प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के सम्मान में विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के सम्मान में विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया

प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के सम्मान में विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया

भारत के स्वतंत्रता उपरांत एकीकरण के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर देश ने उन्हें अभूतपूर्व श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2025 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित विशेष समारोह में सरदार पटेल के सम्मान में ₹150 मूल्यवर्ग का स्मारक सिक्का और स्मारक डाक टिकट जारी किया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने ₹1,219 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत आज भी सरदार पटेल के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विचार को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।


स्मारक सिक्का और डाक टिकट — एकता के प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी किया गया विशेष ₹150 मूल्यवर्ग का सिक्का और डाक टिकट सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्र की श्रद्धांजलि का प्रतीक है।

 सिक्के की मुख्य विशेषताएँ:

  • मूल्यवर्ग: ₹150

  • वज़न: लगभग 35 ग्राम

  • धातु संयोजन: चांदी, तांबा, निकल और जिंक का मिश्रण

  • डिज़ाइन:

    • एक ओर सरदार पटेल की प्रतिमा और “Sardar Vallabhbhai Patel” अंकित

    • दूसरी ओर भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) और “सत्यमेव जयते”

  • सिक्के का डिजाइन Statue of Unity और “राष्ट्रीय एकता” की थीम से प्रेरित है।

 स्मारक डाक टिकट:

  • डाक टिकट पर Statue of Unity का कलात्मक चित्रण है।

  • टिकट पर “Rashtriya Ekta Diwas 2025” और “India Post” अंकित है।

  • यह सीमित संस्करण वाला डाक टिकट देशभर के डाकघरों में उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह सिक्का और डाक टिकट सरदार साहब के विचारों की अमरता का प्रतीक हैं — जो आने वाली पीढ़ियों को एकता और राष्ट्रनिर्माण का संदेश देंगे।


₹1,219 करोड़ की विकास परियोजनाएँ — केवड़िया को राष्ट्रीय एकता केंद्र के रूप में सशक्त करना

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने ₹1,219 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जो केवड़िया को एक आधुनिक और सतत विकास मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और कदम है।

 प्रमुख परियोजनाएँ:

  1. इलेक्ट्रिक बस बेड़े की शुरुआत
    सतत परिवहन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत की गई, जिससे Statue of Unity क्षेत्र को ‘ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन’ के रूप में विकसित किया जा सके।

  2. हॉस्पिटैलिटी ज़िला और पर्यटन ढाँचा विकास
    पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को सशक्त करने के लिए आधुनिक हॉस्पिटैलिटी ज़िला और बोनसाई गार्डन की आधारशिला रखी गई, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन आय में वृद्धि होगी।

  3. सांस्कृतिक और शैक्षिक पहलें
    सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनी केंद्रों का भी उद्घाटन किया गया, ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा ले सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा —

“सरदार पटेल की एकता की भावना को मूर्त रूप देने के लिए केवड़िया को राष्ट्रीय एकता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ आने वाला हर नागरिक भारत की अखंडता की शक्ति को महसूस करेगा।”


सरदार पटेल: भारत के लौह पुरुष और एकीकरण के शिल्पकार

सरदार वल्लभभाई पटेल को “भारत का लौह पुरुष (Iron Man of India)” कहा जाता है।
उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत के 562 रियासतों को एकीकृत कर आधुनिक भारत की नींव रखी।
उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व ने भारत को विखंडन से बचाया और उसे एक एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा —

“आज जब भारत एक आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है, तब सरदार पटेल की सोच हमें हर कदम पर मार्गदर्शन देती है।”


Statue of Unity — एकता की मूर्ति, राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के केवड़िया में Statue of Unity का उद्घाटन किया था।
182 मीटर ऊँची यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति है और सरदार पटेल के अदम्य साहस, दृढ़ता और राष्ट्रीय एकता के विचार का प्रतीक है।

यह स्थल अब एक राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में उभर चुका है —

  • हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां आते हैं।

  • यह “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करता है।

  • अब इसे “Unity Hub” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ सांस्कृतिक, शैक्षिक और पर्यटन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।


राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 — एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना

सरदार पटेल की जयंती पर हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) मनाया जाता है।
इस वर्ष भी देशभर में —

  • एकता दौड़ (Run for Unity)

  • राष्ट्रीय एकता शपथ

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
    आयोजित किए गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा —

“एकता केवल विचार नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। सरदार साहब ने हमें सिखाया कि जब देश एकजुट होता है, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती।”


मुख्य बिंदु एक नज़र में

विषय विवरण
अवसर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती
तिथि 30 अक्टूबर 2025
स्थान केवड़िया, गुजरात
मुख्य घोषणाएँ ₹150 स्मारक सिक्का, डाक टिकट, ₹1,219 करोड़ परियोजनाएँ
प्रमुख परियोजनाएँ इलेक्ट्रिक बसें, हॉस्पिटैलिटी ज़िला, बोनसाई गार्डन, सांस्कृतिक केंद्र
उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, पर्यटन विकास और सतत अवसंरचना को बढ़ावा देना
प्रेरणा “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का विचार

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