मनु भाकर का शानदार प्रदर्शन: एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में 25 मीटर पिस्टल में रजत पदक
मनु भाकर का शानदार प्रदर्शन: एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में 25 मीटर पिस्टल में रजत पदक

मनु भाकर का शानदार प्रदर्शन: एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में 25 मीटर पिस्टल में रजत पदक

भारत की स्टार निशानेबाज़ मनु भाकर ने नई दिल्ली में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर शानदार वापसी की है। यह उपलब्धि उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में सातवें स्थान पर रहने के महज़ पाँच दिन बाद हासिल की। दबाव, कड़ा मुकाबला और डबल शूट-ऑफ जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मनु ने जिस मानसिक मजबूती का परिचय दिया, वह उनके चैंपियन जज़्बे को दर्शाता है। खास बात यह है कि 25 मीटर पिस्टल में यह उनका पहला व्यक्तिगत सिल्वर मेडल है।


फाइनल का रोमांच: सिल्वर मेडल तक का सफर

25 मीटर पिस्टल फाइनल की शुरुआत मनु के लिए आसान नहीं रही। शुरुआती दौर में वह लय खोजती नजर आईं, लेकिन अनुभव और धैर्य के दम पर उन्होंने खुद को मुकाबले में बनाए रखा। क्वालिफिकेशन राउंड में 584 अंकों के साथ उन्होंने आराम से फाइनल में जगह बनाई थी, जो उनके शानदार फॉर्म का संकेत था।

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मनु ने 35 अंक बनाए और वियतनाम की थुई ट्रांग गुयेन के साथ बराबरी पर रहीं। इसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ में गया। पहले शूट-ऑफ में भी दोनों के बीच बराबरी रही, जिससे तनाव और बढ़ गया। दूसरे शूट-ऑफ में मनु तीन टारगेट चूक गईं, जिसके चलते उन्हें स्वर्ण पदक से चूककर रजत से संतोष करना पड़ा।

हालांकि गोल्ड से मामूली अंतर से चूकना किसी भी खिलाड़ी के लिए निराशाजनक हो सकता है, लेकिन इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि मनु फाइनल के दबाव को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।


धीमी शुरुआत, लेकिन शानदार वापसी

फाइनल के शुरुआती चरण में ईशा सिंह और गुयेन बढ़त बनाए हुए थीं, जबकि मनु अपेक्षित लय में नहीं दिख रही थीं। परंतु मुकाबले का रुख नौवीं एलिमिनेशन सीरीज़ में बदला, जब ईशा सिंह ने पांच शॉट मिस कर दिए। यह पल निर्णायक साबित हुआ।

मनु ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और संयम बनाए रखते हुए सिल्वर मेडल पोज़िशन सुरक्षित कर ली। दबाव में शांत रहकर प्रदर्शन करना किसी भी शीर्ष खिलाड़ी की पहचान होती है, और मनु ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह बड़े मंच की खिलाड़ी हैं।


10 मीटर एयर पिस्टल की निराशा से उबरना

एशियन चैंपियनशिप में ही 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में मनु सातवें स्थान पर रही थीं। यह उनके स्तर के हिसाब से उम्मीद से कम परिणाम था। लेकिन उन्होंने इस झटके को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

मनु का कहना है कि वह हमेशा “बड़ी तस्वीर” पर ध्यान देती हैं। उनके अनुसार, एक स्पर्धा का परिणाम दूसरी स्पर्धा के प्रदर्शन को तय नहीं करता। हार या निराशा को जल्दी पीछे छोड़ना और अगले मुकाबले पर फोकस करना उनकी मानसिक रणनीति का हिस्सा है।

यही सोच उन्हें 25 मीटर पिस्टल फाइनल में मानसिक रूप से तरोताजा और आत्मविश्वासी बनाए रखने में मददगार रही। यह परिपक्वता उनके खेल में आए विकास को दर्शाती है।


25 मीटर पिस्टल में पहला व्यक्तिगत रजत

मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं, लेकिन 25 मीटर पिस्टल उनके लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण स्पर्धा रही है। इससे पहले उन्होंने ISSF वर्ल्ड कप 2021 और 2023 में इस इवेंट में कांस्य पदक जीते थे।

एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में जीता गया यह रजत पदक उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल उनके कौशल में निरंतरता का संकेत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वह इस स्पर्धा में धीरे-धीरे और अधिक मजबूत हो रही हैं।


दो इवेंट्स के बीच संतुलन की कला

मनु 2018 से 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल—दोनों इवेंट्स में भाग ले रही हैं। दो अलग-अलग स्पर्धाओं में लगातार प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं होता, क्योंकि दोनों की तकनीक, लय और मानसिक तैयारी अलग होती है।

मनु का मानना है कि सही तैयारी और अनुभव से संतुलन संभव है। उनके अनुसार, हर इवेंट को अलग नजरिए से देखना चाहिए। यही दृष्टिकोण उन्हें एक स्पर्धा के परिणाम को दूसरी पर हावी नहीं होने देता।

एशियन चैंपियनशिप जैसे उच्च दबाव वाले टूर्नामेंट में यह मानसिक संतुलन बेहद अहम साबित होता है।


आगे की राह: एशियन गेम्स और ओलंपिक क्वालिफिकेशन

2026 भारतीय निशानेबाज़ों के लिए बेहद महत्वपूर्ण वर्ष है। एशियन गेम्स नज़दीक हैं और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया भी इसी साल शुरू होनी है।

मनु भाकर का कहना है कि वह अपने कोच के साथ मिलकर सही समय पर पीक फॉर्म हासिल करने की योजना पर काम कर रही हैं। प्रतियोगिताओं का चयन, वर्कलोड मैनेजमेंट और मानसिक तैयारी—ये सभी पहलू उनके आगामी प्रदर्शन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

फिलहाल एशियन गेम्स उनके कैलेंडर का प्रमुख लक्ष्य हैं, लेकिन इस रजत पदक ने यह साफ कर दिया है कि वह बड़े मंच पर पदक जीतने की प्रबल दावेदार हैं।

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