प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (FoF 2.0) को ₹10,000 करोड़ के विशाल कोष (Corpus) के साथ मंज़ूरी दे दी है।
इस योजना का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वेंचर कैपिटल को प्रोत्साहित करना है — विशेष रूप से डीप टेक, नवाचारी विनिर्माण और प्रारंभिक-विकास चरण के क्षेत्रों में।
यह पहल घरेलू निवेश ढांचे को मज़बूत करने और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को तेज़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 क्या है?
FoF 2.0 एक सरकार समर्थित निवेश ढांचा है, जिसका उद्देश्य वैकल्पिक निवेश कोष (Alternative Investment Funds – AIFs) के माध्यम से स्टार्टअप्स तक दीर्घकालिक पूंजी पहुँचाना है।
इस मॉडल में सरकार सीधे स्टार्टअप्स में निवेश नहीं करती, बल्कि AIFs में पूंजी लगाती है। ये AIFs आगे चलकर संभावनाशील स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देते हैं।
इस व्यवस्था से:
✔ वेंचर कैपिटल की उपलब्धता बढ़ती है
✔ निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है
✔ घरेलू VC फंड मज़बूत होते हैं
✔ उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों का फंडिंग गैप घटता है
FoF 2.0 को भारत की स्टार्टअप विकास यात्रा के अगले चरण की शुरुआत माना जा रहा है।
फंड ऑफ फंड्स 1.0 की सफलता से मिली नई उड़ान
नई योजना पहले चरण की बड़ी सफलता पर आधारित है, जिसे 2016 में शुरू किया गया था।
FFS 1.0 की प्रमुख उपलब्धियाँ:
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₹10,000 करोड़ का कोष पूरी तरह प्रतिबद्ध
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145 AIFs के माध्यम से निवेश
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1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में ₹25,500 करोड़ से ज्यादा पूंजी प्रवाह
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AI, रोबोटिक्स, क्लीन टेक, फिनटेक, बायोटेक, स्पेस टेक और मैन्युफैक्चरिंग को समर्थन
इस योजना ने भारत में पहली बार उद्यम शुरू करने वाले संस्थापकों को बड़ा प्रोत्साहन दिया और देश के वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मज़बूती प्रदान की।
FoF 2.0 के चार बड़े फोकस क्षेत्र
1. डीप टेक और नवाचारी विनिर्माण
यह योजना उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है जहाँ लंबी अवधि की पूंजी की जरूरत होती है, जैसे:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
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रोबोटिक्स
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सेमीकंडक्टर डिज़ाइन
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स्वच्छ ऊर्जा
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उन्नत विनिर्माण
ये क्षेत्र भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
2. प्रारंभिक-विकास चरण के स्टार्टअप्स
FoF 2.0 उन स्टार्टअप्स को वित्तीय सहारा देगा जो शुरुआती वर्षों में फंडिंग की कमी से जूझते हैं।
इससे:
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नवाचार को मरने से रोका जाएगा
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नए विचारों को बाज़ार तक पहुँचने का मौका मिलेगा
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स्टार्टअप असफलताओं में कमी आएगी
3. मेट्रो से बाहर नवाचार का विस्तार
नई योजना वेंचर कैपिटल को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुँचाने पर विशेष ज़ोर देती है।
अब स्टार्टअप केवल बेंगलुरु, मुंबई या दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि छोटे शहर भी नवाचार केंद्र बन सकेंगे।
4. उच्च-जोखिम क्षेत्रों में पूंजी अंतर की भरपाई
रणनीतिक और उभरते सेक्टरों में निवेश को प्राथमिकता देकर सरकार उन क्षेत्रों को मज़बूत करेगी जहाँ निजी निवेश अब तक सीमित रहा है।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम: अभूतपूर्व वृद्धि
2016 के बाद से भारत का स्टार्टअप परिदृश्य ऐतिहासिक रूप से विस्तारित हुआ है:
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2016 में 500 से कम स्टार्टअप्स
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आज 2 लाख से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स
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2025 में अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक पंजीकरण
इस तेज़ उभार ने भारत को दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप हब्स में शामिल कर दिया है।
विकसित भारत @2047 के साथ मजबूत तालमेल
₹10,000 करोड़ का FoF 2.0 भारत के दीर्घकालिक विज़न विकसित भारत @2047 के अनुरूप है।
यह योजना:
विनिर्माण क्षमता बढ़ाएगी
उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करेगी
वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करेगी
आर्थिक लचीलापन विकसित करेगी
सरकार का लक्ष्य भारत को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार केंद्र (Global Innovation Hub) बनाना है।

