भारत की ग्रोथ पर IMF का भरोसा बढ़ा, FY 2025-26 के लिए अनुमान 7.3%
भारत की ग्रोथ पर IMF का भरोसा बढ़ा, FY 2025-26 के लिए अनुमान 7.3%

भारत की ग्रोथ पर IMF का भरोसा बढ़ा, FY 2025-26 के लिए अनुमान 7.3%

भारत की आर्थिक संभावनाओं को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक समर्थन मिला है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। यह संशोधन ऐसे समय में किया गया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और वित्तीय जोखिमों से जूझ रही है।

IMF का यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और घरेलू मांग, निवेश गतिविधियाँ तथा समष्टि-आर्थिक नीतियाँ विकास को स्थिर गति प्रदान कर रही हैं।


क्यों चर्चा में?

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है।
यह संशोधन वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (World Economic Outlook) के अद्यतन संस्करण में किया गया, जिसका प्रमुख कारण चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन और महंगाई के दबावों में कमी बताया गया है।


भारत के लिए IMF का संशोधित वृद्धि अनुमान

IMF ने अपने ताज़ा आकलन में भारत की विकास दर के अनुमान को 0.7 प्रतिशत अंक बढ़ाया है। पहले यह अनुमान लगभग 6.6 प्रतिशत के आसपास था, जिसे अब बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया गया है।

IMF के अनुसार, इस संशोधन के पीछे मुख्य कारण हैं:

  • मजबूत घरेलू मांग,

  • स्थिर निवेश गतिविधियाँ,

  • सहायक राजकोषीय और मौद्रिक नीतियाँ,

  • तथा विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन।

हालाँकि IMF ने यह भी अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026–27 में वृद्धि दर घटकर लगभग 6.4 प्रतिशत रह सकती है, फिर भी भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा।


उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत की भूमिका

IMF के अनुसार, भारत उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में विकास का एक प्रमुख इंजन बना हुआ है। भले ही अगले वर्ष वृद्धि दर में कुछ नरमी आने की संभावना हो, लेकिन भारत की आर्थिक संरचना अपने कई समकक्ष देशों की तुलना में अधिक मजबूत बनी हुई है।

IMF ने विशेष रूप से निम्न कारकों को भारत की मजबूती का आधार बताया है:

  • संरचनात्मक सुधारों की निरंतरता,

  • डिजिटल अवसंरचना का तेज़ विस्तार,

  • सार्वजनिक पूंजीगत निवेश में वृद्धि,

  • स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का विकास।

इसके अलावा, भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश, विशाल घरेलू बाज़ार और बढ़ता तकनीकी आधार उसे वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाते हैं।


वैश्विक वृद्धि, महंगाई और AI से जुड़े जोखिम

IMF ने वर्ष 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसके पीछे कारण बताए गए हैं:

  • व्यापार तनावों में आंशिक कमी,

  • अनुकूल वित्तीय परिस्थितियाँ,

  • और तकनीक, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में बढ़ता निवेश।

भारत के लिए महंगाई दर के संदर्भ में IMF का आकलन अपेक्षाकृत सकारात्मक है। रिपोर्ट के अनुसार:

  • 2025 में महंगाई दर में तेज गिरावट के बाद,

  • 2026 में इसके लक्ष्य के करीब लौटने की संभावना है,

  • जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों में नरमी है।

हालाँकि IMF ने चेतावनी भी दी है कि AI आधारित उत्पादकता में तेज बढ़ोतरी भविष्य में:

  • निवेश मांग को प्रभावित कर सकती है,

  • वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों को सख्त बना सकती है,

  • और उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।


अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF): संक्षिप्त परिचय

पूरा नाम: International Monetary Fund (IMF)
स्थापना: जुलाई 1944 (ब्रेटन वुड्स सम्मेलन), औपचारिक गठन – 27 दिसंबर 1945
मुख्यालय: वाशिंगटन डी.सी., अमेरिका
सदस्य देश: 191
वर्तमान प्रबंध निदेशक: क्रिस्टालिना जॉर्जीवा

मुख्य उद्देश्य:

  • अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देना

  • वैश्विक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना

  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करना

  • आर्थिक संकट में देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करना


IMF के प्रमुख कार्य

  1. वित्तीय सहायता
    संकटग्रस्त देशों को ऋण प्रदान करना (SBA, EFF, RCF, FCL आदि)

  2. नीति सलाह और निगरानी
    सदस्य देशों की आर्थिक नीतियों की समीक्षा और सुधार की सिफारिश

  3. क्षमता विकास
    तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करना


कोटा प्रणाली और SDR

कोटा प्रणाली के आधार पर तय होता है:

  • किसी देश की मतदान शक्ति,

  • IMF संसाधनों तक पहुँच,

  • और वित्तीय योगदान।

विशेष आहरण अधिकार (SDR):

  • 1969 में शुरू की गई अंतरराष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति

  • यह मुद्रा नहीं है

  • पाँच मुद्राओं की टोकरी पर आधारित

  • 2021 में COVID रिकवरी के लिए बड़ा SDR आवंटन किया गया


भारत और IMF

  • भारत IMF का संस्थापक सदस्य है

  • 1993 के बाद से भारत ने IMF से कोई ऋण नहीं लिया

  • वर्तमान में भारत नेट क्रेडिटर है

  • भारत का कोटा: 13,114.4 मिलियन SDRs

  • मतदान हिस्सा: 2.63%

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