आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में 16 अक्टूबर 2025 को भारत की विकास यात्रा का एक और महत्वपूर्ण अध्याय लिखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां लगभग ₹13,430 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन, भूमि पूजन और राष्ट्र को समर्पण किया। ये परियोजनाएँ ऊर्जा, परिवहन, रक्षा, पेट्रोलियम और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“कुर्नूल और आंध्र प्रदेश अब दक्षिण भारत के विकास इंजन बनने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है — विकसित भारत 2047 और इन परियोजनाओं से उसी दिशा में ठोस प्रगति होगी।”
ऊर्जा और पावर ट्रांसमिशन में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री मोदी ने नई ऊर्जा और पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत का भविष्य हरित ऊर्जा पर निर्भर है।
इन योजनाओं के तहत उच्च-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण विद्युतीकरण को बल मिलेगा और ग्रिड स्थिरता सुधरेगी।
इन परियोजनाओं से न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे दक्षिणी भारत को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिलेगी। साथ ही, यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य (Net Zero 2050) को मजबूत करेगी।
कुर्नूल सौर पार्क और ग्रीन हाइड्रोजन पहलों के साथ यह क्षेत्र देश के ऊर्जा नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है।
सड़कों और रेलवे नेटवर्क में सुधार
प्रधानमंत्री ने ₹4,500 करोड़ की लागत से नई राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इनसे कुरनूल, अनंतपुर, तिरुपति और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा।
नई सड़कें और रेलवे लाइनें माल ढुलाई समय को घटाएँगी, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुदृढ़ करेंगी।
इनसे कृषि उत्पादों को बाजार तक जल्दी पहुँचाने और पर्यटन क्षेत्र को विस्तार मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “सड़क और रेलवे नेटवर्क केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास की धुरी हैं।”
रक्षा निर्माण में ‘मेक इन इंडिया’ को नई ताकत
कुर्नूल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में नई रक्षा-निर्माण सुविधाओं की भी घोषणा की।
इन परियोजनाओं से अत्याधुनिक रक्षा उपकरण, सेंसर सिस्टम और ड्रोन टेक्नोलॉजी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी ने कहा कि “भारत अब रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि निर्यातक देश बनेगा।”
आंध्र प्रदेश में विकसित होने वाले रक्षा क्लस्टर से स्थानीय युवाओं को तकनीकी रोजगार मिलेगा और निजी निवेश आकर्षित होगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में विस्तार
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
इनमें रिफाइनिंग इकाइयाँ, पाइपलाइन नेटवर्क विस्तार और एलएनजी भंडारण सुविधाएँ शामिल हैं।
इन योजनाओं से देश की आयात निर्भरता कम होगी, स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और घरेलू ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत की ऊर्जा नीति अब आत्मनिर्भरता और स्थिरता पर केंद्रित है।”
डिजिटल अवसंरचना — आंध्र प्रदेश बनेगा टेक्नोलॉजी हब
कुर्नूल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि विशाखापत्तनम को भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कनेक्टिविटी हब बनाया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत —
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राष्ट्रीय स्तर का AI Innovation Centre स्थापित किया जाएगा।
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Google की साझेदारी में नया Sub-Sea Internet Gateway विकसित किया जाएगा, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय डेटा कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
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क्लाउड कंप्यूटिंग, AI स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल सेवाओं के लिए उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
इन पहलों से आंध्र प्रदेश भारत की डिजिटल क्रांति के केंद्र में आ जाएगा और दक्षिण भारत के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी रोजगार मिलेगा।
कुर्नूल — भारत का उभरता ड्रोन हब
प्रधानमंत्री ने कुर्नूल को ड्रोन हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीकों की सफलता को याद करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले समय में भारत की मानवरहित प्रणाली क्रांति का नेतृत्व करेगा।
ड्रोन उद्योग अब कृषि, आपदा प्रबंधन, निगरानी, लॉजिस्टिक्स और शहरी योजना जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “कुर्नूल का युवा अब आकाश में उड़ान नहीं, तकनीक से भविष्य लिखेगा।”
रायलसीमा पर विशेष ध्यान और आर्थिक प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी ने रायलसीमा क्षेत्र की रणनीतिक महत्वता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि “क्षेत्रीय समृद्धि ही राष्ट्रीय शक्ति की कुंजी है।”
उन्होंने हालिया GST सुधारों के परिणामों पर चर्चा की और बताया कि इससे आंध्र प्रदेश को लगभग ₹8,000 करोड़ की बचत होगी।
यह राशि राज्य के उपभोक्ता व्यय को बढ़ाने और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देगी।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से “GST बचत महोत्सव” में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे आम जन तक सरकार की नीतियों के लाभ पहुँचेगे।
दीर्घकालिक दृष्टि — विकसित भारत 2047
कुर्नूल से प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश स्पष्ट था — भारत का विकास अब संतुलित और क्षेत्रीय आधार पर होगा।
ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार और पर्यावरणीय संतुलन — ये सभी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की राह दिखाते हैं।
इन परियोजनाओं से न केवल आंध्र प्रदेश, बल्कि पूरे दक्षिणी भारत की औद्योगिक और तकनीकी स्थिति मजबूत होगी।
यह एक ऐसा कदम है जो आने वाले दशकों तक भारत के विकास मानचित्र को परिभाषित करेगा।
