भारत के शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक क्षण तब दर्ज हुआ जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 10–11 सितंबर 2025 को अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आईआईटी दिल्ली–अबू धाबी परिसर में भारत का पहला विदेशी अटल इनोवेशन सेंटर (AIC) उद्घाटित किया। यह पहल न केवल भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मंच तक ले जाती है, बल्कि भारत–यूएई शैक्षणिक साझेदारी को भी नई दिशा प्रदान करती है।
AIM के नए अध्याय की शुरुआत
यह केंद्र अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission – AIM) के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। AIM, नीति आयोग की एक प्रमुख पहल है जिसका लक्ष्य भारत में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। अब यह पहली बार विदेशी धरती पर स्थापित हुआ है।
नया अटल इनोवेशन सेंटर केवल एक इमारत या प्रयोगशाला भर नहीं है, बल्कि यह अनुसंधान, उद्यमिता और ज्ञान आदान–प्रदान का हब होगा। यहाँ भारतीय और अमीराती छात्र, शोधकर्ता और स्टार्टअप उद्यमी साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में योगदान देंगे।
नए शैक्षणिक कार्यक्रम
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री ने दो महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत की:
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पीएच.डी. कार्यक्रम (ऊर्जा एवं सततता – Energy & Sustainability)
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बी.टेक कार्यक्रम (रासायनिक अभियांत्रिकी – Chemical Engineering)
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य 21वीं सदी की प्रमुख चुनौतियों – जैसे सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा – पर शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान देना चाहिए और उद्यमिता की राह अपनानी चाहिए।
यूएई नेतृत्व के साथ चर्चाएँ
अपनी यात्रा के दौरान शिक्षा मंत्री ने अबू धाबी डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन एंड नॉलेज (ADEK) की अध्यक्ष सारा मुसल्लम से मुलाकात की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल थे:
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प्रवासी भारतीयों के लिए यूएई में भारतीय पाठ्यक्रम आधारित विद्यालयों का विस्तार।
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भारतीय विद्यालयों में अटल इनोवेशन लैब्स की स्थापना, ठीक वैसे ही जैसे भारत में अटल टिंकरिंग लैब्स चल रही हैं।
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विद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर द्विपक्षीय छात्र विनिमय कार्यक्रम को बढ़ावा देना।
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पाठ्यक्रम विकास और शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों में सहयोग।
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भारत और यूएई के बीच शैक्षणिक योग्यताओं की परस्पर मान्यता।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षा सुधारों का समन्वय।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा को भारत–यूएई साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और ADEK की प्रतिबद्धता की सराहना की।
अटल इनोवेशन मिशन की भूमिका
अटल इनोवेशन मिशन (AIM) भारत सरकार का वह प्लेटफ़ॉर्म है जिसने देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अंतर्गत अब तक:
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अटल टिंकरिंग लैब्स – विद्यालय स्तर पर छात्रों को प्रयोग और नवाचार के अवसर देने के लिए।
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अटल इनक्यूबेशन सेंटर – स्टार्टअप्स को समर्थन और संसाधन प्रदान करने के लिए।
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क्षेत्रीय नवाचार हब्स – विशिष्ट क्षेत्रों में अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए।
अब अबू धाबी में नया अटल इनोवेशन सेंटर स्थापित होने से AIM की वैश्विक पहुँच सुनिश्चित हुई है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और नवाचार सहयोग का एक मॉडल प्रस्तुत करेगा।
भारत–यूएई साझेदारी की नई परिभाषा
भारत और संयुक्त अरब अमीरात पहले से ही व्यापार, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में मजबूत साझेदार रहे हैं। शिक्षा और नवाचार का यह नया सहयोग दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करेगा।
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यह केंद्र भारतीय और अमीराती छात्रों को साझा नवाचार मंच प्रदान करेगा।
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स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा, कृषि तकनीक और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध परियोजनाएँ शुरू होंगी।
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प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए यह अवसर है कि वे यूएई की धरती पर भी भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता से जुड़ सकें।
स्थिर तथ्य और मुख्य बिंदु
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स्थान: आईआईटी दिल्ली–अबू धाबी परिसर, संयुक्त अरब अमीरात
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उद्घाटनकर्ता: धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
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मुख्य पहल: अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के तहत पहला विदेशी अटल इनोवेशन सेंटर
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नए शैक्षणिक कार्यक्रम:
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पीएच.डी. (ऊर्जा एवं सततता)
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बी.टेक (रासायनिक अभियांत्रिकी)
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सहयोगी संस्था: अबू धाबी डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन एंड नॉलेज (ADEK)

