अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने 9वां स्थापना दिवस मनाया
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने 9वां स्थापना दिवस मनाया

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने 9वां स्थापना दिवस मनाया

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने नई दिल्ली कैंपस में अपने 9वें स्थापना दिवस का आयोजन किया। नौ वर्षों में, AIIA ने आयुर्वेदिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में उत्कृष्टता हासिल की है और देश में पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली को बढ़ावा देने के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है।

स्थापना दिवस के अवसर पर, संस्थान ने अपने उपलब्धियों, नवाचारों और वैश्विक योगदान को साझा किया और आने वाले वर्षों में आयुर्वेद को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैश्विक मानकों के साथ जोड़ने के अपने प्रयासों पर जोर दिया।


स्थापना दिवस की मुख्य झलकियाँ

नेतृत्व और मान्यता

इस अवसर के मुख्य अतिथि रहे श्री रामवीर सिंह बिधुरी, सांसद, जिन्होंने AIIA के नौ वर्षों के शैक्षणिक, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा योगदान की सराहना की। उन्होंने AIIA की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की यात्रा और हजारों मरीजों को राहत और उम्मीद देने में संस्थान की भूमिका को उजागर किया।

स्थापना दिवस के दौरान, संस्थान ने यह भी याद किया कि इसकी आधारशिला रखी गई थी, जब दिवंगत सुषमा स्वराज और भैरों सिंह शेखावत ने संस्थान के विकास में योगदान दिया था। इसने AIIA के दीर्घकालिक दृष्टिकोण और सार्वजनिक स्वास्थ्य में योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया।


संस्थागत उपलब्धियाँ और योगदान

AIIA के नौ वर्षों के सफर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ रही हैं:

  1. उपचारित मरीज:

    • AIIA के 44 विशेषज्ञ क्लिनिक के माध्यम से अब तक 30 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है।

    • ये क्लिनिक आयुर्वेदिक चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाएँ प्रदान करते हैं, जिसमें सिर दर्द, अस्थमा, मांसपेशी और हृदय रोग जैसी कई बीमारियों का समावेश है।

  2. स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्र:

    • भारत में सात नए स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्र स्थापित किए गए हैं।

    • इन केंद्रों का उद्देश्य आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुँचाना है।

  3. सहयोग और अंतरराष्ट्रीय पहल:

    • AIIA ने 73 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समझौते किए हैं।

    • इसका उद्देश्य सहयोगी अनुसंधान, शिक्षा और वैश्विक आयुर्वेद प्रचार को बढ़ावा देना है।

    • इन समझौतों के माध्यम से आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में मान्यता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान किया गया है।


वैश्विक आयुर्वेद में AIIA की भूमिका

AIIA ने न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर आयुर्वेद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके प्रमुख पहलुओं में शामिल हैं:

  1. आयुर्वेदिक शिक्षा और प्रशिक्षण:

    • BAMS, MD और PhD स्तर के पाठ्यक्रम।

    • छात्रों और चिकित्सकों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना।

  2. अनुसंधान और नवाचार:

    • आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार विधियों पर वैज्ञानिक अध्ययन और प्रयोगशालाएँ

    • डिजिटल तकनीक और AI आधारित समाधान के माध्यम से रोग निदान और उपचार को आधुनिक बनाना।

  3. रोगी देखभाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य:

    • हजारों मरीजों को उपचार और जीवनशैली परामर्श प्रदान करना।

    • वेलनेस केंद्र और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सामाजिक स्वास्थ्य सुधार

  4. वैश्विक प्रचार:

    • AIIA ने आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किया, जिससे भारत को पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया गया।


शैक्षिक और वेलनेस पहल

स्थापना दिवस के अवसर पर, AIIA ने अपने शैक्षिक और वेलनेस पहलों पर भी प्रकाश डाला:

  • जागरूकता अभियान: आम जनता को आयुर्वेदिक जीवनशैली और रोग निवारक उपायों के प्रति जागरूक करना।

  • स्वास्थ्य शिविर: आयुर्वेदिक निदान, उपचार और जीवनशैली परामर्श।

  • छात्र और चिकित्सक प्रशिक्षण: शैक्षणिक कार्यशालाओं और संगोष्ठियों के माध्यम से शिक्षा और अनुसंधान का प्रसार।

इन पहलों का उद्देश्य न केवल रोग निवारण है बल्कि आयुर्वेद की वैज्ञानिक विश्वसनीयता को भी बढ़ावा देना है।


मुख्य तथ्य एक नजर में

विवरण जानकारी
संस्थान का नाम अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA)
स्थापना वर्ष 2016
स्थापना दिवस 2025 – 9वां स्थापना दिवस
उपचारित मरीज 30 लाख+
स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र सात नए केंद्र स्थापित
सहयोग समझौते 73 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समझौते
मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदिक शिक्षा, अनुसंधान, रोगी देखभाल, वैश्विक प्रचार

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