पूर्वोत्तर भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) को तेजी से अपनाने और इसे स्थानीय विकास से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए क्षेत्रीय AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2025 का आयोजन 3 दिसंबर 2025 को शिलांग के स्टेट कन्वेंशन सेंटर में किया गया। यह आयोजन India–AI Impact Summit 2026 से पहले होने वाले क्षेत्रीय प्री-इवेंट्स की श्रृंखला का हिस्सा है। इस वर्ष सम्मेलन का केंद्रीय संदेश था — “People, Planet and Progress”, जो दर्शाता है कि AI का उपयोग केवल तकनीक तक सीमित नहीं, बल्कि मानव विकास, पर्यावरण संरक्षण और समग्र प्रगति के लिए होना चाहिए।
IndiaAI Mission ने खोला पूर्वोत्तर के लिए नया तकनीकी अध्याय
सम्मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की प्राथमिकता AI का लोकतंत्रीकरण है — यानी AI को बड़े शहरों तक सीमित न रखकर पूरे देश में उपलब्ध कराना। इसी दृष्टि से IndiaAI Mission के तहत अब तक ₹10,300 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है।
मिशन के प्रमुख अपडेट:
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38,000 GPUs राष्ट्रीय AI कंप्यूटिंग नेटवर्क से जोड़े जा चुके हैं।
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लक्ष्य है कि शोधकर्ता, स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालय और सरकारी प्रोजेक्ट्स सस्ती और सुलभ AI कंप्यूटिंग का उपयोग कर सकें।
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देश भर में सैकड़ों AI एवं डेटा लैब स्थापित की जा रही हैं, जिनमें पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
मेघालय बनेगा पूर्वोत्तर का AI हब — नई लैब्स की घोषणा
शिलांग सम्मेलन में यह बड़ी घोषणा की गई कि मेघालय में AI-आधारित तकनीकी ढांचे को तेज़ गति से विस्तार दिया जाएगा।
मेघालय में मौजूदा व नई AI लैब्स:
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NIELIT Shillong में एक अत्याधुनिक AI लैब पहले से कार्यरत है।
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जल्द ही नई AI/डेटा लैब्स स्थापित की जाएंगी:
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ITI Shillong
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Shillong Polytechnic
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ITI Tura
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इन नई लैब्स का उद्देश्य शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच तकनीकी दूरी को कम करना है, ताकि पूर्वोत्तर के युवाओं को बड़े शहरों जैसे ही अवसर उपलब्ध हो सकें।
AI कौशल विकास: 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण का बड़ा लक्ष्य
IndiaAI Mission का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है — Human Resource Development (HRD)। सरकार 2026 तक 10 लाख युवाओं को AI और डेटा कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
यह प्रशिक्षण निम्न क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाएगा:
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AI मॉडल डेवलपमेंट
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डेटा एनालिटिक्स
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मशीन लर्निंग
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साइबर सुरक्षा
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स्मार्ट गवर्नेंस एप्प्लिकेशन
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एग्रीटेक, हेल्थटेक और एडटेक हेतु AI समाधान
यह पहल पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए टेक सेक्टर में रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खोलेगी।
सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है? — भारत की AI रणनीति में बड़ा बदलाव
शिलांग का यह आयोजन भारत की AI दिशा में कुछ महत्वपूर्ण संदेश देता है:
1. AI का विकेंद्रीकरण
अब AI केवल बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे टेक शहरों तक सीमित नहीं। पूर्वोत्तर, पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्रों को समान अवसर देने की नीति पर जोर।
2. AI + Social Impact पर ध्यान
सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में AI की भूमिका पर कई चर्चाएँ की गईं।
उदाहरण:
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पहाड़ी क्षेत्रों में AI आधारित स्वास्थ्य डायग्नोस्टिक्स
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पूर्वोत्तर के किसानों के लिए मौसम व मिट्टी आधारित AI समाधान
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आपदा प्रबंधन में AI की भूमिका
3. Startups और Innovation को बड़ा प्लेटफ़ॉर्म
पूर्वोत्तर के स्टार्टअप्स को AI समाधान प्रस्तुत करने का मौका मिला।
केंद्र और राज्य सरकार स्टार्टअप्स के लिए अनुदान, क्लाउड क्रेडिट और तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगी।
पूर्वोत्तर को क्या लाभ मिलेगा? — क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने का अवसर
शिलांग सम्मेलन के बाद मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में AI पारिस्थितिकी तंत्र (AI Ecosystem) को तेज़ी से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्य लाभ:
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तकनीकी स्किल्ड युवा बढ़ेंगे — रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
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AI शोध और नवाचार केंद्र विकसित होंगे।
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स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय AI समाधान तैयार होंगे।
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स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय AI नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा।
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सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
यह न केवल पूर्वोत्तर को डिजिटल इंडिया का सक्रिय हिस्सा बनाएगा, बल्कि भविष्य के टेक-इंडस्ट्री लीडर्स भी इसी क्षेत्र से निकल सकते हैं।
आगे का रास्ता: India–AI Impact Summit 2026 की तैयारी
शिलांग में आयोजित यह क्षेत्रीय सम्मेलन बड़े राष्ट्रीय आयोजन — India–AI Impact Summit 2026 — की तैयारी का हिस्सा है। अगले वर्ष यह भव्य समिट वैश्विक AI विशेषज्ञों, उद्योग नेताओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और सरकारी प्रतिनिधियों को एक ही मंच पर लाएगी।
पूर्वोत्तर का योगदान इस समिट में विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Exam-Friendly Static Facts)
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समारोह: क्षेत्रीय AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2025
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तारीख: 3 दिसंबर 2025
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स्थान: स्टेट कन्वेंशन सेंटर, शिलांग, मेघालय
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थीम: People, Planet and Progress
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IndiaAI Mission निवेश: ₹10,300 करोड़ से अधिक
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कंप्यूटिंग क्षमता: 38,000 GPUs
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मेघालय में नई AI लैब्स: ITI Shillong, Shillong Polytechnic, ITI Tura
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लक्ष्य: 10 लाख युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित करना

