भारत ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत बनाए तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
भारत ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत बनाए तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स

भारत ने “स्वास्थ्य नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत बनाए तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स

भारत ने महिला स्वास्थ्य और निवारक देखभाल के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत महिलाओं और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं में असाधारण योगदान के लिए तीन GUINNESS WORLD RECORDS™ अपने नाम किए हैं। यह उपलब्धि भारत की उस अनूठी प्रतिबद्धता का प्रतीक है जो स्वास्थ्य सेवाओं को रोकथाम-केंद्रित, महिला-केंद्रित और सर्व-सुलभ बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।


 अभियान की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 तक आयोजित पोषण माह (Poshan Maah) के अवसर पर इस अभियान का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को सशक्त बनाना और समाज में स्वस्थ जीवनशैली एवं रोगों की प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा देना था।

प्रधानमंत्री ने अपने उद्घाटन संदेश में कहा था:

“हमारी माताएँ, बहनें और महिला शक्ति हमारे राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं। यदि माँ स्वस्थ है, तो पूरा परिवार स्वस्थ रहता है।”

यह अभियान इस सोच पर आधारित था कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और विकसित भारत की कुंजी है।”


 भारत द्वारा बनाए गए तीन GUINNESS WORLD RECORDS™

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को निम्नलिखित तीन रिकॉर्ड्स के लिए मान्यता मिली —

  1. एक माह में स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म पर सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण

    • कुल पंजीकरण: 3,21,49,711 (3.21 करोड़ से अधिक)

    • यह रिकॉर्ड डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म पर सामूहिक भागीदारी की ऐतिहासिक मिसाल बना।

  2. एक सप्ताह में ऑनलाइन स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण

    • कुल पंजीकरण: 9,94,349 (9.94 लाख से अधिक)

    • यह रिकॉर्ड महिलाओं में कैंसर की रोकथाम हेतु जागरूकता और तकनीक आधारित जांच प्रणाली के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

  3. एक सप्ताह में राज्य स्तर पर ऑनलाइन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों (Vital Signs) की स्क्रीनिंग के लिए सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण

    • कुल पंजीकरण: 1,25,406 (1.25 लाख से अधिक)

    • इस रिकॉर्ड से भारत की डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना और जमीनी स्वास्थ्य नेटवर्क की ताकत उजागर हुई।


 अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ

यह राष्ट्रीय अभियान देश के हर जिले और राज्य तक पहुँचा और इसे “Whole-of-Government” तथा “Whole-of-Society” दृष्टिकोण के तहत क्रियान्वित किया गया।

 जनसहभागिता और दायरा

  • 19.7 लाख स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन

  • 11 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी

  • 20 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों की सक्रिय भागीदारी

  • स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेज, सांसद, विधायक, निजी संगठनों और मंत्रालयों का सहयोग

 सामुदायिक योगदान

“Whole-of-Society” मॉडल के अंतर्गत —

  • 5 लाख पंचायत प्रतिनिधि

  • 1.14 करोड़ छात्र-छात्राएँ

  • 94 लाख स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य

  • 5 लाख सामुदायिक संगठन प्रतिनिधि
    ने भाग लेकर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।


 मुख्य स्वास्थ्य परिणाम

इस अभियान के दौरान देशभर में लाखों नागरिकों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया —

  • 1.78 करोड़ उच्च रक्तचाप (Hypertension) जांच

  • 1.73 करोड़ मधुमेह (Diabetes) जांच

  • 69.5 लाख मुख कैंसर जांच

  • 62.6 लाख गर्भावस्था पूर्व (Antenatal) जांच

  • 1.43 करोड़ टीकाकरण खुराकें

  • 1.51 करोड़ एनीमिया परीक्षण

  • 85.9 लाख महिलाओं की टीबी जांच

  • 10.2 लाख सिकल सेल रोग जांच

  • 2.14 करोड़ नागरिकों ने स्वास्थ्य परामर्श सत्रों में भाग लिया

  • 2.68 लाख निक्षय मित्रों का पंजीकरण “My Bharat” स्वयंसेवकों के सहयोग से हुआ

ये आँकड़े दर्शाते हैं कि यह केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं था, बल्कि एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य जागरूकता क्रांति थी जिसने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम किया।


 सरकार का “Whole-of-Government” दृष्टिकोण

इस मिशन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ 20 से अधिक मंत्रालयों ने समन्वय स्थापित किया —
जैसे शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय आदि।
इसने भारत में इंटीग्रेटेड हेल्थ गवर्नेंस की दिशा में एक नया मॉडल प्रस्तुत किया।


 डिजिटल नवाचार और “Ayushman Bharat” की भूमिका

अभियान के दौरान भारत की डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना — ABHA ID, e-Sanjeevani, और National Health Mission — का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया।
इससे स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण, स्क्रीनिंग और निगरानी अत्यंत कुशलता से संभव हो सकी।


 महिला स्वास्थ्य पर केंद्रित प्रमुख पहलें

  • स्तन कैंसर एवं गर्भाशय कैंसर की समयपूर्व जांच

  • एनीमिया मुक्त भारत के तहत आयरन सप्लीमेंट वितरण

  • मातृत्व स्वास्थ्य शिविर और पोषण परामर्श सत्र

  • किशोर स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम — किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण जागरूकता पर जोर


 अभियान का व्यापक प्रभाव

“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” पहल ने भारत में महिला स्वास्थ्य को जन-चर्चा का केंद्र बना दिया है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं ने पहली बार बड़े पैमाने पर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव महसूस किया।
अभियान के दौरान सामुदायिक जागरूकता, पोषण सुधार, और रोगों की प्रारंभिक पहचान को नया आयाम मिला।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply