भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास से जुड़े शीर्ष ढांचे में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी एयर मार्शल एस. श्रीनिवास को भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण कमान (Training Command) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब IAF भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं, उन्नत तकनीक और उड़ान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने प्रशिक्षण ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
खबर में क्यों?
एयर मार्शल एस. श्रीनिवास ने 1 जनवरी को एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C), ट्रेनिंग कमांड के रूप में औपचारिक रूप से पदभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण कमान युद्ध स्मारक पर शहीद वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह प्रतीकात्मक कदम IAF की उस परंपरा को दर्शाता है, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन के साथ सेवा, बलिदान और कर्तव्य को सर्वोपरि रखा जाता है।
IAF ट्रेनिंग कमांड का महत्व
भारतीय वायुसेना का ट्रेनिंग कमांड बेंगलुरु में स्थित है और यह वायुसेना के संपूर्ण प्रशिक्षण ढांचे की रीढ़ माना जाता है। इसके अंतर्गत पायलट, ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर और तकनीकी कर्मियों का प्रारंभिक, उन्नत और विशेष प्रशिक्षण संचालित किया जाता है।
ट्रेनिंग कमांड की जिम्मेदारी केवल उड़ान कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उड़ान सुरक्षा, मानव कारक प्रबंधन, सिमुलेटर-आधारित प्रशिक्षण और भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करना भी शामिल है। ऐसे में इस कमान का नेतृत्व IAF की दीर्घकालिक परिचालन क्षमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
एयर मार्शल एस. श्रीनिवास: संक्षिप्त परिचय
एयर मार्शल एस. श्रीनिवास भारतीय वायुसेना के एक वरिष्ठ और अत्यंत अनुभवी अधिकारी हैं। उन्हें फाइटर संचालन, उड़ान प्रशिक्षण और प्रशिक्षण प्रशासन में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे एक कुशल फाइटर पायलट होने के साथ-साथ श्रेणी ‘A’ के योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं, जो उन्हें प्रशिक्षण कमान के नेतृत्व के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाता है।
करियर पृष्ठभूमि
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नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र
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13 जून 1987 को भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन
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श्रेणी ‘A’ के योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर
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विभिन्न विमानों पर 4,200 से अधिक उड़ान घंटे
लगभग चार दशकों के अपने करियर में उन्होंने प्रशिक्षण और संचालन—दोनों क्षेत्रों में संतुलित अनुभव अर्जित किया है।
उड़ान और परिचालन अनुभव
एयर मार्शल श्रीनिवास ने कई प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी है, जिनमें शामिल हैं:
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मिग-21, इस्क्रा, किरण
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पीसी-7 Mk-II, HPT-32, माइक्रोलाइट विमान
इसके अलावा वे—
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चेतक और चीता हेलीकॉप्टर पर सेकंड पायलट
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पेचोरा मिसाइल प्रणाली पर ऑपरेशंस ऑफिसर
के रूप में भी योग्य हैं। यह बहुआयामी अनुभव उन्हें उड़ान प्रशिक्षण, एयर डिफेंस और संयुक्त परिचालन समझ प्रदान करता है।
प्रमुख कमांड और प्रशिक्षण नियुक्तियाँ
एयर मार्शल एस. श्रीनिवास ने कई महत्वपूर्ण कमांड और प्रशिक्षण संस्थानों का नेतृत्व किया है, जिनमें शामिल हैं:
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कमांडेंट, एयर फोर्स अकादमी
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पश्चिमी सीमा पर अग्रिम फाइटर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग
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एक प्रमुख फ्लाइंग प्रशिक्षण बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग
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एयर ऑफिसर कमांडिंग, एडवांस मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान (जयपुर)
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कमांडिंग ऑफिसर, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल
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कमांडेंट, इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस सेफ्टी
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कमांडिंग ऑफिसर, बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल
इन पदों पर रहते हुए उन्होंने पायलट प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उड़ान सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षकों की क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताएँ
एयर मार्शल श्रीनिवास ने देश के प्रमुख रक्षा संस्थानों से उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है:
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नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC)
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कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (CDM)
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डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC)
उनकी शैक्षणिक योग्यताओं में शामिल हैं:
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रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एमफिल
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मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज
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रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में एमएससी
यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें रणनीतिक सोच और आधुनिक सैन्य प्रबंधन की गहरी समझ प्रदान करती है।
पुरस्कार और सम्मान
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल एस. श्रीनिवास को कई प्रतिष्ठित अलंकरण प्रदान किए गए हैं:
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विशिष्ट सेवा पदक (VSM) – 2017
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अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) – 2024
ये सम्मान उनके नेतृत्व, पेशेवर उत्कृष्टता और भारतीय वायुसेना के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।
ट्रेनिंग कमांड प्रमुख के रूप में प्राथमिकताएँ
विशेषज्ञों के अनुसार, उनके नेतृत्व में IAF ट्रेनिंग कमांड का फोकस इन बिंदुओं पर रहेगा:
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आधुनिक ट्रेनर विमान और सिमुलेटर का अधिक प्रभावी उपयोग
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उड़ान सुरक्षा और मानव कारक प्रबंधन को और सुदृढ़ करना
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भविष्य के नेटवर्क-सेंट्रिक और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के अनुरूप प्रशिक्षण
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प्रशिक्षकों और युवा अधिकारियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान

