भारत ने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय पैरा एथलीटों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 208 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह देश में पैरा खेलों के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों की मेहनत का भी प्रमाण है।
तीन दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित आयोजन का आयोजन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया गया, जिसमें आठ देशों के कुल 257 एथलीटों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रैक और फील्ड दोनों स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 75 स्वर्ण, 69 रजत और 64 कांस्य पदक जीतकर सभी को प्रभावित किया।
पदक तालिका में भारत का दबदबा
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 की पदक तालिका में भारत ने अपना पूर्ण वर्चस्व कायम रखा। मेजबान देश होने का फायदा उठाते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने हर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और लगातार पोडियम पर जगह बनाई।
भारत ने कुल 75 स्वर्ण पदकों के साथ प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा 69 रजत और 64 कांस्य पदकों के साथ कुल 208 पदक जीतकर भारत अन्य देशों से काफी आगे रहा। रूस 35 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना केवल तीन पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत अब पैरा एथलेटिक्स के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक शक्ति बन चुका है।
भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
इस प्रतियोगिता में कई भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से दो बार की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर T35–T37 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारत के पदक खाते को मजबूत किया, बल्कि अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया। इसके अलावा कई अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने-अपने इवेंट्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया।
कई स्पर्धाओं में भारत का क्लीन स्वीप
भारत का दबदबा कई स्पर्धाओं में साफ देखने को मिला, जहाँ भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम के तीनों स्थानों पर कब्जा जमाया। यह उपलब्धि किसी भी देश के लिए बेहद खास होती है और यह टीम की गहराई तथा प्रतिभा को दर्शाती है।
पुरुषों की शॉट पुट F57 स्पर्धा में शुभम जुयाल ने 14.45 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता। इस इवेंट में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन इतना मजबूत था कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन गया।
वहीं, पुरुषों की 200 मीटर T37–T44 दौड़ में राकेशभाई भट्ट ने 25.20 सेकंड का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम के सभी स्थान अपने नाम किए, जो भारत की ताकत को दर्शाता है।
ट्रैक इवेंट्स में भी भारत का जलवा
केवल फील्ड इवेंट्स ही नहीं, बल्कि ट्रैक इवेंट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 800 मीटर T53–T54 दौड़ में मनोजकुमार सबापति ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की कुल पदक संख्या को और मजबूत किया।
इन इवेंट्स में भारतीय एथलीटों की फिटनेस, रणनीति और आत्मविश्वास साफ नजर आया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखा।
भारत की बढ़ती ताकत का संकेत
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भारत का यह प्रदर्शन केवल एक जीत नहीं, बल्कि देश में पैरा स्पोर्ट्स के विकास की कहानी भी है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार और खेल संगठनों द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं, प्रशिक्षण और समर्थन का असर अब साफ दिखने लगा है।
यह सफलता आने वाले पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी सकारात्मक संकेत देती है। भारतीय पैरा एथलीट अब न केवल भाग लेने के लिए, बल्कि जीतने के इरादे से मैदान में उतर रहे हैं।

