छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष (2000–2025) पूरे करते हुए इतिहास रच दिया। राज्य के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में भाग लिया, जहाँ उन्होंने नए विधानसभा भवन का उद्घाटन, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण, और ₹14,260 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
यह आयोजन विकास, सुशासन और सांस्कृतिक गर्व का संगम साबित हुआ — जिसने छत्तीसगढ़ की नई दिशा और भविष्य की आकांक्षाओं को रेखांकित किया।
1. नया विधानसभा भवन: आधुनिकता और परंपरा का संगम
नवा रायपुर में निर्मित नया विधानसभा परिसर राज्य की लोकतांत्रिक भावना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
लगभग 51 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह भवन ₹324 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसका डिज़ाइन छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला, संस्कृति और स्थापत्य पर आधारित है।
भवन के निर्माण में बस्तर की पारंपरिक लकड़ी के दरवाज़े, धान के दानों से प्रेरित छत की नक्काशी, और स्थानीय शिल्पकारों की कलाकृतियों को प्रमुख स्थान दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक और लोकतंत्र का मंदिर” बताते हुए कहा कि यह भवन आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा और पारदर्शिता के मूल्यों से जोड़कर रखेगा।
नई विधानसभा भवन में अत्याधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा व्यवस्था और डिजिटलीकृत सत्र प्रबंधन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे यह देश के सबसे उन्नत विधायी परिसरों में शामिल हो गया है।
2. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।
यह प्रतिमा विधानसभा परिसर में स्थापित की गई है — उस महान नेता की स्मृति में, जिनके नेतृत्व में वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था।
प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “अटलजी का दूरदर्शी नेतृत्व न केवल नए राज्यों के गठन में निर्णायक रहा, बल्कि उन्होंने विकास को जनभागीदारी से जोड़ने की नींव रखी। छत्तीसगढ़ आज उसी दृष्टि की परिणति है।”
3. ₹14,260 करोड़ की विकास परियोजनाएँ: समावेशी प्रगति की दिशा में
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ₹14,260 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण, औद्योगिक, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों को नई गति देना है।
प्रमुख घोषणाएँ और परियोजनाएँ:
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3.5 लाख परिवारों को पक्के घर प्रदान किए गए, जिससे ग्रामीण आवास सुरक्षा को नई दिशा मिली।
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9 जिलों में 12 स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) ब्लॉक शुरू किए गए, जो ग्रामीण युवाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
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5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे —
मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गीदम और बिलासपुर में, जिससे स्वास्थ्य अवसंरचना को मज़बूती मिलेगी। -
आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन बिलासपुर में किया गया, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।
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नागपुर–झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन (~500 किमी) को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जो छत्तीसगढ़ के 11 जिलों को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएँ “विकास के उस मॉडल को साकार करती हैं जहाँ बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता एक साथ आगे बढ़ते हैं।”
4. सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पहलों का संगम
रजत जयंती समारोह सिर्फ विकास का उत्सव नहीं था, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक समावेशन का प्रतीक भी बना।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया — जो राज्य के गौरवशाली जनजातीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को सम्मानित करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने “दिल की बात” पहल के अंतर्गत श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल में 2,500 बच्चों से संवाद किया। यह पहल जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के निःशुल्क उपचार से जुड़ी है।
प्रधानमंत्री ने “शांति शिखर” — ब्रहमकुमारीज़ द्वारा संचालित ध्यान एवं आध्यात्मिक केंद्र का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य समाज में मानसिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ावा देना है।
5. छत्तीसगढ़ की रजत जयंती: गौरव और दिशा का संगम
1 नवंबर 2000 को बने छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों की यात्रा में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा और आदिवासी कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “छत्तीसगढ़ आज नए भारत के विज़न का जीवंत उदाहरण है — जहाँ परंपरा और प्रगति एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगले 25 वर्ष — राज्य के लिए “अमृत काल” होंगे, जिनमें हर जिले, हर गाँव और हर नागरिक को विकास यात्रा में भागीदार बनाना सरकार का लक्ष्य है।
मुख्य तथ्य सारांश
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राज्य गठन तिथि | 1 नवंबर 2000 |
| नए विधानसभा भवन की लागत | ₹324 करोड़ |
| विधानसभा क्षेत्रफल | लगभग 51 एकड़ |
| विकास परियोजनाओं की कुल लागत | ₹14,260 करोड़ |
| मुख्यमंत्री | श्री विष्णु देव साय |
| राज्यपाल | श्री रमेंद्र (रमेन) डेका |

