UPI जल्द ही जापान में लॉन्च होगा: NPCI और NTT DATA के बीच ऐतिहासिक समझौता
UPI जल्द ही जापान में लॉन्च होगा: NPCI और NTT DATA के बीच ऐतिहासिक समझौता

UPI जल्द ही जापान में लॉन्च होगा: NPCI और NTT DATA के बीच ऐतिहासिक समझौता

भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी — अब जापान में भी वे अपने मोबाइल से UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए भुगतान कर सकेंगे।
यह सुविधा NPCI International Payments Ltd (NIPL) और NTT DATA Japan के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) के तहत शुरू की जा रही है।

इस साझेदारी का उद्देश्य जापान में QR-आधारित डिजिटल भुगतान को सक्षम बनाना और भारतीय पर्यटकों को एक भरोसेमंद, सुरक्षित और वास्तविक समय का भुगतान अनुभव प्रदान करना है।


 समझौते का विवरण

नए समझौते के अनुसार, NIPL और NTT DATA मिलकर जापान के व्यापारिक आउटलेट्स और दुकानों में UPI भुगतान को एकीकृत करेंगे। इसका मतलब यह है कि अब भारतीय पर्यटक या व्यवसायी जापान में खरीदारी करते समय अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM आदि) से सीधे भुगतान कर सकेंगे।

  • उपयोगकर्ता को केवल दुकानदार द्वारा प्रदर्शित QR कोड स्कैन करना होगा।

  • भुगतान भारतीय रुपये (INR) में तुरंत कट जाएगा और व्यापारी को स्थानीय मुद्रा (येन) में राशि प्राप्त होगी।

  • इससे मुद्रा परिवर्तन की झंझट, विदेशी कार्ड या नकदी की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

NTT DATA जापान का एक प्रमुख आईटी और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता है, जो CAFIS (Credit And Finance Information System) नेटवर्क संचालित करता है। यह नेटवर्क जापान के लगभग सभी बैंकों, एटीएम और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़ा हुआ है।

इस साझेदारी से भारत का UPI नेटवर्क जापान के CAFIS नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे लाखों व्यापारी भविष्य में UPI भुगतान स्वीकार कर पाएंगे।


 UPI की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

भारत का डिजिटल भुगतान मॉडल अब सीमाओं के पार जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, NIPL ने UPI को कई देशों में सफलतापूर्वक पेश किया है। वर्तमान में भारतीय उपयोगकर्ता निम्नलिखित देशों में चयनित आउटलेट्स पर UPI भुगतान कर सकते हैं:

  • भूटान

  • फ्रांस

  • मॉरिशस

  • नेपाल

  • सिंगापुर

  • श्रीलंका

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

इसके अलावा, कतर, ओमान और यूनाइटेड किंगडम (UK) जैसे देशों में भी UPI एकीकरण की प्रक्रिया या सीमित रोलआउट चल रहा है। इन देशों में निकट भविष्य में अधिक व्यापारी स्थानों पर UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


 भारत-जापान फिनटेक सहयोग का नया अध्याय

यह साझेदारी केवल एक भुगतान समाधान नहीं, बल्कि भारत-जापान के बीच फिनटेक सहयोग का एक बड़ा कदम है। जापान अपने उन्नत तकनीकी बुनियादी ढांचे और कैशलेस समाज की दिशा में प्रयासों के लिए जाना जाता है, जबकि भारत ने डिजिटल भुगतान क्रांति के माध्यम से दुनिया को दिखाया है कि समावेशी फाइनेंस कैसे बनाया जा सकता है।

NIPL और NTT DATA का यह गठजोड़ जापान में भारतीय यात्रियों के लिए डिजिटल पेमेंट्स को सुविधाजनक बनाएगा और स्थानीय व्यापारियों को भी अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से आसानी से भुगतान स्वीकार करने का अवसर देगा।


 यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है

1. यात्रा में सुविधा

भारतीय पर्यटकों को अब जापान में मुद्रा विनिमय या अंतरराष्ट्रीय कार्ड की चिंता नहीं करनी होगी। बस UPI ऐप से QR कोड स्कैन करें और भुगतान पूरा।

2. फिनटेक कूटनीति

भारत अब अपनी डिजिटल भुगतान प्रणाली को विश्वभर में फैला रहा है। यह कदम “फिनटेक डिप्लोमेसी” का प्रतीक है, जो भारत की तकनीकी क्षमता और विश्वास का प्रदर्शन करता है।

3. वैश्विक वित्तीय समावेशन

UPI जैसी प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सस्ती, तेज़ और समावेशी वित्तीय सेवाएँ प्रदान कर सकती है। यह पारंपरिक कार्ड या रेमिटेंस प्रणाली की तुलना में अधिक पारदर्शी और कम लागत वाला समाधान है।

4. भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ

विदेश में पढ़ने वाले छात्र, व्यापारिक यात्री या पर्यटक — सभी को इससे लाभ होगा। वे अपने भारतीय बैंक खातों से सीधे भुगतान कर पाएंगे, जिससे विदेशी मुद्रा खर्च में कमी आएगी।


 UPI का सफर — भारत से दुनिया तक

UPI को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 2016 में लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य था सभी बैंकों और भुगतान ऐप्स को एकीकृत कर एक इंटरऑपरेबल, वास्तविक समय का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म बनाना।

आज भारत में हर महीने 1,200 करोड़ से अधिक लेनदेन UPI के माध्यम से होते हैं, जिनकी कुल मूल्य 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

इसका अंतरराष्ट्रीय संस्करण — NIPL (NPCI International Payments Ltd) — 2020 में बनाया गया था ताकि भारत की इस सफल तकनीक को दुनिया के अन्य देशों तक पहुँचाया जा सके।


 जापान में UPI का प्रभाव

जापान में कैशलेस भुगतान का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान नकदी पर निर्भर हैं। NIPL और NTT DATA की साझेदारी से स्थानीय व्यापारियों को न केवल विदेशी पर्यटकों से भुगतान स्वीकारने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की डिजिटल भुगतान दर (cashless ratio) बढ़ाने में भी योगदान मिलेगा।

साथ ही, यह भारत और जापान के बीच व्यापार, पर्यटन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाएगा।


 महत्वपूर्ण तथ्य संक्षेप में

  • UPI लॉन्च: 2016 (NPCI द्वारा)

  • NIPL: NPCI की अंतरराष्ट्रीय इकाई जो UPI को विदेशों में बढ़ावा देती है

  • साझेदार संस्था: NTT DATA Japan

  • नेटवर्क: CAFIS, जापान का सबसे बड़ा कार्ड और भुगतान नेटवर्क

  • उद्देश्य: भारतीय पर्यटकों के लिए जापान में QR-आधारित वास्तविक समय भुगतान सुविधा

  • UPI के अन्य देश: भूटान, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरिशस, UAE आदि

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