जानें क्या है ‘VB-G RAM G’ योजना? यह मनरेगा से कैसे अलग है
जानें क्या है ‘VB-G RAM G’ योजना? यह मनरेगा से कैसे अलग है

जानें क्या है ‘VB-G RAM G’ योजना? यह मनरेगा से कैसे अलग है

ग्रामीण भारत के विकास और रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में केंद्र सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। मोदी सरकार अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह एक नया और विस्तारित ढांचा पेश करने जा रही है, जिसका नाम है—
‘विकसित भारत – रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, जिसे संक्षेप में VB-G RAM G कहा जा रहा है।

सरकार का दावा है कि यह नया ग्रामीण रोजगार कानून केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2047 के ‘विकसित भारत’ विजन को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण आजीविका, कृषि अवसंरचना और पंचायत आधारित विकास को एक साथ जोड़ेगा।


क्या है VB-G RAM G योजना?

VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) एक प्रस्तावित ग्रामीण रोजगार और आजीविका गारंटी कानून है, जिसे मनरेगा के उन्नत (Upgraded) संस्करण के रूप में देखा जा रहा है।

इस योजना का उद्देश्य—

  • ग्रामीण परिवारों को अधिक दिनों का रोजगार देना

  • मजदूरी भुगतान को तेज और पारदर्शी बनाना

  • ग्राम पंचायतों को विकास योजना का केंद्र बनाना

  • कृषि और ग्रामीण रोजगार के बीच संतुलन बनाना

सरकार का मानना है कि मनरेगा अपने समय में प्रभावी रही, लेकिन बदलती आर्थिक जरूरतों और ग्रामीण ढांचे के लिए अब एक अधिक लचीली, तकनीक-समर्थ और परिणाम-आधारित योजना की जरूरत है।


मनरेगा से कैसे अलग होगी VB-G RAM G योजना?

1️⃣ रोजगार के दिन बढ़ेंगे: 100 से 125 दिन

मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों का रोजगार मिलता है।
VB-G RAM G योजना के तहत यह सीमा बढ़ाकर 125 दिन की जाएगी।

 इससे ग्रामीण मजदूरों को अधिक स्थायी आय और सुरक्षा मिलेगी।


2️⃣ मजदूरी भुगतान होगा तेज

मनरेगा में मजदूरी भुगतान की समय-सीमा 15 दिन तक होती है, जिसमें अक्सर देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।

नई योजना के तहत—

  • साप्ताहिक भुगतान (Weekly Payment) की व्यवस्था की जा सकती है

  • या फिर काम पूरा होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा

 इससे मजदूरों की नकदी समस्या कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।


3️⃣ ग्राम पंचायत बनेगी योजना की धुरी

VB-G RAM G में ग्राम पंचायत योजनाओं को अनिवार्य किया गया है।
अब—

  • पंचायतें खुद रोजगार और विकास योजनाएँ तैयार करेंगी

  • इन योजनाओं को PM Gati Shakti जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा

 इससे योजनाओं में दोहराव कम होगा और स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम होंगे।


किसानों को मिलेगा “डबल फायदा”

यह योजना केवल मजदूरों के लिए नहीं, बल्कि किसानों के हितों को भी ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

 1️⃣ बुआई और कटाई के समय मजदूरों की उपलब्धता

नए कानून के तहत—

  • बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन का विशेष समय निर्धारित किया जाएगा

  • इस अवधि में ग्रामीण रोजगार योजना के अन्य कार्यों को सीमित या रोका जा सकता है

 इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर मजदूरों की कमी न हो।


 2️⃣ फर्जी मजदूरी पर लगेगी रोक

खेती के पीक सीजन में सरकारी काम रोकने से—

  • फर्जी हाजिरी

  • कृत्रिम मजदूरी बढ़ाने
    जैसी समस्याओं पर नियंत्रण लगेगा।

 इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग होगा।


 3️⃣ कृषि अवसंरचना को मजबूती

VB-G RAM G के तहत—

  • सिंचाई परियोजनाएँ

  • जल संरक्षण

  • खेतों तक पहुँचने वाली ग्रामीण सड़कों

  • तालाब और नहरों जैसे ढाँचों पर ज़ोर दिया जाएगा

👉 इससे किसानों की उत्पादकता और आय दोनों में सुधार होगा।


ग्रामीण मजदूरों को कैसे होगा फायदा?

VB-G RAM G योजना ग्रामीण श्रमिकों के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकती है—

  • 125 दिन का रोजगार → अधिक आय सुरक्षा

  • तेज़ भुगतान प्रणाली → कम कर्ज़ निर्भरता

  • स्थानीय स्तर पर काम → पलायन में कमी

  • बेहतर पंचायत योजनाएँ → गुणवत्ता वाले काम

सरकार का लक्ष्य है कि मजदूरी केवल अस्थायी राहत न रहे, बल्कि स्थायी आजीविका का आधार बने


2047 के ‘विकसित भारत’ विजन से कैसे जुड़ी है यह योजना?

VB-G RAM G को सीधे तौर पर भारत @2047 विजन से जोड़ा गया है, जिसके तहत—

  • ग्रामीण-शहरी अंतर कम करना

  • रोजगार के साथ कौशल विकास

  • आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत

  • टिकाऊ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

पर ज़ोर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि मजबूत ग्रामीण भारत के बिना विकसित भारत संभव नहीं है।

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