अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू
अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield शुरू कर दिया है। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएँ तेज हैं।

हाल के दिनों में कुछ अमेरिकी सैन्य उपकरणों की संभावित पुनः तैनाती को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, इसके बावजूद United States और South Korea दोनों ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य अभ्यास अपनी निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा।

यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और हर वर्ष आयोजित किया जाता है।


फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास क्या है?

फ्रीडम शील्ड एक बड़ा वार्षिक रक्षा अभ्यास है जिसे अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाएँ संयुक्त रूप से आयोजित करती हैं। इसका उद्देश्य दोनों सहयोगी देशों के बीच सैन्य समन्वय को मजबूत करना और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है।

इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध रणनीतियों, कमांड संरचना और वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों पर आधारित प्रशिक्षण शामिल होता है।

इस अभ्यास की प्रमुख गतिविधियाँ

  • कमांड-पोस्ट सिमुलेशन

  • फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास

  • संयुक्त सैन्य समन्वय गतिविधियाँ

यह सैन्य अभ्यास सोमवार से शुरू हुआ है और 19 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न सैन्य इकाइयाँ संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यासों में भाग लेंगी।


सैनिकों की भागीदारी

इस अभ्यास में लगभग 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक भाग ले रहे हैं। हालांकि United States Forces Korea ने इसमें शामिल अमेरिकी सैनिकों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है।

फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभ्यास दोनों देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति को मजबूत करने और संभावित क्षेत्रीय खतरों से निपटने की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


अमेरिकी सैन्य उपकरणों की आवाजाही की रिपोर्ट

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि दक्षिण कोरिया में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य उपकरणों को मध्य पूर्व में संभावित अभियानों के समर्थन के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।

दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी Yonhap News Agency के अनुसार बड़े अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान जैसे:

  • Lockheed C-5 Galaxy

  • Boeing C-17 Globemaster III

सियोल के पास स्थित Osan Air Base पर उतरे थे और कुछ दिनों बाद वहां से रवाना हो गए।

इन गतिविधियों के बाद सैन्य संसाधनों की संभावित पुनः तैनाती को लेकर अटकलें और तेज हो गईं।


पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की भूमिका

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि कुछ MIM-104 Patriot मिसाइल प्रणाली इकाइयों को दक्षिण कोरिया में अन्य अमेरिकी ठिकानों से ओसान एयर बेस पर स्थानांतरित किया गया।

पैट्रियट मिसाइल प्रणाली वायु रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह:

  • आने वाले खतरों का पता लगा सकती है

  • दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को ट्रैक कर सकती है

  • क्रूज़ मिसाइल और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकती है

यह प्रणाली मुख्य रूप से North Korea से संभावित मिसाइल खतरों से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया की रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है।


मध्य पूर्व में पहले भी हुई थी तैनाती

पिछले वर्ष जून में दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना की दो पैट्रियट मिसाइल बैटरियों को अस्थायी रूप से मध्य पूर्व भेजा गया था। उस समय यह कदम Iran के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े तनाव के कारण उठाया गया था।

बाद में ये मिसाइल प्रणालियाँ अक्टूबर में वापस दक्षिण कोरिया लौटा दी गई थीं। इसी वजह से हाल की विमान गतिविधियों ने संभावित पुनः तैनाती को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है।


सरकारों की प्रतिक्रिया

दोनों देशों की सरकारों ने सैन्य उपकरणों की आवाजाही के बारे में विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया है।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश लगातार संपर्क में हैं ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रीडम शील्ड अभ्यास सामान्य रूप से जारी है, भले ही मध्य पूर्व की स्थिति बदलती रहे।


अभ्यास के पैमाने में बदलाव

इस वर्ष के अभ्यास में 22 फील्ड ट्रेनिंग ड्रिल शामिल हैं, जबकि पिछले संस्करण में 51 ड्रिल आयोजित किए गए थे।

यह बदलाव दक्षिण कोरिया के वर्तमान राष्ट्रपति Lee Jae-myung के प्रशासन के दौरान किया गया है, जो पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol के महाभियोग के बाद सत्ता में आए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि अभ्यास के पैमाने में यह कमी उत्तर कोरिया के साथ तनाव को कम करने की कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा हो सकती है।


उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और परमाणु कार्यक्रम

इस बीच Kim Jong Un ने हाल ही में सत्तारूढ़ Workers’ Party of Korea की एक बैठक में देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम को और मजबूत करने की बात कही है।

उन्होंने मिसाइल वितरण प्रणालियों को उन्नत करने और सैन्य क्षमता को बढ़ाने की भी घोषणा की। हालांकि, किम जोंग उन ने यह संकेत भी दिया कि यदि अमेरिका अपनी “शत्रुतापूर्ण नीति” में बदलाव करता है तो दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध संभव हो सकते हैं।

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