हर वर्ष 25 मार्च को दुनिया भर में International Day of Solidarity with Detained and Missing Staff Members मनाया जाता है। यह दिवस उन संयुक्त राष्ट्र (UN) कर्मियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए समर्पित है, जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए हिरासत में लिए गए, लापता हो गए या अपनी जान गंवा बैठे।
वर्ष 2026 में भी यह दिन वैश्विक स्तर पर मनाया गया, जिसमें UN कर्मचारियों की सुरक्षा, शांतिरक्षा मिशनों के जोखिम और अपहृत कर्मियों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
क्या है यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस?
International Day of Solidarity with Detained and Missing UN Staff का उद्देश्य उन कर्मियों के प्रति समर्थन और सम्मान व्यक्त करना है, जो संघर्ष क्षेत्रों में काम करते हुए गंभीर जोखिमों का सामना करते हैं।
यह दिवस विशेष रूप से निम्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है:
- UN कर्मियों की सुरक्षा
- अपहरण और हिंसा के मामलों पर जागरूकता
- लापता कर्मचारियों के लिए न्याय
- वैश्विक स्तर पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना
यह दिन केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि एक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान भी है।
पृष्ठभूमि: बढ़ते खतरे और जोखिम
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में हुई थी, जिसके बाद से शांति और मानवीय कार्यों में लगे सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है।
1990 का दशक: एक महत्वपूर्ण मोड़
1990 के दशक में UN मिशनों का विस्तार हुआ, खासकर उन क्षेत्रों में जहां:
- सशस्त्र संघर्ष जारी थे
- राजनीतिक अस्थिरता अधिक थी
इस दौरान UN कर्मियों के खिलाफ हमले और मौतों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। आंकड़ों के अनुसार, इस दशक में मारे गए कर्मियों की संख्या पिछले चार दशकों से अधिक थी।
कानूनी ढांचा: सुरक्षा के लिए वैश्विक प्रयास
बढ़ते खतरों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने UN कर्मियों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
प्रमुख घटनाक्रम:
- 1993: UN सुरक्षा परिषद द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा पर पहला महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित
- 1994: UN महासभा ने Convention on the Safety of United Nations and Associated Personnel को अपनाया
इस सम्मेलन का महत्व:
- UN कर्मियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना
- उनके खिलाफ अपराधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना
- दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना
एलेक कोलेट मामला: इस दिवस की प्रेरणा
इस दिवस की शुरुआत एक वास्तविक और दुखद घटना से जुड़ी है—एलेक कोलेट का अपहरण।
🔹 कौन थे एलेक कोलेट?
- UN राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) से जुड़े पूर्व पत्रकार
- 1985 में लेबनान में अपहरण
- 2009 में उनके अवशेष बेका घाटी में पाए गए
यह घटना UN कर्मियों के सामने आने वाले गंभीर खतरों का प्रतीक बन गई और इसी के सम्मान में यह दिवस स्थापित किया गया।
आज के दिन के मुख्य उद्देश्य
यह दिवस केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि कार्रवाई के लिए प्रेरित करने वाला मंच है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- UN कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाना
- हिरासत में लिए गए और लापता कर्मियों के लिए न्याय की मांग
- शांतिरक्षा मिशनों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना
- NGOs, पत्रकारों और मानवीय कार्यकर्ताओं का समर्थन
वैश्विक महत्व और वर्तमान संदर्भ
आज के समय में, जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अस्थिरता बनी हुई है, UN कर्मियों के लिए जोखिम और भी बढ़ गए हैं।
- मानवीय सहायता कर्मियों पर हमले
- शांति सैनिकों के अपहरण
- संघर्ष क्षेत्रों में काम करने की कठिन परिस्थितियां
ऐसे में यह दिवस अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद दिलाता है कि शांति और मानवता की सेवा करने वालों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

