GeM ने मनाई 9वीं वर्षगांठ, FY 2024–25 में रिकॉर्ड ₹5.4 लाख करोड़ GMV हासिल कर रचा इतिहास
GeM ने मनाई 9वीं वर्षगांठ, FY 2024–25 में रिकॉर्ड ₹5.4 लाख करोड़ GMV हासिल कर रचा इतिहास

GeM ने मनाई 9वीं वर्षगांठ, FY 2024–25 में रिकॉर्ड ₹5.4 लाख करोड़ GMV हासिल कर रचा इतिहास

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने अपनी स्थापना के 9 वर्षों में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वित्त वर्ष 2024–25 में ₹5.4 लाख करोड़ का सकल माल मूल्य (GMV) पार कर लिया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों, नई पहलों और तकनीकी नवाचारों ने यह स्पष्ट कर दिया कि GeM अब सिर्फ एक डिजिटल मार्केटप्लेस नहीं, बल्कि भारत की लोक खरीद व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव है।


2016 से 2025 तक: GeM की विकास यात्रा

GeM की शुरुआत 2016 में एक सरल उद्देश्य के साथ की गई थी—सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, कुशल और समावेशी बनाना। नौ वर्षों में यह प्लेटफॉर्म लाखों विक्रेताओं, सेवा प्रदाताओं और सरकारी खरीदारों को एक साथ जोड़कर देश का सबसे बड़ा डिजिटल खरीद मंच बन गया है।

GeM ने सरकारी संस्थानों को पारंपरिक खरीद प्रक्रियाओं की जटिलताओं से मुक्त कर, तेज़, भरोसेमंद और किफायती विकल्प प्रदान किया है। इससे न केवल खरीद प्रक्रिया में समय और धन की बचत हुई है, बल्कि लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एक नया बाज़ार भी मिला है।


समावेश और सशक्तिकरण: GeM की प्राथमिकता

GeM की सफलता का एक बड़ा आधार इसका समावेशी दृष्टिकोण रहा है। नौ वर्षों में, GeM ने देश के अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लिए खुद को एक सशक्त मंच के रूप में स्थापित किया है:

  • 1.5 लाख महिला-प्रधान उद्यमों का पंजीकरण, जिससे महिला उद्यमिता को सीधा समर्थन मिला।

  • हजारों स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूह (SHGs), कारीगरों और MSEs को मंच पर लाकर उन्हें सरकारी खरीदारों से जोड़ा गया।

  • ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों और छोटे विक्रेताओं के लिए भी यह मंच लाभकारी साबित हुआ, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और बाज़ार मिला।


स्थापना दिवस 2025: थीम और नई पहलें

GeM के 9वें स्थापना दिवस (2025) का आयोजन “Ease, Access and Inclusion” की थीम के तहत किया गया, जो GeM के मूल विजन को दर्शाता है। इस अवसर पर कई सुधारों और घोषणाओं ने विक्रेताओं को राहत देने और प्लेटफॉर्म की पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में कदम उठाए:

  • कौशन मनी की समाप्ति से विक्रेताओं को बड़ी राहत मिली है।

  • वेंडर असेसमेंट फीस को व्यावहारिक और तार्किक तरीके से पुनर्गठित किया गया।

  • लेनदेन शुल्क में कमी के साथ अब 97% ऑर्डर शुल्क से मुक्त कर दिए गए हैं, जिससे छोटे विक्रेताओं को लाभ मिलेगा।


विशेष कार्यक्रम: संवाद और मंथन

स्थापना दिवस के अवसर पर दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य GeM को और अधिक भागीदारीपूर्ण और भविष्य-केंद्रित बनाना था:

1. GeM सेलर संवाद (6 अगस्त 2025)

नई दिल्ली स्थित GeM मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विक्रेताओं और हितधारकों ने भाग लिया। इस संवाद में उनके अनुभव, चुनौतियाँ और सुझावों पर चर्चा की गई।

2. GeM मंथन

यह एक विचार-विमर्श आधारित कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य GeM को और अधिक समावेशी, उत्तरदायी और नवोन्मेषी बनाना था। इसमें नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और यूज़र्स ने मिलकर भावी रणनीतियों पर विचार किया।


प्रौद्योगिकी और नवाचार: GeM का भविष्य

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इस अवसर पर GeM के तकनीकी दृष्टिकोण को रेखांकित किया। GeM अब AI, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी के उपयोग से और अधिक तेज़, पारदर्शी और उत्तरदायी बन रहा है।

  • नई सेवाओं में विस्तार: बीमा, जनशक्ति और माइन डेवलपमेंट एंड ऑपरेशंस (MDOs) जैसे क्षेत्रों में GeM ने अपने पंख फैलाए हैं।

  • राज्य सरकारों और पीएसयू का सक्रिय ऑनबोर्डिंग, जिससे GeM का उपयोग स्थानीय स्तर तक फैल रहा है।

  • डिजिटाइज्ड प्रक्रियाएं खरीद प्रक्रिया को तेज़, सुगम और भरोसेमंद बना रही हैं।

  • स्थिरता को प्राथमिकता: GeM अब उन नीतियों पर भी कार्य कर रहा है जो सार्वजनिक खरीद में पर्यावरणीय और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित करें।


निष्कर्ष: GeM का भविष्य उज्ज्वल है

GeM की 9वीं वर्षगांठ सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की एक मिसाल है। ₹5.4 लाख करोड़ GMV जैसी उपलब्धि न केवल इसकी उपयोगिता और भरोसे को दर्शाती है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि भारत की सरकारी खरीद प्रणाली अब भविष्य के लिए तैयार है।

GeM न केवल बड़ी संस्थाओं के लिए, बल्कि छोटे विक्रेताओं, कारीगरों, महिलाओं और स्टार्टअप्स के लिए एक समान अवसर वाला मंच बन चुका है। आने वाले वर्षों में GeM निस्संदेह भारत की आत्मनिर्भरता और डिजिटल समावेशन की दिशा में एक केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा।

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