भारत-ADB समझौता: असम में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 125 मिलियन डॉलर का ऋण
भारत-ADB समझौता: असम में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 125 मिलियन डॉलर का ऋण

भारत-ADB समझौता: असम में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 125 मिलियन डॉलर का ऋण

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 22 सितंबर 2025 को 125 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह निधि असम शहरी क्षेत्र विकास परियोजना (Assam Urban Sector Development Project) को वित्तीय समर्थन प्रदान करेगी। परियोजना का लक्ष्य है – छह जिला मुख्यालयों और गुवाहाटी में आवश्यक शहरी सेवाओं का आधुनिकीकरण करना। अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग 3,60,000 निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।

इस पहल के अंतर्गत सतत शहरी बुनियादी ढांचे, बाढ़ प्रबंधन में सुधार, और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। असम में बार-बार आने वाली शहरी बाढ़, सीमित जलापूर्ति और अनियोजित शहरीकरण की समस्याओं के मद्देनज़र यह परियोजना राज्य के शहरी परिदृश्य को बदलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


असम शहरी क्षेत्र विकास परियोजना – मुख्य पहलें

1. शहरी जलापूर्ति में सुधार

परियोजना का प्रमुख घटक है असम के छह जिलों – बारपेटा, बोंगाईगांव, ढुबरी, गोआलपारा, गोलाघाट और नलबाड़ी – में सुरक्षित और सतत जलापूर्ति प्रणाली स्थापित करना।

  • छह जलशोधन संयंत्र बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता होगी 72 मिलियन लीटर प्रति दिन (MLD)

  • लगभग 800 किलोमीटर नई वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

  • पानी की आपूर्ति मीटरिंग सिस्टम के तहत होगी, जिससे रिसाव और बर्बादी रोकी जा सके।

  • रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा ताकि Non-Revenue Water (NRW) को 20% से नीचे रखा जा सके।

इससे न केवल जल की गुणवत्ता और उपलब्धता सुधरेगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।


2. गुवाहाटी में बाढ़ प्रबंधन

गुवाहाटी लंबे समय से मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव से जूझता रहा है। परियोजना का खास ध्यान बहिनी बेसिन पर होगा, जो शहर का सबसे बाढ़-प्रवण क्षेत्र है।

प्रमुख उपायों में शामिल हैं:

  • बाढ़ विचलन नहरों का निर्माण

  • उन्नत जल निकासी प्रणाली

  • प्रकृति-आधारित रिटेंशन पॉन्ड जो अतिरिक्त वर्षा जल को संग्रहित करेंगे और भूजल स्तर को पुनर्भरण देंगे

इन उपायों से गुवाहाटी की जलवायु अनुकूलन क्षमता बढ़ेगी और भारी वर्षा से होने वाले सामाजिक-आर्थिक नुकसान कम होंगे।


3. डिजिटल और वित्तीय सुधार

परियोजना शहरी सेवाओं में डिजिटलीकरण और वित्तीय स्थिरता को भी प्रोत्साहित करेगी।

  • GIS आधारित संपत्ति कर डेटाबेस तैयार होगा।

  • जल बिलिंग और राजस्व संग्रह के लिए डिजिटल सिस्टम लागू होगा।

  • वॉल्यूमेट्रिक जल टैरिफ से उपभोक्ताओं को पानी की खपत के आधार पर बिल देना होगा।

इससे शहरी स्थानीय निकायों की राजस्व क्षमता बढ़ेगी और सेवाओं में पारदर्शिता व दक्षता आएगी।


4. संस्थागत सुदृढ़ता

परियोजना के दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए असम स्टेट इंस्टिट्यूट फॉर अर्बन डेवलपमेंट की स्थापना की जाएगी, जो IIT गुवाहाटी के सहयोग से काम करेगा।

यह संस्थान:

  • शहरी नीति अनुसंधान

  • क्षमता निर्माण

  • तकनीकी प्रशिक्षण

  • और लंबी अवधि की शहरी योजना

पर केंद्रित रहेगा, जिससे असम के शहरी शासन ढांचे को स्थायी मजबूती मिलेगी।


असम के लिए रणनीतिक महत्व

असम के शहरी केंद्र अब तक कई चुनौतियों का सामना करते रहे हैं:

  • अपर्याप्त जल आपूर्ति

  • मानसून में बार-बार बाढ़

  • शहरी प्रशासन में कमजोर संस्थागत ढांचा

  • सीमित सेवा कवरेज और कम वित्तीय रिकवरी

यह परियोजना इन चुनौतियों को अवसरों में बदलने का प्रयास है। इसके माध्यम से:

  • शहरी जीवन स्तर में सुधार होगा।

  • आपदा जोखिम प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

  • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) – विशेषकर SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) और SDG 11 (सतत शहर और समुदाय) – को बढ़ावा मिलेगा।

  • असम अन्य उत्तर-पूर्वी और बाढ़-प्रवण राज्यों के लिए एक नकल योग्य शहरी सहिष्णुता मॉडल प्रस्तुत करेगा।


व्यापक पृष्ठभूमि और तथ्य

  • एशियाई विकास बैंक (ADB) की स्थापना 1966 में हुई थी और इसका मुख्यालय मनीला, फिलीपींस में है।

  • ADB का मुख्य उद्देश्य है – एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देना।

  • असम की राजधानी डिसपुर है, जबकि सबसे बड़ा शहरी केंद्र गुवाहाटी है।

  • Non-Revenue Water (NRW) उस पानी को कहा जाता है जो वितरण प्रणाली में रिसाव, चोरी या मीटरिंग त्रुटियों के कारण उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँच पाता।

  • बहिनी नदी, जो गुवाहाटी की भऱालु नदी की सहायक है, शहर का सबसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है।

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