भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक डॉ. दीपक मित्तल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत का अगला राजदूत (Ambassador) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूएई के संबंध राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा, और सामरिक सहयोग के नए शिखरों को छू रहे हैं।
डॉ. मित्तल की नियुक्ति से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से उस समय जब विश्व मंच पर भारत अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।
डॉ. दीपक मित्तल: एक अनुभवी और रणनीतिक राजनयिक
1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी, डॉ. मित्तल को कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय मामलों और रणनीतिक संवाद में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। उनका करियर न केवल विदेशों में भारतीय हितों के संरक्षण से जुड़ा रहा है, बल्कि वे भारत सरकार के शीर्ष नीति-निर्माण केंद्रों जैसे कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में भी कार्य कर चुके हैं।
🔹 प्रमुख अनुभव:
-
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दो बार कार्य किया – जहां वे रणनीतिक और सुरक्षा मामलों में विशेष योगदान देने वाले अधिकारियों में गिने जाते हैं।
-
2020–2022: भारत के कतर में राजदूत, कोविड-19 महामारी और खाड़ी संकट के दौरान भारतीय समुदाय और कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका।
-
2021: अफगानिस्तान में तालिबान से भारत का पहला राजनयिक संपर्क स्थापित कराने में प्रमुख भूमिका निभाई।
-
संयुक्त राष्ट्र, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे संवेदनशील मोर्चों पर कार्य का अनुभव।
किसका स्थान लेंगे डॉ. मित्तल?
डॉ. मित्तल, सुनजय सुधीर का स्थान लेंगे, जो सितंबर 2025 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
सुधीर के कार्यकाल में भारत–UAE संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली, जिसमें CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement), रुपये-दिरहम व्यापार व्यवस्था, और खाद्य सुरक्षा गलियारे जैसे कई ऐतिहासिक समझौते शामिल हैं।
भारत–UAE संबंधों का बढ़ता महत्व
भारत और यूएई के बीच राजनयिक संबंध 1972 में स्थापित हुए थे, लेकिन इन संबंधों को नई ऊँचाइयाँ 2015 के बाद मिलीं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दशक बाद UAE की यात्रा की।
UAE भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
-
ऊर्जा सुरक्षा:
UAE भारत के लिए तेल और गैस का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। -
व्यापार और निवेश:
-
दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार $85 बिलियन से अधिक है।
-
CEPA के तहत यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में $100 बिलियन तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
-
-
रणनीतिक और रक्षा सहयोग:
-
समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग।
-
संयुक्त सैन्य अभ्यास और सुरक्षा संवाद।
-
-
भारतीय प्रवासी समुदाय:
-
UAE में 35 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं – यह विश्व में किसी भी देश में भारतीयों का सबसे बड़ा समुदाय है।
-
ये प्रवासी भारत को बड़ी मात्रा में रेमिटेंस भेजते हैं, और दोनों देशों के सामाजिक-आर्थिक सेतु का कार्य करते हैं।
-
डॉ. मित्तल के कार्यकाल से अपेक्षाएँ
डॉ. मित्तल से निम्नलिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पहल और सुधार की उम्मीद की जा रही है:
1. आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करना
-
CEPA के तहत व्यापार विस्तार, निवेश सहयोग, MSME कनेक्ट और स्टार्टअप साझेदारी।
2. प्रवासी भारतीयों के कल्याण पर विशेष ध्यान
-
श्रमिकों की सुरक्षा, वीज़ा और काउंसुलर सेवाओं की डिजिटल दक्षता, और सामुदायिक संवाद।
3. रक्षा और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा
-
समुद्री क्षेत्र में सहयोग, आतंकवाद-निरोधी रणनीति, और सामरिक संवाद।
4. सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को गहराना
-
भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, फेस्टिवल, और शिक्षा–अकादमिक सहयोग।
5. नई तकनीकों में सहयोग
-
डिजिटल भुगतान, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी में संयुक्त पहल।
परीक्षा और सामान्य ज्ञान के लिए मुख्य तथ्य:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नवीन नियुक्ति | डॉ. दीपक मित्तल – भारत के अगले राजदूत, UAE में |
| IFS बैच | 1998 |
| पूर्व भूमिका | भारत के कतर में राजदूत (2020–22), PMO में अधिकारी |
| किसका स्थान लेंगे | सुनजय सुधीर (सितंबर 2025 में सेवानिवृत्त) |
| UAE में भारतीय प्रवासी | 35 लाख से अधिक |
| प्रमुख साझेदारी क्षेत्र | ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, प्रवासी कल्याण, डिजिटल सहयोग |
| भारत–UAE CEPA | 2022 में लागू; व्यापार और निवेश बढ़ाने का माध्यम |
| राजनयिक संबंध | 1972 से औपचारिक रूप से स्थापित |

