नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में भारतीय निशानेबाज़ों का दबदबा लगातार जारी है। प्रतियोगिता के सात दिन पूरे होने तक भारत ने दो और स्वर्ण पदक जीतकर अपने स्वर्ण पदकों की संख्या 39 तक पहुँचा दी है। कुल 66 पदकों — 39 स्वर्ण, 15 रजत और 12 कांस्य — के साथ भारत पदक तालिका में मजबूती से शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
यह चैंपियनशिप भारतीय शूटिंग के लिए एक स्वर्णिम अभियान साबित हो रही है। जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों का संतुलित और आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन देश की बढ़ती शूटिंग ताकत को दर्शाता है।
प्राची गायकवाड़ का शानदार स्वर्णिम प्रदर्शन
युवा निशानेबाज़ प्राची गायकवाड़ ने जूनियर महिला 50 मीटर राइफल थ्री-पोज़िशन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने 353.3 अंकों का प्रभावशाली स्कोर बनाकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया।
कजाखस्तान की टोमिरिस अमानोवा ने 351.4 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि भारत की अनुष्का ठाकुर ने 341.1 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन घुटने (Kneeling), प्रोन (Prone) और स्टैंडिंग (Standing) तीनों पोज़िशन में प्राची की निरंतरता और मानसिक मजबूती ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई।
यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय जूनियर शूटिंग प्रतिभा की गहराई और भविष्य की संभावनाओं का भी संकेत देती है।
जूनियर महिला टीम का स्वर्णिम कमाल
जूनियर महिला 50 मीटर राइफल थ्री-पोज़िशन टीम स्पर्धा में भी भारत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। प्राची गायकवाड़, अनुष्का ठाकुर और हेज़ल की तिकड़ी ने संयुक्त रूप से 1,748 अंकों का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
तीनों खिलाड़ियों ने तीनों पोज़िशन में संतुलित और सटीक प्रदर्शन किया। यह टीम जीत दर्शाती है कि भारत केवल व्यक्तिगत स्पर्धाओं में ही नहीं, बल्कि टीम इवेंट्स में भी मजबूत दावेदार बन चुका है। यह सामूहिक सफलता भारतीय शूटिंग प्रणाली में मजबूत जमीनी प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास का प्रमाण है।
सीनियर महिला वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन
सीनियर महिला 50 मीटर राइफल थ्री-पोज़िशन स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाज़ों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
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आकृति दहिया ने 354.2 अंकों के साथ रजत पदक जीता।
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वह कजाखस्तान की सोफिया शुलझेंको से केवल चार अंक पीछे रहीं।
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अनुभवी खिलाड़ी अंजुम मौदगिल ने 340.4 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
टीम स्पर्धा में आकृति दहिया, अंजुम मौदगिल और आशी चौकसे की भारतीय तिकड़ी ने 1,756 अंकों के साथ रजत पदक जीता। कजाखस्तान ने 1,760 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
सीनियर वर्ग में यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत के पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है।
सात दिन बाद पदक तालिका में भारत शीर्ष पर
सात दिनों की प्रतियोगिता के बाद भारत का पदक विवरण इस प्रकार है:
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39 स्वर्ण
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15 रजत
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12 कांस्य
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कुल: 66 पदक
इस शानदार उपलब्धि के साथ भारत ने अन्य देशों पर उल्लेखनीय बढ़त बना ली है। पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर मजबूत पकड़ भारत की सुनियोजित तैयारी और निरंतर प्रदर्शन का परिणाम है।
भारतीय शूटिंग का उज्ज्वल भविष्य
एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में यह सफलता केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है। यह भारतीय शूटिंग पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को भी दर्शाती है।
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जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज कार्यक्रम
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उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएँ
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अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचिंग स्टाफ
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खेल विज्ञान और मानसिक प्रशिक्षण पर जोर
इन सभी कारकों ने मिलकर भारतीय निशानेबाज़ों को एशिया में अग्रणी बना दिया है।
जूनियर वर्ग की सफलता विशेष रूप से उत्साहजनक है, क्योंकि यही खिलाड़ी आने वाले वर्षों में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

