अमेरिका की United States women’s national ice hockey team ने एक बार फिर ओलंपिक इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। 19 फरवरी 2026 को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में 2026 Winter Olympics के तहत अमेरिका ने चिर-प्रतिद्वंद्वी कनाडा को ओवरटाइम में 2-1 से हराकर महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यह मुकाबला आखिरी सेकंड तक सांसें रोक देने वाला रहा। नियमित समय समाप्त होने से तीन मिनट पहले तक अमेरिका 0-1 से पीछे था और कनाडा जीत के बेहद करीब नजर आ रहा था। तभी अनुभवी स्टार खिलाड़ी Hillary Knight ने जबरदस्त बराबरी का गोल दागकर मैच को 1-1 कर दिया और मुकाबले को ओवरटाइम तक पहुंचा दिया। इसके बाद सडन-डेथ ओवरटाइम में Megan Keller ने निर्णायक गोल कर अमेरिका को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
यह अमेरिका का महिला हॉकी में तीसरा ओलंपिक स्वर्ण पदक है और 2018 के बाद पहला, जिसने आठ साल के इंतजार का अंत कर दिया।
अमेरिका बनाम कनाडा: महिला हॉकी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता
महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अमेरिका और कनाडा की भिड़ंत को खेल जगत की सबसे रोमांचक प्रतिद्वंद्विताओं में गिना जाता है।
महिला हॉकी को पहली बार ओलंपिक में 1998 में शामिल किया गया था और तब से लगभग हर स्वर्ण पदक मुकाबले में ये दोनों टीमें आमने-सामने रही हैं। वर्षों से यह प्रतिस्पर्धा केवल खेल तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और हॉकी वर्चस्व की लड़ाई बन चुकी है।
मिलान 2026 से पहले अमेरिका ने केवल दो बार—1998 और 2018 में—स्वर्ण पदक जीता था, जबकि कनाडा लंबे समय तक इस खेल पर हावी रहा। लेकिन 2026 की इस जीत ने इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
हिलेरी नाइट का आखिरी मिनट का चमत्कार
गोल्ड मेडल गेम का अधिकांश समय कनाडा ने 1-0 की बढ़त बनाए रखी थी। अमेरिकी आक्रमण बार-बार विफल हो रहा था और दर्शकों को लगने लगा था कि कनाडा एक और ओलंपिक स्वर्ण अपने नाम कर लेगा।
लेकिन जैसे ही मैच खत्म होने में तीन मिनट से भी कम समय बचा था, हिलेरी नाइट ने मौके का पूरा फायदा उठाया। तेज़ मूवमेंट के साथ उन्होंने कनाडाई डिफेंस को चकमा दिया और जोरदार शॉट के जरिए पक को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया।
पूरा स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा। इस एक गोल ने मैच का रुख ही बदल दिया और अमेरिका को ओवरटाइम में नई ऊर्जा के साथ उतरने का मौका मिल गया।
मैच के बाद नाइट ने कहा कि उन्हें भरोसा था कि उनकी टीम ओवरटाइम में जरूर कुछ खास करेगी, खासकर जब मेगन केलर जैसे खिलाड़ी आक्रमण में आगे बढ़ीं।
मेगन केलर का ‘गोल्डन गोल’
ओवरटाइम शुरू होने के करीब चार मिनट बाद अमेरिका को निर्णायक मौका मिला। टेलर हाइज़ से शानदार पास पाकर मेगन केलर ने तेजी से आगे बढ़ते हुए कनाडाई डिफेंडर को छकाया और गोलकीपर के पास से पक को जाल में डाल दिया।
जैसे ही पक नेट से टकराया—खेल खत्म।
टीम USA ओलंपिक चैंपियन बन चुकी थी।
खिलाड़ी खुशी से बर्फ पर दौड़ पड़े, स्टिक्स हवा में उछलीं और अमेरिकी बेंच जश्न में डूब गई। केलर ने इस पल को “अपने जीवन का सबसे अविश्वसनीय क्षण” बताया और टीम की चार साल की मेहनत को इस जीत का श्रेय दिया।
हिलेरी नाइट का ऐतिहासिक करियर
यह स्वर्ण पदक हिलेरी नाइट के पहले से शानदार करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ता है।
उनकी प्रमुख ओलंपिक उपलब्धियाँ:
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🥇 दूसरा ओलंपिक स्वर्ण पदक
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🏅 कुल पाँच ओलंपिक पदक
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🇺🇸 अमेरिकी महिला हॉकी इतिहास में सर्वाधिक ओलंपिक पदक
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🥅 ओलंपिक में अमेरिका के लिए सर्वाधिक गोल और पॉइंट्स
दिलचस्प बात यह रही कि फाइनल से ठीक एक दिन पहले नाइट ने अमेरिकी स्पीड स्केटर Brittany Bowe को प्रपोज भी किया था। उन्होंने मज़ाक में कहा कि वह गोल्ड मेडल मैच से ज्यादा प्रपोज़ल को लेकर नर्वस थीं।
ओलंपिक में अमेरिकी महिला हॉकी की विरासत
1998 से लेकर अब तक महिला हॉकी में अमेरिका और कनाडा का दबदबा बना हुआ है।
अमेरिका ने:
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1998 में पहला स्वर्ण
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2018 में दूसरा स्वर्ण
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और अब 2026 में तीसरा ऐतिहासिक स्वर्ण जीता
खास बात यह रही कि अमेरिका पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा, जिससे यह जीत और भी यादगार बन गई।

