भारत की आपदा प्रबंधन और आपातकालीन संचार प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) को उसकी अभिनव सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन (Cell Broadcast Solution – CBS) तकनीक के लिए SKOCH अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार 104वें SKOCH शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
यह सम्मान C-DOT की उस स्वदेशी तकनीक को मान्यता देता है, जो मोबाइल फोन पर रीयल-टाइम में आपदा चेतावनियाँ भेजकर लाखों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी नवाचार की पहचान है, बल्कि भारत की आपदा जोखिम न्यूनीकरण नीति और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का भी प्रमाण है।
क्यों खबरों में?
-
C-DOT को SKOCH अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
-
यह सम्मान उसकी सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन तकनीक के लिए दिया गया।
-
यह तकनीक एक राष्ट्रीय आपदा एवं आपातकालीन चेतावनी मंच के रूप में कार्य करती है।
-
पुरस्कार 104वें SKOCH शिखर सम्मेलन में प्रदान किया गया।
सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन (CBS) क्या है?
सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन C-DOT द्वारा विकसित एक उन्नत आपदा और आपातकालीन चेतावनी प्रणाली है। इसका उद्देश्य किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक जीवन रक्षक सूचनाएँ तुरंत पहुँचाना है।
इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि:
-
यह सेल्युलर नेटवर्क के माध्यम से काम करती है।
-
किसी एक नंबर या सूची पर नहीं, बल्कि
निर्धारित क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर संदेश भेजती है।
एसएमएस आधारित चेतावनी प्रणालियों के विपरीत, सेल ब्रॉडकास्ट:
-
नेटवर्क भीड़ (Network Congestion) से प्रभावित नहीं होती।
-
एक साथ लाखों उपकरणों तक संदेश पहुँचाने में सक्षम होती है।
-
इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होती।
इसी कारण इसे आपात स्थितियों में
तेज़, विश्वसनीय और प्रभावी चेतावनी माध्यम माना जाता है।
यूनिफाइड डिजास्टर अलर्ट प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है?
C-DOT का CBS एक यूनिफाइड डिजास्टर अलर्ट प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जो कई चेतावनी एजेंसियों को एक ही मंच पर जोड़ता है।
इस प्रणाली में शामिल प्रमुख एजेंसियाँ हैं:
-
भारतीय मौसम विभाग (IMD) – चक्रवात, भारी वर्षा, तूफान
-
केंद्रीय जल आयोग (CWC) – बाढ़ चेतावनी
-
INCOIS – सुनामी चेतावनी
-
DGRE – भूस्खलन चेतावनी
-
भारतीय वन सर्वेक्षण – वनाग्नि चेतावनी
इन एजेंसियों से प्राप्त चेतावनियाँ:
-
पहले राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA)
-
और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)
द्वारा सत्यापित और अनुमोदित की जाती हैं।
इसके बाद:
-
संदेश सभी मोबाइल ऑपरेटरों को भेजा जाता है।
-
और लक्षित क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर
लगभग वास्तविक समय में चेतावनी प्रसारित हो जाती है।
यह प्रणाली केंद्रीकृत नियंत्रण और विकेंद्रीकृत वितरण का एक आदर्श उदाहरण है।
CBS की प्रमुख विशेषताएँ और लाभ
C-DOT की सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली कई दृष्टियों से अत्यंत प्रभावी मानी जाती है:
-
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक
यह आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित एक राष्ट्रीय समाधान है। -
बहु-आपदा समर्थन
चक्रवात, बाढ़, सुनामी, भूस्खलन, हीटवेव, वनाग्नि जैसी
अनेक आपदाओं के लिए उपयोगी। -
21 भारतीय भाषाओं में संदेश
इससे ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में भी
चेतावनी आसानी से समझी जा सकती है। -
रीयल-टाइम चेतावनी
संदेश लगभग तुरंत पहुँच जाता है,
जिससे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलता है। -
नेटवर्क भीड़ से अप्रभावित
भारी कॉल ट्रैफिक के दौरान भी
संदेश बाधित नहीं होता। -
जान-माल के नुकसान में कमी
समय पर चेतावनी से-
जनहानि घटती है,
-
आपात प्रतिक्रिया बेहतर होती है,
-
और राहत कार्य अधिक संगठित बनते हैं।
-
यह प्रणाली भारत की
आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ बनती जा रही है।
वैश्विक समन्वय और रणनीतिक महत्व
C-DOT का यह समाधान केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
-
यह संयुक्त राष्ट्र की
“Early Warnings for All” (#EW4All) पहल के अनुरूप है। -
यह अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के
कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) का पालन करता है। -
यह सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेषकर
-
SDG 11 (सतत शहर),
-
SDG 13 (जलवायु कार्रवाई)
को समर्थन देता है।
-
महत्वपूर्ण रूप से:
-
इस तकनीक ने भारत को
उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल किया है,
जहाँ उन्नत सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली लागू है।
यह भारत की डिजिटल संप्रभुता और
तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करता है।
SKOCH अवॉर्ड: सम्मान का महत्व
SKOCH अवॉर्ड शासन और विकास के क्षेत्र में
सरकारी और निजी संस्थानों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करता है।
यह पुरस्कार:
-
प्रौद्योगिकी,
-
वित्त,
-
स्वास्थ्य,
-
शिक्षा,
-
और जमीनी नवाचार
जैसे क्षेत्रों में प्रभावशाली कार्यों को मान्यता देता है।
C-DOT को यह सम्मान मिलना दर्शाता है कि:
-
उसकी तकनीक सार्वजनिक हित में प्रत्यक्ष प्रभाव डाल रही है।
-
डिजिटल गवर्नेंस और
नागरिक-केंद्रित नवाचार में
भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रहा है।
C-DOT: भारत का दूरसंचार नवाचार केंद्र
C-DOT भारत सरकार के
दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत कार्यरत
एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र:
-
स्वदेशी दूरसंचार तकनीक का विकास
-
5G और 6G अनुसंधान
-
क्वांटम संचार
-
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
-
साइबर सुरक्षा
C-DOT ने:
-
डिजिटल इंडिया,
-
मेक इन इंडिया,
-
और आत्मनिर्भर भारत
को तकनीकी आधार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

