शहरों की सुरक्षा उनकी रहने‑योग्यता निर्धारित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। मिड‑2025 के Numbeo Safety Index के मुताबिक भारत का सुरक्षा स्कोर 55.8 है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर 67वें स्थान पर आता हैGKToday। यह दर्शाता है कि जबकि देश के शहरों में सुरक्षा की दिशा में प्रगति हो रही है, सुधार की काफी गुंजाइश अभी भी मौजूद है।
शीर्ष‑10 सुरक्षित शहर (Numbeo Safety Index, 2025)
Numbeo का Safety Index यह मापता है कि नागरिक खुद अपने शहर को कितनी सुरक्षित महसूस करते हैं—यह अवांछित व्यवहार, आपराधिक गतिविधियों और पुलिस प्रणाली पर भरोसे जैसे पहलुओं पर आधारित होता हैWikipediaDeshGujarat।
| रैंक | शहर (राज्य) | Safety Index | Crime Index (कम बेहतर) | वैश्विक रैंक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मैंगलोर (कर्नाटक) | 74.2 | 25.8 | 49 |
| 2 | वडोदरा (गुजरात) | 69.2 | 30.8 | 85–86 |
| 3 | अहमदाबाद (गुजरात) | 68.2–68.6 | ~31.8 | 93–94 / 77 |
| 4 | सूरत (गुजरात) | 66.6 | 33.4 | 106 |
| 5 | जयपुर (राजस्थान) | 65.2 | 34.8 | 118 |
| 6 | नवी मुंबई (महाराष्ट्र) | 63.5 | 36.8 | 126 |
| 7 | तिरुवनंतपुरम (केरल) | 61.1 | 38.9 | 149 |
| 8 | चेन्नई (तमिलनाडु) | 60.3 | 37.9 | 123–158 |
| 9 | पुणे (महाराष्ट्र) | 58.7 | 41.3 | 129 |
| 10 | चंडीगढ़ | 57.4 | 42.6 | 175 |
मैंगलोर ने भारत में सबसे सुरक्षित शहर का स्थान अर्जित किया, साथ ही वैश्विक स्तर पर 49वें स्थान पर भी रहाThe Times of India। गुजरात की तीन प्रमुख शहरी इकाइयाँ—वडोदरा, अहमदाबाद और सूरत—शीर्ष 5 में शामिल हुईं, यह राज्य की सुव्यवस्थित कानून व्यवस्था और नागरिक संस्कार को दर्शाता हैDeshGujarat।
क्षेत्रीय अंतर और उत्तरदायित्व
दक्षिणी और पश्चिमी शहरों ने बेहतर शहरी प्रबंधन, निगरानी और सामुदायिक समर्थन की वजह से बेहतर प्रदर्शन किया है। जबकि दिल्ली‑NCR (दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद) जैसे उत्तर-राष्ट्रीय क्षेत्र अब भी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैंNavbharat Times।
वैश्विक संदर्भ में भारत
जहां भारत का Safety Index 67वां स्थान है, वहीं पास के देशों की तुलना में यह स्थिति मिश्रित है—उदाहरण के लिए, पाकिस्तान को 65वां स्थान मिला हैGujarat Samachar।
दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की बात करें, तो टॉप‑5 में Andorra, UAE, Qatar, Taiwan और Oman शामिल हैंGKToday।
साथ ही, Global Peace Index 2025 में भारत ने 115वां स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले सुधार दर्शाता हैThe Indian ExpressPWOnlyIAS।
सारांश: क्या हम सुरक्षित शहरों की ओर बढ़ रहे हैं?
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भारत की सुरक्षा रैंकिंग में सुधार की गुंजाइश है, लेकिन मैंगलोर जैसे मॉडल शहर और गुजरात के सुरक्षित शहर सकारात्मक संकेत देते हैं।
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संरचना, निगरानी (जैसे CCTV), जनस्थल सुरक्षा और पुलिस‑जन संपर्क जैसे उपाय सुरक्षा में बड़ा अंतर ला रहे हैं, जैसा कि जयपुर में किया गया हैBhaskar English।
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भ्रष्टाचार नियंत्रण, शिक्षा और सामाजिक स्थिरता जैसे कारक भी शहरों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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दिल्ली‑NCR जैसे इलाके अभी भी सुधार की मांग करते हैं। यदि ये सुधार किए जा सकें, तो भारत की कुल सुरक्षा तस्वीर और सकारात्मक हो सकती है।
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