मोहम्मद सालाह ने रचा इतिहास: तीसरी बार बने PFA ‘प्लेयर ऑफ द ईयर
मोहम्मद सालाह ने रचा इतिहास: तीसरी बार बने PFA ‘प्लेयर ऑफ द ईयर

मोहम्मद सालाह ने रचा इतिहास: तीसरी बार बने PFA ‘प्लेयर ऑफ द ईयर

लिवरपूल के सुपरस्टार फुटबॉलर मोहम्मद सालाह ने एक ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया है, जिसकी बराबरी करना आने वाले कई सालों तक मुश्किल होगा। सालाह इंग्लिश फुटबॉल इतिहास में पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने प्रतिष्ठित PFA प्लेयर ऑफ द ईयर (PFA Player of the Year) का खिताब तीन बार जीता है। मंगलवार को घोषित हुए इस पुरस्कार ने न केवल उनके मौजूदा शानदार सीज़न को मुकम्मल किया बल्कि उन्हें प्रीमियर लीग के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार कर दिया।

सालाह का अविश्वसनीय सीज़न

2024–25 का सीज़न मोहम्मद सालाह के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। इस सीज़न में उन्होंने अपनी टीम लिवरपूल को प्रीमियर लीग का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। आर्सेनल जैसे मज़बूत प्रतिद्वंद्वी को 10 अंकों के अंतर से पछाड़ते हुए लिवरपूल ने खिताब पर कब्ज़ा किया, और इसमें सालाह का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ।

  • गोल किए: 29

  • असिस्ट दिए: 18

  • प्रभाव: लिवरपूल को प्रीमियर लीग खिताब दिलाया

इन आंकड़ों से साफ है कि सालाह केवल गोल ही नहीं कर रहे थे, बल्कि लगातार अपनी टीम के लिए मौके भी बना रहे थे। उनके गोल और असिस्ट का सीधा असर लिवरपूल की खिताबी जीत पर पड़ा।

इस सीज़न जीते बड़े अवॉर्ड

सालाह का यह सीज़न इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि उन्होंने एक ही साल में ऐसे अवॉर्ड्स का ट्रेबल हासिल किया, जो पहले कभी किसी खिलाड़ी ने नहीं किया।

  • PFA प्लेयर ऑफ द ईयर

  • प्रीमियर लीग प्लेयर ऑफ द सीज़न

  • गोल्डन बूट

  • प्लेमेकर अवॉर्ड

इस उपलब्धि को आप “ऐतिहासिक ट्रेबल” कह सकते हैं। एक ही सीज़न में सबसे ज़्यादा गोल, सबसे ज़्यादा असिस्ट, लीग का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और फिर PFA का शीर्ष सम्मान — यह किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हो सकती है।

सालाह के करियर के ऐतिहासिक पड़ाव

सालाह ने अपना पहला PFA अवॉर्ड 2018 में जीता था। इसके बाद 2022 में उन्होंने दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया। और अब, 2025 में 33 साल की उम्र में तीसरी बार यह अवॉर्ड जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।

यह उपलब्धि उन्हें रोनाल्डो, मेस्सी या इंग्लिश लीग के किसी भी दिग्गज से अलग बनाती है। इंग्लिश फुटबॉल में किसी भी खिलाड़ी ने तीन बार यह खिताब नहीं जीता था।

PFA अवॉर्ड्स 2025 के अन्य बड़े विजेता

यंग प्लेयर ऑफ द ईयर (पुरुष)

  • विजेता: मॉर्गन रोजर्स (एस्टन विला और इंग्लैंड)

  • आँकड़े: 8 लीग गोल और 4 चैंपियंस लीग गोल (जिसमें सेल्टिक के खिलाफ हैट्रिक शामिल)

  • उम्र: 23 वर्ष
    रोजर्स का यह सीज़न उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। युवा खिलाड़ी के रूप में उनका आत्मविश्वास और प्रदर्शन इंग्लैंड टीम के लिए भी अच्छे संकेत देता है।

महिला प्लेयर ऑफ द ईयर

  • विजेता: मारीओना काल्डेंटे (आर्सेनल और स्पेन)

  • आँकड़े: 9 लीग गोल और 8 चैंपियंस लीग गोल

  • उपलब्धि: आर्सेनल को चैंपियंस लीग फाइनल में बार्सिलोना पर जीत दिलाई
    मारीओना का यह सीज़न महिला फुटबॉल के लिए मील का पत्थर रहा। उन्होंने साबित किया कि बड़े मौकों पर वे कितनी भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।

महिला यंग प्लेयर ऑफ द ईयर

  • विजेता: ओलिविया स्मिथ (कनाडा और लिवरपूल)

  • आँकड़े: सभी प्रतियोगिताओं में 9 गोल

  • ट्रांसफर: आर्सेनल में £1 मिलियन में शामिल हुईं — यह ट्रांसफर मार्क तोड़ने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
    ओलिविया की कहानी महिला फुटबॉल में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है, जहां महिला खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी डील्स और सम्मान अब सामान्य बात बन रही है।

प्रीमियर लीग टीम ऑफ द ईयर (2024–25)

  • गोलकीपर: मैट्ज़ सेल्स (नॉटिंघम फॉरेस्ट)

  • डिफेंडर: वर्जिल वान डाइक (लिवरपूल), मिलोस केर्केज़ (बॉर्नमाउथ), विलियम सलीबा (आर्सेनल), गैब्रियल मगलायस (आर्सेनल)

  • मिडफील्डर: डेक्लन राइस (आर्सेनल), रायन ग्रावेनबर्च (लिवरपूल), एलेक्सिस मैक एलीस्टर (लिवरपूल)

  • फॉरवर्ड: मोहम्मद सालाह (लिवरपूल), अलेक्ज़ेंडर इसाक (न्यूकैसल), क्रिस वुड (नॉटिंघम फॉरेस्ट)

इस टीम से साफ झलकता है कि लिवरपूल और आर्सेनल इस सीज़न के सबसे मज़बूत क्लब रहे। सालाह, वान डाइक, ग्रावेनबर्च और मैक एलीस्टर की मौजूदगी ने लिवरपूल को बढ़त दिलाई, वहीं सलीबा और राइस जैसे खिलाड़ियों ने आर्सेनल को दमदार चुनौती देने में मदद की।

निष्कर्ष

मोहम्मद सालाह का यह सीज़न और उनका करियर इंग्लिश फुटबॉल में नई मिसाल कायम कर चुका है। तीन बार PFA प्लेयर ऑफ द ईयर जीतकर उन्होंने साबित किया कि निरंतरता और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी इतिहास रच सकता है। उनके रिकॉर्ड और ट्रॉफी कैबिनेट आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे।

सालाह अब सिर्फ लिवरपूल या मिस्र के हीरो नहीं हैं, बल्कि वे विश्व फुटबॉल की उन महान शख्सियतों में शुमार हो चुके हैं जिनका नाम हमेशा याद रखा जाएगा।

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