अमित शाह ने गांधीनगर में EARTH समिट 2025 का उद्घाटन किया
अमित शाह ने गांधीनगर में EARTH समिट 2025 का उद्घाटन किया

अमित शाह ने गांधीनगर में EARTH समिट 2025 का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 दिसंबर 2025 को गुजरात के गांधीनगर में EARTH Summit 2025 का उद्घाटन किया। यह आयोजन केवल पर्यावरण और ग्रामीण विकास पर चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके मंच से भारत के सहकारी और ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने वाली ऐतिहासिक पहल ‘सहकार सारथी’ के तहत 13 से अधिक नई सेवाओं और उत्पादों की शुरुआत भी की गई।

यह कदम देश की 50 करोड़ से अधिक सहकारी सदस्यों को आधुनिक बैंकिंग, बीमा और वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।


EARTH Summit 2025 क्या है?

EARTH Summit सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय स्तरीय नीति संवाद श्रृंखला है। यह इसका दूसरा संस्करण है।

इस समिट का उद्देश्य है:

• कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार
• सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना
• नीति, नवाचार और जमीनी समाधान के बीच सेतु बनाना

सरकार के अनुसार, इस श्रृंखला का तीसरा और अंतिम संस्करण 2026 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहाँ ग्रामीण और सहकारी क्षेत्र के लिए एक समग्र राष्ट्रीय नीति रूपरेखा पेश की जाएगी।


सहकार सारथी पहल: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?

सहकार सारथी सहकारिता मंत्रालय और NABARD की संयुक्त पहल है। इसका लक्ष्य देश के:

• ग्रामीण सहकारी बैंक
• जिला सहकारी बैंक
• प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS)

को वाणिज्यिक बैंकों जैसी डिजिटल क्षमताएँ प्रदान करना है।

अब तक कई सहकारी बैंक तकनीकी पिछड़ेपन, सीमित सेवाओं और मैनुअल प्रक्रियाओं की वजह से प्रतिस्पर्धा से बाहर हो रहे थे। सहकार सारथी इस अंतर को खत्म करने की कोशिश है।

इस पहल के तहत सहकारी बैंकों को मिलेंगी:

• Internet Banking
• UPI और AEPS
• Core Banking System (CBS)
• Loan Origination System
• Digital e-KYC
• Real-Time Transaction Tracking
• Compliance और Reporting Tools


लॉन्च की गई 13+ डिजिटल सेवाएँ और उत्पाद

EARTH Summit 2025 में सहकार सारथी के तहत कई महत्वपूर्ण डिजिटल टूल लॉन्च किए गए:

🔹 Digi KCC

किसान क्रेडिट कार्ड का पूर्णतः डिजिटल स्वरूप
इससे किसानों को तेज़ लोन प्रोसेसिंग और कम कागजी काम मिलेगा।

🔹 Campaign Sarathi & Website Sarathi

सहकारी संस्थाओं के लिए डिजिटल आउटरीच, डेटा एनालिसिस और प्रशासनिक निगरानी के टूल।

🔹 Cooperative Governance Index

देश का पहला ऐसा सूचकांक जो:
• पारदर्शिता
• जवाबदेही
• वित्तीय अनुशासन

के आधार पर सहकारी संस्थाओं की रैंकिंग करेगा।

🔹 ePACS Platform

PACS के लिए एकीकृत डिजिटल ऑपरेटिंग सिस्टम—
• ऋण वितरण
• अकाउंटिंग
• इन्वेंटरी
• रिपोर्टिंग

सब कुछ एक प्लेटफॉर्म पर।

🔹 विश्व का सबसे बड़ा ग्रेन स्टोरेज एप्लीकेशन

अनाज भंडारण, ट्रैकिंग और वितरण के लिए टेक्नोलॉजी आधारित समाधान।

🔹 Shiksha Sarathi & Sarathi Technology Forum

सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों और निदेशकों के लिए:
• प्रशिक्षण
• डिजिटल स्किल अपग्रेडेशन
• टेक्निकल सपोर्ट


नई बड़ी योजनाएँ: सहकार टैक्सी और सहकारी बीमा

🚕 सहकार टैक्सी

यह एक सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा है।

मुख्य बिंदु:
• पायलट चरण में 51,000+ ड्राइवर पंजीकृत
• लक्ष्य: भारत की सबसे बड़ी कोऑपरेटिव टैक्सी कंपनी
• ड्राइवर खुद मालिक — कोई बड़ी निजी कंपनी नहीं

यह मॉडल ग्रामीण और अर्ध-शहरी युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का बड़ा अवसर बन सकता है।


🛡️ सहकारी बीमा योजना

ग्रामीण भारत को कवर करने के लिए व्यापक बीमा पहल:

• स्वास्थ्य बीमा
• जीवन बीमा
• कृषि बीमा
• दुर्घटना बीमा

सरकार की योजना है कि:
👉 हर गाँव से 3 युवाओं को ‘बीमा एंबेसडर’ बनाया जाए,
ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा जागरूकता बढ़े।


अमित शाह का संदेश

उद्घाटन भाषण में अमित शाह ने कहा कि:

“सहकारिता भारत की आत्मा है। अगर सहकारी संस्थाएं मज़बूत होंगी, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था अपने आप मज़बूत होगी।”

उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि:

• डिजिटल टेक्नोलॉजी सहकारिता को पारदर्शी बनाएगी
• ग्रामीण बैंकों का विश्वास बढ़ेगा
• युवाओं के लिए रोज़गार के नए रास्ते खुलेंगे


बड़े आर्थिक और सामाजिक असर

इस पहल के दीर्घकालिक प्रभाव:

• ग्रामीण ऋण वितरण में तेज़ी
• वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
• PACS और सहकारी बैंकों की साख मज़बूत
• डिजिटल भ्रष्टाचार में कमी
• ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता के अवसर

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