वित्त वर्ष 2026 में केंद्र का बड़ा लक्ष्य: 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने की तैयारी
वित्त वर्ष 2026 में केंद्र का बड़ा लक्ष्य: 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने की तैयारी

वित्त वर्ष 2026 में केंद्र का बड़ा लक्ष्य: 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने की तैयारी

भारत सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने घोषणा की है कि अगले वित्त वर्ष में 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं को अवॉर्ड करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह कदम पिछले वर्षों में घटते प्रोजेक्ट अवॉर्ड के ट्रेंड को बदलने और हाईवे सेक्टर में नई गति लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।


पिछले वर्षों में लगातार गिरावट, अब मोड़ने की तैयारी

राष्ट्रीय राजमार्ग अवॉर्ड में पिछले तीन वर्षों से गिरावट दर्ज की जा रही थी:

  • FY 2023: लगभग 12,000 किमी

  • FY 2024: लगभग 7,500 किमी

  • FY 2025: लगभग 6,000 किमी

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रोजेक्ट अवॉर्डिंग की गति मंद पड़ी थी। ऐसे में FY 2026 के लिए 10,000 किमी का लक्ष्य इस गिरावट को रोकने और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नई तेजी लाने का प्रयास है। मंत्रालय का फोकस सिर्फ अवॉर्ड की संख्या (किमी) पर ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, समयबद्धता और क्रियान्वयन को बेहतर करने पर भी है।


यह लक्ष्य क्यों महत्वपूर्ण है?

1. देश की कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा

राष्ट्रीय राजमार्ग देश के आर्थिक ढांचे की रीढ़ हैं। वे—

  • औद्योगिक क्षेत्रों, राज्यों और बंदरगाहों को जोड़ते हैं

  • लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करते हैं

  • क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देते हैं

10,000 किमी नया अवॉर्ड मतलब देश के दूरदराज़ इलाकों में भी कनेक्टिविटी के नए अवसर खुलना।

2. इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बड़ा पुश

यह लक्ष्य यह भी दिखाता है कि सरकार रोजगार, आर्थिक वृद्धि (GDP), सप्लाई चेन दक्षता और ग्रामीण-शहरी संपर्क को मजबूत बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले से कहीं ज्यादा फोकस कर रही है।

3. प्रोजेक्ट अवॉर्ड सिर्फ शुरुआत—असल चुनौती क्रियान्वयन में

देश में कई हाईवे परियोजनाएँ फंडिंग, जमीन, अनुमति और ठेकेदार क्षमता जैसी समस्याओं के कारण वर्षों अटक जाती हैं। सरकार चाहती है कि अवॉर्ड किए गए प्रोजेक्ट न सिर्फ शुरू हों, बल्कि समय पर पूरे भी हों

4. उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव

अगले एक साल में अवॉर्ड में आने वाली तेजी से इन सेक्टरों को खास लाभ मिलेगा—

  • निर्माण कंपनियाँ

  • ठेकेदार

  • स्टील और सीमेंट उद्योग

  • उपकरण निर्माता

  • सड़क निर्माण सामग्री सप्लायर

हाईवे प्रोजेक्ट में हर 1 किमी निर्माण पर 150–200 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। इसलिए यह लक्ष्य रोजगार के लिहाज़ से भी बड़ा है।


मुख्य विचारणीय बिंदु और चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण और अनुमति (Right of Way – RoW)

NH प्रोजेक्ट में देरी का सबसे बड़ा कारण भूमि अधिग्रहण है। कई राज्यों में जमीन विवाद और मुआवज़े की प्रक्रिया के कारण प्रोजेक्ट अटक जाते हैं।

इसके अलावा—

  • वन अनुमति

  • पर्यावरण मंजूरी

  • स्थानीय निकायों की स्वीकृति

भी समय लेती हैं। सरकार इन प्रक्रियाओं को तेज़ और डिजिटल बनाने पर काम कर रही है।


2. फंडिंग और एसेट मोनेटाइजेशन

बड़े प्रोजेक्ट के लिए बड़ी फंडिंग चाहिए। सरकार इसे कई माध्यमों से पूरा करना चाहती है:

  • TOT (Toll-Operate-Transfer) मॉडल

  • InvITs (Infrastructure Investment Trusts)

  • एसेट मोनेटाइजेशन

  • निजी निवेश बढ़ाने पर फोकस

यह फंडिंग हाईवे निर्माण की गति बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।


3. क्रियान्वयन की गति

तेजी से अवॉर्ड किए गए प्रोजेक्ट तभी असर दिखाएंगे जब—

  • निर्माण समय पर शुरू हो

  • उपकरण और मशीनरी उपलब्ध हों

  • मानसून के मौसम में भी काम प्रबंधन मजबूत हो

  • ठेकेदारों की क्षमता और निगरानी बेहतर हो

सरकार प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट्स (PMUs) और डिजिटल प्रगति मॉनिटरिंग का उपयोग बढ़ा रही है।


4. गुणवत्ता और स्थिरता

नए एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जा रहे हैं। मंत्रालय चाहता है कि—

  • हाईवे पर्यावरण-अनुकूल हों

  • रोड सेफ्टी फीचर्स मजबूत हों

  • बेहतर ड्रेनेज

  • टिकाऊ निर्माण सामग्री का उपयोग

  • मेंटेनेंस आसान और सस्ता हो

इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता लंबे समय तक लागत बचाती है।


राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

भारत में 2% सड़कों पर लगभग 40% ट्रैफिक चलता है—ये सड़के NH नेटवर्क हैं। इसलिए हर 1 किमी नए NH निर्माण से—

  • माल ढुलाई का समय घटता है

  • ईंधन की बचत होती है

  • ट्रैफिक जाम कम होते हैं

  • अर्थव्यवस्था तेज़ होती है

भारत का लक्ष्य 2030 तक दुनिया के शीर्ष 2–3 हाईवे नेटवर्क वाले देशों में शामिल होना है।


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • FY 2026 लक्ष्य:
    10,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का अवॉर्ड

  • पिछले तीन वर्षों का अवॉर्ड ट्रेंड:

    • FY 2023: ~12,000 किमी

    • FY 2024: ~7,500 किमी

    • FY 2025: ~6,000 किमी

  • जिम्मेदार मंत्रालय:
    सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)

  • महत्व:
    हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्र का नया फोकस, GDP और लॉजिस्टिक्स सुधार की दिशा में बड़ा कदम।

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