व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत–ओमान CEPA पर हस्ताक्षर
व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत–ओमान CEPA पर हस्ताक्षर

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत–ओमान CEPA पर हस्ताक्षर

भारत और ओमान सल्तनत ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) पर हस्ताक्षर कर खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक सहभागिता को एक नई ऊँचाई दी है। यह ऐतिहासिक समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो इसके गहरे रणनीतिक और राजनीतिक महत्व को दर्शाता है।

इस समझौते के साथ भारत और ओमान के आर्थिक संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित न रहकर निवेश, सेवाएँ, पेशेवर गतिशीलता और आपूर्ति-श्रृंखला सहयोग जैसे व्यापक क्षेत्रों में प्रवेश कर चुके हैं। इसे भारत की खाड़ी नीति और उच्च-गुणवत्ता मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की रणनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।


CEPA पर हस्ताक्षर: संक्षिप्त परिचय

इस समझौते पर—

  • भारत की ओर से: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल

  • ओमान की ओर से: एच.ई. क़ैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ

ने हस्ताक्षर किए।

यह समझौता कई मायनों में ऐतिहासिक है—

  • 2006 में अमेरिका के साथ FTA के बाद यह ओमान का पहला द्विपक्षीय व्यापार समझौता है।

  • पिछले छह महीनों में भारत का दूसरा FTA (यूके के बाद)।

  • भारत–ओमान द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जिसमें CEPA के बाद तेज़ वृद्धि की संभावना है।


भारत–ओमान CEPA की प्रमुख विशेषताएँ

1. भारतीय वस्तुओं के लिए अभूतपूर्व बाज़ार पहुँच

CEPA के तहत ओमान ने भारतीय उत्पादों को बेहद उदार टैरिफ रियायतें दी हैं—

  • ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क

  • भारत के 99.38% निर्यात मूल्य को कवर

  • 97.96% टैरिफ लाइनों पर तत्काल शुल्क समाप्ति

लाभान्वित प्रमुख क्षेत्र

  • वस्त्र और परिधान

  • चमड़ा और जूते

  • रत्न–आभूषण

  • इंजीनियरिंग उत्पाद

  • प्लास्टिक और फर्नीचर

  • कृषि उत्पाद

  • फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज़

  • ऑटोमोबाइल और कलपुर्जे

इससे रोज़गार सृजन, MSME, कारीगरों और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


2. भारत की टैरिफ प्रतिबद्धताएँ और घरेलू सुरक्षा

भारत ने भी संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए—

  • 77.79% टैरिफ लाइनों पर उदारीकरण

  • ओमान से आयात के 94.81% मूल्य को कवर

साथ ही, संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए—

  • बहिष्करण सूची

  • टैरिफ रेट कोटा (TRQ)

का प्रावधान रखा गया है।

बहिष्कृत प्रमुख क्षेत्र

  • डेयरी उत्पाद

  • चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू

  • सोना–चाँदी (बुलियन/आभूषण)

  • जूते, खेल सामान

  • धातु स्क्रैप

इससे यह स्पष्ट होता है कि CEPA उदारीकरण और संरक्षण के बीच संतुलन बनाता है।


3. सेवाओं में ऐतिहासिक प्रतिबद्धताएँ

यह ओमान का पहला ऐसा समझौता है, जिसमें सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रतिबद्धताएँ की गई हैं—

  • 127 उप-क्षेत्रों में सेवाएँ शामिल

  • प्रमुख क्षेत्र—

    • आईटी और कंप्यूटर सेवाएँ

    • व्यवसायिक और पेशेवर सेवाएँ

    • ऑडियो–विज़ुअल

    • R&D

    • शिक्षा और स्वास्थ्य

वर्तमान में ओमान के सेवा बाज़ार में भारत की हिस्सेदारी केवल 5.31% है, जिसे CEPA के माध्यम से उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है।


4. भारतीय पेशेवरों के लिए बेहतर आवाजाही (Mode 4)

CEPA का एक बड़ा लाभ भारतीय पेशेवरों की गतिशीलता है—

  • Intra-Corporate Transferees का कोटा 20% से बढ़ाकर 50%

  • Contractual Service Suppliers की अवधि

    • 90 दिन से बढ़ाकर 2 वर्ष

    • आगे विस्तार का विकल्प

लेखांकन, कराधान, वास्तुकला, चिकित्सा और संबद्ध क्षेत्रों में अधिक उदार प्रवेश दिया गया है।


5. ओमान में भारतीय कंपनियों के लिए 100% FDI

समझौते के तहत—

  • प्रमुख सेवा क्षेत्रों में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति

  • भारतीय कंपनियों को ओमान में

    • शाखाएँ खोलने

    • संयुक्त उद्यम स्थापित करने

    • और व्यावसायिक उपस्थिति बढ़ाने

का बड़ा अवसर मिलेगा।


6. ऐतिहासिक और नवोन्मेषी प्रावधान

CEPA में कई पहली बार शामिल किए गए प्रावधान भी हैं—

  • पारंपरिक चिकित्सा (AYUSH) पर सभी मोड्स में प्रतिबद्धता

  • मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा

  • फार्मा अनुमोदनों के लिए त्वरित मार्ग

    • USFDA

    • EMA

    • UKMHRA

की मान्यताओं की पहचान

  • GMP निरीक्षण की स्वीकृति

  • हलाल प्रमाणन और NPOP (ऑर्गेनिक) के लिए पारस्परिक मान्यता

  • गैर-टैरिफ बाधाओं के समाधान के प्रावधान


रणनीतिक महत्व

भारत–ओमान CEPA का महत्व केवल व्यापार तक सीमित नहीं है—

  • खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति मजबूत

  • गैर-प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के साथ उच्च-गुणवत्ता FTA रणनीति को बल

  • निर्यात, रोज़गार और आपूर्ति-श्रृंखला लचीलापन बढ़ेगा

  • ओमान बनेगा

    • मध्य-पूर्व

    • अफ्रीका

तक भारत की पहुँच का रणनीतिक हब

  • घरेलू संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ समावेशी विकास

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 18 दिसंबर 2025 को भारत–ओमान CEPA पर हस्ताक्षर

  • ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क

  • भारत के 99.38% निर्यात को कवर

  • श्रम-प्रधान क्षेत्रों, MSME और महिला उद्यमों को बड़ा लाभ

  • सेवाओं में 127 उप-क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी प्रतिबद्धताएँ

  • भारतीय पेशेवरों के लिए Mode 4 में बेहतर गतिशीलता

  • ओमान में भारतीय कंपनियों के लिए 100% FDI की अनुमति

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