कन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (CII) पार्टनरशिप समिट 2025 का 30वां संस्करण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। 14 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इस दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट का औपचारिक उद्घाटन किया।
यह आयोजन CII, DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया — जिसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग का भविष्य निर्धारित करना है।
थीम: बदलते वैश्विक भू-आर्थिक परिदृश्य में भारत की भूमिका
समिट का मुख्य विषय है:
“टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रेड: नए भू-आर्थिक क्रम में दिशा-निर्देशन”
यह थीम इस बात को दर्शाती है कि तकनीक और विश्वास आधारित व्यापार मॉडल भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ बनेंगे। दुनिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक और आर्थिक समीकरणों के बीच भारत खुद को एक उभरती हुई शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में यह समिट भारत और वैश्विक निवेशकों के बीच सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
इस वर्ष सम्मेलन का पैमाना भी अभूतपूर्व रहा—
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77 देशों से प्रतिनिधित्व
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2500+ से अधिक उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और निवेशक
यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक आर्थिक मंच पर एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
उपराष्ट्रपति का संबोधन: भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति पर जोर
उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत की वृद्धि यात्रा और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि:
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भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बन रहा है।
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देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल तकनीक में तेजी और मजबूत आर्थिक नीतियाँ भारत को निवेश के लिए सबसे आकर्षक देशों में बदल रही हैं।
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उन्होंने वैश्विक कंपनियों और निवेशकों से भारत में अवसरों को पहचानने और निवेश बढ़ाने की अपील की।
राधाकृष्णन ने विशेष रूप से आंध्र प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य ने उद्योगों को आकर्षित करने में उल्लेखनीय रणनीति अपनाई है।
आंध्र प्रदेश की निवेश रणनीति: तेज़ी और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने समिट में राज्य की विकास योजनाओं और निवेश लक्ष्य का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि:
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पिछले 17 महीनों में आंध्र प्रदेश ने USD 20 बिलियन का निवेश आकर्षित किया है।
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इन निवेशों से 20 लाख से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं।
इसके साथ ही राज्य की नई निवेश नीति ने बड़े और उभरते उद्योगों को आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया है।
दीर्घकालिक निवेश लक्ष्य
राज्य का नया लक्ष्य अत्यंत महत्वाकांक्षी है:
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USD 0.5 ट्रिलियन निवेश
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50 लाख नौकरियाँ
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दीर्घकालिक लक्ष्य: अगले 10 वर्षों में USD 1 ट्रिलियन निवेश
मुख्य फोकस सेक्टर:
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ड्रोन टेक्नोलॉजी
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इलेक्ट्रॉनिक्स
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एयरोस्पेस
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सेमीकंडक्टर्स
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डिफेंस
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स्पेस टेक्नोलॉजी
नायडू ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश ने “Ease of Doing Business” से आगे बढ़कर अब “Speed of Doing Business” की नीति अपनाई है।
इसमें शामिल हैं:
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रियल-टाइम अप्रूवल
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तेज़ परियोजना क्रियान्वयन
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निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए डिजिटल व त्वरित प्रणाली
इस दृष्टिकोण से आंध्र प्रदेश देश के सबसे निवेश-अनुकूल राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है।
समिट का महत्व: भारत के आर्थिक भविष्य की रूपरेखा
CII पार्टनरशिप समिट 2025 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक रणनीति को आकार देने का मंच है।
यहाँ हुए संवाद और साझेदारियाँ आने वाले वर्षों में:
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विदेशी निवेश को और बढ़ाएंगी
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तकनीकी सहयोग को नई दिशा देंगी
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स्टार्टअप और नवाचार को गति देंगी
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विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाएंगी
भारत का लक्ष्य है कि वह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का प्रमुख केंद्र बने, और यह समिट उस दिशा में एक बड़ी पहल है।
Static Facts (एक नजर में)
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कार्यक्रम: 30वां CII पार्टनरशिप समिट 2025
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तारीख: 14–15 नवंबर 2025
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स्थान: विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
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मुख्य अतिथि: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
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थीम: “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रेड: नए भू-आर्थिक क्रम में दिशा-निर्देशन”
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आंध्र प्रदेश का निवेश लक्ष्य:
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USD 0.5 ट्रिलियन निवेश
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50 लाख रोजगार
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दीर्घकालिक लक्ष्य: USD 1 ट्रिलियन निवेश
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