटर (IBC) और India Post के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी।
मुख्य तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निलंबन की शुरुआत | 22 अगस्त 2025 |
| पुनः संचालन की तारीख | 15 अक्टूबर 2025 |
| निलंबन का कारण | IEEPA के तहत नए अमेरिकी आयात शुल्क नियम |
| नया अनुपालन मॉडल | Delivery Duty Paid (DDP) |
| शुल्क दर | पार्सल के घोषित FOB मूल्य का 50% |
| अग्रिम शुल्क वसूली | Qualified Party के माध्यम से अमेरिकी कस्टम को भेजा जाएगा |
क्या लाभ होंगे इस बदलाव के
DDP सिस्टम लागू होने से भारत पोस्ट को कई तरह के फायदे होंगे:
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तेज़ कस्टम क्लीयरेंस: पार्सल अमेरिकी सीमा पर रोके बिना सीधे क्लियर हो सकेंगे।
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कम देरी: अब अंतिम मील (Last Mile) में क्लीयरेंस देरी लगभग खत्म हो जाएगी।
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कानूनी सुरक्षा: सभी शिपमेंट्स अमेरिकी कस्टम कानूनों के अनुरूप होंगे।
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ग्राहक सुविधा: अमेरिकी प्राप्तकर्ताओं को अप्रत्याशित शुल्क या टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।
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विश्वसनीयता में वृद्धि: भारत पोस्ट की अंतर्राष्ट्रीय साख और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।
ई-कॉमर्स और MSME क्षेत्र को राहत
भारत पोस्ट के इस निर्णय से सबसे अधिक लाभ ई-कॉमर्स कंपनियों और लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को मिलेगा।
कई छोटे निर्यातक अमेरिका में अपने उत्पाद भेजने के लिए निजी कूरियर कंपनियों पर निर्भर थे, जिनकी लागत अधिक थी।
अब DDP सिस्टम के तहत वे India Post के माध्यम से सस्ते और सुरक्षित तरीके से उत्पाद भेज पाएँगे। इससे भारत का अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन व्यापार (Cross-border E-commerce) और भी सशक्त होगा।
ग्राहकों के लिए सुझाव
भारत पोस्ट ने उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वे अमेरिका के लिए डाक भेजते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:
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पार्सल का सटीक मूल्य (FOB Value) घोषित करें।
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CN22 या CN23 कस्टम फॉर्म सही ढंग से भरें।
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प्रतिबंधित वस्तुओं (जैसे दवाएँ, बैटरी, तरल पदार्थ आदि) को पार्सल में शामिल न करें।
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डाक बुकिंग के समय शुल्क भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें।
भारत पोस्ट की डिजिटल पहल
डाक सेवाओं की पुनः शुरुआत के साथ भारत पोस्ट ने अपनी आईटी और ट्रैकिंग प्रणालियों को भी आधुनिक बनाया है।
अब ग्राहक Track & Trace Portal और India Post मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे।
साथ ही, उन्हें SMS और ई-मेल अलर्ट के माध्यम से पार्सल की हर स्टेज पर अपडेट मिलेंगे — बुकिंग, डिस्पैच, आगमन और डिलीवरी तक।

