Apple ने वैश्विक टेक उद्योग में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय मूल के तकनीकी विशेषज्ञ अमर सुब्रमण्यम को अपना नया आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कंपनी के AI नेतृत्व में अब तक के सबसे बड़े बदलावों में से एक मानी जा रही है। सुब्रमण्यम जॉन जियानान्ड्रिया का स्थान लेंगे, जो पिछले कई वर्षों से Apple की AI रणनीति का नेतृत्व कर रहे थे और 2026 की वसंत ऋतु में अपनी सेवानिवृत्ति तक सलाहकार की भूमिका में रहेंगे।
यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर AI तकनीक अभूतपूर्व गति से विकसित हो रही है और Apple को अपने प्रतिस्पर्धियों—Google, Microsoft और Samsung—से कड़ी चुनौती मिल रही है। ऐसे में कंपनी का AI नेतृत्व एक रणनीतिक और अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
Apple का AI पर बढ़ता फोकस
Apple के CEO टिम कुक ने अमर सुब्रमण्यम का स्वागत करते हुए कहा कि “AI लंबे समय से Apple की रणनीति का मुख्य आधार रहा है। सुब्रमण्यम के शामिल होने से कंपनी के भविष्य के प्रोडक्ट्स में अपनाई जाने वाली AI क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।”
सुब्रमण्यम, Apple की AI टीम में शामिल होकर सीधे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख क्रेग फेडेरीगी को रिपोर्ट करेंगे। Apple का ध्यान इस समय तीन बड़े क्षेत्रों पर है—
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फाउंडेशन AI मॉडल्स का विकास
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डिवाइस आधारित जनरेटिव AI
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Siri के उन्नत संस्करण का निर्माण
यह नियुक्ति स्पष्ट संकेत देती है कि Apple आने वाली वर्षों में AI को अपने उत्पादों का सबसे बड़ा USP बनाना चाहता है।
अमर सुब्रमण्यम कौन हैं?
अमर सुब्रमण्यम बेंगलुरु में जन्मे भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ हैं, जिनका करियर वैश्विक स्तर पर सबसे प्रतिष्ठित शोध और टेक कंपनियों में फैला हुआ है। वे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दो दशक से अधिक अनुभव रखते हैं।
शैक्षणिक योग्यता
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बैंगलोर विश्वविद्यालय (2001): इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक
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वॉशिंगटन विश्वविद्यालय: पीएचडी शोध, AI और कंप्यूटर विज़न पर केंद्रित
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Microsoft में इंटर्नशिप और विज़िटिंग रिसर्चर
करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ
IBM में शुरुआत
अमर ने अपना प्रोफेशनल सफर IBM में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरू किया।
Google में 16 साल
Google में सुब्रमण्यम का 16 वर्षों का कार्यकाल उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है:
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स्टाफ रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में शुरुआत
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प्रिंसिपल इंजीनियर पद पर प्रमोशन
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2019 में VP of Engineering नियुक्त
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Google की प्रमुख AI पहल ‘Gemini Assistant’ के लिए इंजीनियरिंग का नेतृत्व
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Google Search, Google AI Labs और कई जनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स में अहम योगदान
Microsoft में संक्षिप्त कार्यकाल
2025 के मध्य में वे Microsoft में Corporate Vice President of AI बने, जहाँ उन्होंने कंपनी के Copilot और AI मॉडलिंग प्लेटफॉर्म पर काम किया।
अब अपनी विशेषज्ञता और वैश्विक अनुभव के साथ वे Apple के AI फ्यूचर को दिशा देने जा रहे हैं।
Apple में उनकी नई भूमिका क्या होगी?
Apple में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट (CVP) ऑफ AI के रूप में सुब्रमण्यम की ज़िम्मेदारियाँ बेहद महत्वपूर्ण होंगी। वे निम्न क्षेत्रों की सीधी निगरानी और नेतृत्व करेंगे:
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फाउंडेशन और जनरेटिव AI मॉडल्स
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मशीन लर्निंग रिसर्च
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सर्च और नॉलेज इंटेलिजेंस
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AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपर टूल्स
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Siri के अगले बड़े अपग्रेड
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डिवाइस और क्लाउड आधारित AI सिस्टम
Apple चाहता है कि शोध-आधारित AI तकनीक को जल्दी और अधिक प्रभावी तरीके से अपने iPhone, iPad, Mac और Watch जैसे उत्पादों में शामिल किया जाए। माना जा रहा है कि सुब्रमण्यम का नेतृत्व Apple की इस दिशा में गति को दोगुना कर देगा।
Apple की AI चुनौतियाँ और परिवर्तन की आवश्यकता
Apple पर पिछले दो वर्षों से आरोप लग रहे थे कि वह जनरेटिव AI के मामले में Google, Microsoft और OpenAI से पीछे छूट गया है।
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2025 की मध्य रिपोर्टों में दावा किया गया कि Tim Cook Apple की धीमी AI विकास गति से नाखुश थे।
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Siri के बड़े AI अपग्रेड को 2026 तक टालना पड़ा, जिससे उपयोगकर्ताओं की आलोचना बढ़ी।
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Samsung अपने AI फोन तेजी से लॉन्च कर रहा है, जिससे iPhone की प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
अमर सुब्रमण्यम की नियुक्ति को AI नेतृत्व में लाया गया वह बदलाव माना जा रहा है, जो Apple को इस प्रतिस्पर्धा में फिर से शीर्ष पर ला सकता है।
Apple का आगे का रोडमैप: AI होगा भविष्य की धुरी
अमर सुब्रमण्यम के नेतृत्व में Apple आने वाले समय में इन बड़े लक्ष्यों पर फोकस करेगा:
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नेक्स्ट-जेन Siri
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iPhone-आधारित ऑन-डिवाइस जनरेटिव AI
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AI-पावर्ड प्राइवेसी और सुरक्षा फीचर्स
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Vision Pro और Mac में उन्नत AI टूल्स
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सर्च इंजन और नॉलेज सिस्टम का विकास
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AI आधारित ऐपल इकोसिस्टम का विस्तार
कंपनी का मानना है कि AI ही वह तकनीक है जो आने वाली पीढ़ी के iPhone और Apple प्रोडक्ट्स को परिभाषित करेगी।

