मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (MoFAHD) ने राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार (NGRA) 2025 की औपचारिक घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार भारत के पशुधन और डेयरी क्षेत्र का एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। इसका उद्देश्य डेयरी किसानों, दुग्ध सहकारी समितियों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों के उत्कृष्ट कार्य को पहचानना और प्रोत्साहित करना है।
पुरस्कार वितरण 26 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर किया जाएगा। यह दिन भारत के “मिल्कमैन” और श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज़ कुरियन की जयंती के सम्मान में मनाया जाता है।
2,081 आवेदनों में से चुने गए विजेता
इस वर्ष देशभर से कुल 2,081 आवेदन प्राप्त हुए — जो इस पुरस्कार की लोकप्रियता और महत्व को दर्शाता है। चयन तीन प्रमुख श्रेणियों में किया गया है:
1️⃣ सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान
2️⃣ सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी संघ/FPO/मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (MPC)
3️⃣ सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT)
प्रत्येक श्रेणी में Non-NER (गैर-पूर्वोत्तर) तथा NER/हिमालयी क्षेत्रों से अलग-अलग चयन किया गया, ताकि भौगोलिक विविधता और समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार का उद्देश्य
देश में डेयरी क्षेत्र करोड़ों किसानों की आय का मुख्य स्रोत है। भारत पिछले कई वर्षों से विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। ऐसे में यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि डेयरी क्षेत्र को वैज्ञानिक दिशा और प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
NGRA के मुख्य उद्देश्य:
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देशी गाय-भैंस नस्लों का संरक्षण एवं संवर्धन
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डेयरी किसानों के नवाचार, प्रबंधन और उत्पादन तकनीकों को प्रोत्साहित करना
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सहकारी समितियों और मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों को सुधार के लिए प्रेरित करना
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AITs की भूमिका को पहचानना, जो पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता बेहतर बनाते हैं
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राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना
पुरस्कार समारोह: 26 नवंबर 2025
यह समारोह नई दिल्ली में आयोजित होगा और इसमें शामिल होंगे—
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केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह)
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राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल
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राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन
विजेताओं को मिलेगा:
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मेरिट प्रमाणपत्र
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मोमेंटो
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नकद पुरस्कार (पहली दो श्रेणियों में)
नकद पुरस्कार राशि:
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प्रथम पुरस्कार: ₹5,00,000
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द्वितीय पुरस्कार: ₹3,00,000
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तृतीय पुरस्कार: ₹2,00,000
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विशेष पुरस्कार (NER/हिमालयी राज्य): ₹2,00,000
AIT श्रेणी में कोई नकद राशि नहीं, केवल प्रमाणपत्र और मोमेंटो दिए जाएंगे।
NGRA 2025: श्रेणीवार विजेताओं की सूची
1️⃣ सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान
Non-NER क्षेत्र
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1st: श्री अरविंद यशवंत पाटिल (कोल्हापुर, महाराष्ट्र)
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2nd: डॉ. कंकनाला कृष्ण रेड्डी (हैदराबाद, तेलंगाना)
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3rd (संयुक्त): श्री हर्षित झूरिया (सीकर, राजस्थान)
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3rd (संयुक्त): कुमारी श्रद्धा सत्यवान धवन (अहमदनगर, महाराष्ट्र)
NER/हिमालयी क्षेत्र
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श्रीमती विजय लता (हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश)
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श्री प्रदीप पांगड़िया (चंपावत, उत्तराखंड)
2️⃣ सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी/FPO/MPC
Non-NER क्षेत्र
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1st: मीनन गड़ी क्षीरोल्पादक सहकारणा संघम लिमिटेड (वायनाड, केरल)
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2nd (संयुक्त):
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कुन्नमकट्टुपथी क्षीरोल्पादक सहकारणा संघम (पालक्काड़, केरल)
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घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (जयपुर, राजस्थान)
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3rd: TYSPL 37 सेंदुरई मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (अरियालुर, तमिलनाडु)
NER/हिमालयी क्षेत्र
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कुल्हा दूध उत्पादक सहकारी समिति (ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड)
3️⃣ सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT)
Non-NER क्षेत्र
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1st: श्री दिलीप कुमार प्रधान (अनुगुल, ओडिशा)
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2nd: श्री विकास कुमार (हनुमानगढ़, राजस्थान)
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3rd: श्रीमती अनुराधा चकली (नांदयाल, आंध्र प्रदेश)
NER/हिमालयी क्षेत्र
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श्री दिलुवर हसन (बारपेटा, असम)
NGRA 2025 का महत्व: भारत की डेयरी क्रांति को नई दिशा
भारत की अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र का योगदान विशाल है—रोज़गार, पोषण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका है।
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार जैसे सम्मान देश के उन किसानों और तकनीशियनों को आगे लाते हैं जो—
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वैज्ञानिक पशुपालन
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उन्नत नस्ल प्रबंधन
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बेहतर दुग्ध उत्पादन
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आधुनिक कृत्रिम गर्भाधान तकनीक
के माध्यम से देश की डेयरी क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं।
NGRA 2025 दर्शाता है कि भारत न केवल दुग्ध उत्पादन में नंबर-1 है, बल्कि गुणवत्ता, नवाचार और टिकाऊ डेयरी प्रौद्योगिकी की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्य स्थैतिक तथ्य (Static GK)
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घोषित किया | पशुपालन एवं डेयरी विभाग, MoFAHD |
| अवसर | राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर 2025) |
| आरंभ | 2021 (राष्ट्रीय गोकुल मिशन) |
| कुल आवेदन | 2,081 |
| श्रेणियाँ | सर्वश्रेष्ठ किसान, सहकारी/FPO/MPC, AIT |
| शीर्ष पुरस्कार राशि | ₹5 लाख |
| AIT पुरस्कार | नकद रहित (केवल प्रमाणपत्र+मोमेंटो) |
| उद्देश्य | देशी नस्ल संरक्षण, नवाचार, प्रजनन दक्षता |

