विश्व शहर दिवस 2025: इतिहास, उद्देश्य और महत्व
विश्व शहर दिवस 2025: इतिहास, उद्देश्य और महत्व

विश्व शहर दिवस 2025: इतिहास, उद्देश्य और महत्व

हर वर्ष 31 अक्टूबर को विश्व शहर दिवस (World Cities Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण (Urbanization) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा सतत शहरी विकास (Sustainable Urban Development) को बढ़ावा देना है। यह दिन ‘अर्बन अक्टूबर (Urban October)’ नामक एक महीने लंबे वैश्विक अभियान का समापन भी है, जिसे यूएन-हैबिटैट (UN-Habitat) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस अभियान का मकसद वैश्विक समुदाय को शहरी मुद्दों के समाधान और नई शहरी कार्यसूची (New Urban Agenda) के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदार बनाना है।


 विश्व शहर दिवस का इतिहास

विश्व शहर दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव संख्या 68/239 के तहत 27 दिसंबर 2013 को हुई थी। इसके बाद 31 अक्टूबर 2014 को इसे पहली बार मनाया गया। इस पहल का उद्देश्य शहरीकरण से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों दोनों को समझना और सतत, समावेशी एवं लचीले (Resilient) शहरों के निर्माण के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना था।

संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस को स्थापित कर यह संदेश दिया कि शहर केवल आर्थिक वृद्धि के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, नवाचार और मानवीय प्रगति के मंच भी हैं। आज, जब दुनिया की आधी से अधिक आबादी शहरों में रह रही है, तब शहरी जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।


 विश्व शहर दिवस 2025 की थीम — “जन-केन्द्रित स्मार्ट शहर” (People-Centred Smart Cities)

विश्व शहर दिवस 2025 की थीम है — “जन-केन्द्रित स्मार्ट शहर”। इस वर्ष का वैश्विक समारोह बोगोटा (Bogotá), कोलंबिया में आयोजित किया जा रहा है। यह थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का उद्देश्य केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि मानव कल्याण, समानता और सामाजिक समावेश होना चाहिए।

स्मार्ट सिटी की अवधारणा तब तक अधूरी है जब तक वह “मानव-केंद्रित” न हो। इसका मतलब है कि शहरों का डिज़ाइन और नीति निर्माण डेटा और तकनीक से प्रेरित तो हो, परंतु इंसानों की जरूरतों पर केंद्रित हो। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, और डिजिटल समावेशन जैसे तत्व शामिल हैं, जो शहरी जीवन को अधिक सुरक्षित, कुशल और स्थायी बना सकते हैं।


 थीम के प्रमुख उद्देश्य

  1. मानव-केन्द्रित नवाचार को बढ़ावा देना:
    स्मार्ट सिटी मॉडल को इस तरह विकसित करना कि वह मानव कल्याण, पहुँच (Accessibility), समानता (Inclusivity) और सुरक्षा को प्राथमिकता दे।

  2. वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना:
    दुनियाभर के शहरों के बीच अनुभव, नवाचार और नीतियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना ताकि स्मार्ट शहरों का विकास साझा सीख पर आधारित हो।

  3. जीवन की गुणवत्ता में सुधार:
    तकनीक का उपयोग बेहतर आवास, स्वच्छ परिवहन, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक समावेश सुनिश्चित करने में करना।

  4. पर्यावरण संरक्षण और जलवायु-संतुलन:
    ग्रीन बिल्डिंग, सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा-कुशल प्रणालियों को अपनाकर शहरों को जलवायु-सक्षम बनाना।


 पृष्ठभूमि और वैश्विक संदर्भ

संयुक्त राष्ट्र ने 2013 में यह दिवस घोषित किया ताकि बढ़ते शहरीकरण से जुड़े अवसरों और जोखिमों दोनों पर ध्यान दिया जा सके।
नई शहरी कार्यसूची (New Urban Agenda – 2016, क्विटो) और सतत विकास लक्ष्य 11 (SDG 11) — “शहरों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और सतत बनाना” — इसी दिशा में वैश्विक प्रयास हैं।

शहरीकरण से जहां आर्थिक अवसर और सामाजिक सहभागिता के नए द्वार खुलते हैं, वहीं यह असमानता, आवास की कमी, प्रदूषण और बुनियादी सेवाओं की अनुपलब्धता जैसी गंभीर चुनौतियाँ भी लाता है। इसीलिए शहरों के विकास में स्थानीय शासन, तकनीकी नवाचार, नागरिक सहभागिता और पर्यावरणीय दृष्टिकोण का संतुलित समावेश जरूरी है।


 विश्व नगर रिपोर्ट 2024 – प्रमुख निष्कर्ष

यूएन-हैबिटैट ने विश्व शहरी मंच (World Urban Forum – WUF12) में विश्व नगर रिपोर्ट 2024 (World Cities Report 2024) जारी की थी, जिसका फोकस था — “जलवायु कार्रवाई और तीव्र शहरीकरण के बीच संतुलन।”

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु निम्न हैं:

  • दुनिया में टिकाऊ शहरी बुनियादी ढांचे के लिए प्रति वर्ष $4.5–5.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश अंतर (funding gap) है।

  • ग्रीन जेंट्रीफिकेशन (Green Gentrification)” — यानी पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं से गरीब समुदायों का विस्थापन — एक बढ़ती चिंता है।

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि समुदाय-आधारित रणनीतियाँ और स्थानीय भागीदारी सतत और न्यायसंगत शहरी विकास की कुंजी हैं।

  • शहरी जलवायु नीति में पारदर्शिता, वित्तीय जिम्मेदारी और सामाजिक न्याय को साथ लाने पर जोर दिया गया है।

यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, शोधकर्ताओं और स्थानीय निकायों के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ के रूप में कार्य करती है।


 अर्बन अक्टूबर और यूएन-हैबिटैट की भूमिका

अर्बन अक्टूबर (Urban October) एक वैश्विक अभियान है जिसकी शुरुआत 2014 में यूएन-हैबिटैट ने की थी। यह एक महीने तक चलने वाला अभियान है जो शहरी जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नीति संवाद को बढ़ावा देता है।

यह अभियान दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दिनों को जोड़ता है:

  • विश्व आवास दिवस (World Habitat Day) – अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है।

  • विश्व शहर दिवस (World Cities Day) – 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।

यूएन-हैबिटैट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक शहरीकरण समान, जलवायु-सक्षम, तकनीकी रूप से सशक्त और मानव-केंद्रित हो। यह संगठन स्थानीय सरकारों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर शहरों के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार करता है।


 भारत और विश्व शहर दिवस

भारत जैसे तेजी से शहरीकरण वाले देश के लिए यह दिवस विशेष रूप से प्रासंगिक है। 2035 तक भारत की शहरी आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 43% हो जाएगी। ऐसे में शहरों का प्रबंधन, बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता और पर्यावरणीय स्थिरता बड़ी चुनौतियाँ होंगी।

भारत सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन, अटल नवीनीकरण मिशन (AMRUT) और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी पहलें इसी दिशा में कदम हैं। ये योजनाएँ न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करती हैं, बल्कि नागरिकों की जीवन-गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती हैं।


 निष्कर्ष

विश्व शहर दिवस 2025 हमें यह याद दिलाता है कि “स्मार्ट सिटी तभी स्मार्ट है जब वह इंसान के लिए हो।”
प्रौद्योगिकी और नवाचार तभी सार्थक हैं जब वे समानता, समावेशन और सततता को बढ़ावा दें।

आज जब दुनिया शहरीकरण के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है, तब हमें ऐसे शहरों की आवश्यकता है जो केवल आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी मजबूत हों।
विश्व शहर दिवस का संदेश स्पष्ट है —
“बेहतर शहर, बेहतर जीवन” (Better City, Better Life)।

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