NCAER ने सुरेश गोयल को महानिदेशक नियुक्त किया
NCAER ने सुरेश गोयल को महानिदेशक नियुक्त किया

NCAER ने सुरेश गोयल को महानिदेशक नियुक्त किया

भारत की प्रमुख आर्थिक नीति थिंक टैंक संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) ने सुरेश गोयल को अपना नया महानिदेशक (Director General) नियुक्त करने की घोषणा की है। उनका कार्यकाल 5 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। यह नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब भारत सरकार दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों, अवसंरचना विस्तार, राजकोषीय स्थिरता और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-Based Policymaking) पर विशेष जोर दे रही है।

NCAER जैसे प्रतिष्ठित और स्वतंत्र नीति संस्थान का नेतृत्व केवल प्रशासनिक भूमिका नहीं होता, बल्कि यह भारत के आर्थिक विमर्श, शोध प्राथमिकताओं और सरकार को दी जाने वाली नीति सलाह की दिशा तय करता है। ऐसे में सुरेश गोयल की नियुक्ति को भारतीय नीति-अनुसंधान परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।


सुरेश गोयल कौन हैं?

सुरेश गोयल सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पेशेवर हैं। उनका करियर अवसंरचना वित्त, नीति, निवेश और रणनीतिक नेतृत्व के क्षेत्रों में फैला हुआ है।

प्रमुख पद और अनुभव

  • नेशनल हाईवे इन्फ्रा ट्रस्ट (NHIT) के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं सीईओ

  • NHIT, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NHAI के अंतर्गत कार्य करता है और नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) के लक्ष्यों को समर्थन देता है

  • NHIT के माध्यम से उन्होंने भारत में अवसंरचना परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण और दीर्घकालिक निवेश ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई

  • इससे पहले Macquarie Infrastructure and Real Assets, सिंगापुर में सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर तथा भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया प्रमुख के रूप में कार्य किया

उनका यह अनुभव उन्हें नीति, वित्त और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच सेतु बनाने वाला नेता बनाता है, जो किसी भी थिंक टैंक के लिए अत्यंत मूल्यवान माना जाता है।


महानिदेशक के रूप में प्रमुख जिम्मेदारियाँ

NCAER के डायरेक्टर जनरल के तौर पर सुरेश गोयल की भूमिका केवल मौजूदा शोध कार्यों की निगरानी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें संस्था को नए और उभरते नीति क्षेत्रों में आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

प्राथमिक फोकस क्षेत्र

  • राज्यों की आर्थिक वृद्धि (State-level Growth)

  • हेल्थ इकोनॉमिक्स

  • मैक्रोइकोनॉमिक्स और फिस्कल पॉलिसी

  • फाइनेंस और कैपिटल मार्केट्स

  • डेटा-आधारित नीति इनसाइट्स और एनालिटिक्स

इसके अलावा, वे—

  • NCAER के अंतर्गत नए रिसर्च सेंटर स्थापित करने

  • संस्था के एंडोमेंट फंड को बढ़ाने

  • केंद्र और राज्य सरकारों के साथ नीति संवाद को और मज़बूत करने

पर विशेष ध्यान देंगे, ताकि NCAER भारत के आर्थिक एजेंडे को आकार देने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सके।


NCAER क्या है?

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित स्वतंत्र आर्थिक अनुसंधान संस्थाओं में से एक है।

प्रमुख विशेषताएँ

  • स्थापना: 1956

  • मुख्यालय: नई दिल्ली

  • प्रकृति: स्वतंत्र, गैर-लाभकारी नीति अनुसंधान संस्था

कार्यक्षेत्र

NCAER—

  • केंद्र और राज्य सरकारों को नीति-उन्मुख अनुसंधान के माध्यम से सहयोग देता है

  • मैक्रोइकोनॉमिक्स, कृषि, मानव विकास, व्यापार, प्रौद्योगिकी, लैंगिक अध्ययन और नीति मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में कार्य करता है

  • मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ नियमित रूप से सहयोग करता है

NCAER के अध्ययन और सर्वेक्षणों का उपयोग नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और अन्य विभागों द्वारा नीति निर्णयों में किया जाता रहा है।


नियुक्ति का महत्व

1. साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बल

यह नियुक्ति दर्शाती है कि भारत आर्थिक शासन में डेटा, रिसर्च और दीर्घकालिक विश्लेषण को केंद्रीय भूमिका देना चाहता है।

2. अवसंरचना–नीति समन्वय

सुरेश गोयल का अवसंरचना वित्त और परिसंपत्ति मौद्रीकरण का अनुभव नीति शोध को व्यावहारिक क्रियान्वयन से जोड़ने में मदद करेगा।

3. राष्ट्रीय दृष्टि के साथ संरेखण

संस्थागत सुदृढ़ीकरण, राज्यों की भूमिका और दीर्घकालिक योजना के माध्यम से यह नियुक्ति ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप है।

4. थिंक टैंकों की भूमिका का विस्तार

यह संकेत भी मिलता है कि सरकार और नीति-निर्माता थिंक टैंकों को केवल सलाहकार नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं।


नेतृत्व परिवर्तन का संदर्भ

सुरेश गोयल ने पूनम गुप्ता का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2025 में समाप्त हुआ था। पूनम गुप्ता के नेतृत्व में NCAER ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और महामारी के बाद की चुनौतियों पर महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए थे। अब नया नेतृत्व संस्था को अगले चरण में ले जाने की जिम्मेदारी निभाएगा।


मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सुरेश गोयल को 5 जनवरी 2026 से NCAER का महानिदेशक नियुक्त किया गया

  • वे NHIT के पूर्व MD एवं CEO रह चुके हैं

  • NCAER भारत की अग्रणी आर्थिक नीति थिंक टैंक संस्था है

  • नियुक्ति साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और अवसंरचना-नीति समन्वय को मजबूती देती है

  • यह कदम ‘विकसित भारत’ के दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply