एयर मार्शल संजीव घुराटिया बने भारतीय वायुसेना के नये रखरखाव प्रमुख
एयर मार्शल संजीव घुराटिया बने भारतीय वायुसेना के नये रखरखाव प्रमुख

एयर मार्शल संजीव घुराटिया बने भारतीय वायु सेना के नये रखरखाव प्रमुख

भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपने तकनीकी और लॉजिस्टिक तंत्र को और मज़बूती देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। एयर मार्शल संजीव घुराटिया, एवीएसएम, वीएसएम ने हाल ही में वायु सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस (AOM) का पदभार ग्रहण किया। लगभग चार दशकों के शानदार करियर और समृद्ध अनुभव के साथ वे भारतीय वायु सेना की तकनीकी उत्कृष्टता को नए स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


कार्यभार ग्रहण और शहीदों को श्रद्धांजलि

कार्यभार संभालते ही एयर मार्शल घुराटिया ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। यह कदम न केवल उनकी सैन्य परंपराओं के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है, बल्कि उनकी सेवा भावना और नेतृत्व की संवेदनशीलता को भी प्रकट करता है।


शिक्षा और शैक्षिक पृष्ठभूमि

एयर मार्शल घुराटिया का शैक्षिक सफर बेहद प्रेरणादायी है। वे सितंबर 1988 में भारतीय वायु सेना की एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग शाखा में शामिल हुए। उनकी शैक्षणिक योग्यता में शामिल हैं:

  • जीईसी, जबलपुर – इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

  • BITS पिलानी और मद्रास यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा

  • भोपाल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि

इसके अलावा, उन्होंने कई प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया:

  • डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन

  • एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बेंगलुरु

  • एयर फोर्स टेक्निकल कॉलेज, बेंगलुरु


पेशेवर सदस्यताएँ और फेलोशिप

तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में एयर मार्शल घुराटिया की अंतरराष्ट्रीय पहचान है। वे कई प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े हैं:

  • फेलो, रॉयल एयरोनॉटिकल सोसायटी (लंदन)

  • फेलो, एयरोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया

  • फेलो, IETE

  • एसोसिएट सदस्य, सोसाइटी ऑफ फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर्स (अमेरिका)

  • ISO 45000 (ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी मैनेजमेंट) के लीड ऑडिटर

ये सभी सदस्यताएँ उनके वैश्विक दृष्टिकोण और तकनीकी विशेषज्ञता को रेखांकित करती हैं।


करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ

लगभग 37 वर्षों की सेवा में एयर मार्शल घुराटिया ने वायु सेना के विभिन्न स्तरों पर नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाईं। उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:

  • सीनियर मेंटेनेंस स्टाफ ऑफिसर, मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड (पूर्व पद)

  • भारतीय वायु सेना में अनेक तकनीकी और रणनीतिक जिम्मेदारियाँ

  • संयुक्त राष्ट्र मिशन (कांगो) में सक्रिय भूमिका, जहाँ उन्हें यूएन फोर्स कमांडर से प्रशंसा प्राप्त हुई

  • वायु सेना के लॉजिस्टिक्स और रखरखाव तंत्र को मज़बूत बनाने में विशेष योगदान

उनका करियर तकनीकी विशेषज्ञता, परिचालन उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का अद्वितीय संगम माना जाता है।


पुरस्कार और सम्मान

सेवा काल में एयर मार्शल घुराटिया को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख हैं:

  • विशिष्ट सेवा पदक (VSM) – 2016

  • अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) – 2025 (भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त)

  • यूएन प्रशस्ति पत्र – कांगो मिशन में उत्कृष्ट सेवा हेतु

ये सम्मान उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता और भारतीय वायु सेना में योगदान की पहचान हैं।


भारतीय वायु सेना में भूमिका और महत्व

एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस (AOM) का पदभार भारतीय वायु सेना की तकनीकी रीढ़ है। इस भूमिका में अधिकारी पर वायु सेना के संपूर्ण लॉजिस्टिक्स, तकनीकी रखरखाव और परिचालन क्षमता की जिम्मेदारी होती है। विमानों की तकनीकी दक्षता बनाए रखना, नए उपकरणों का आधुनिकीकरण करना और बेड़े की परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करना इस पद के प्रमुख दायित्वों में शामिल है।

एयर मार्शल घुराटिया का तकनीकी और रणनीतिक अनुभव इस जिम्मेदारी को निभाने में भारतीय वायु सेना के लिए एक बड़ा लाभ साबित होगा। उनके नेतृत्व में वायु सेना का रखरखाव विभाग आधुनिक चुनौतियों का सामना करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए और अधिक सक्षम होगा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply