भारत‑EFTA व्यापार समझौता: 1 अक्टूबर से शुरू
भारत‑EFTA व्यापार समझौता: 1 अक्टूबर से शुरू

भारत‑EFTA व्यापार समझौता: 1 अक्टूबर से शुरू

भारत और यूरोप के गैर‑सदस्य राष्ट्रों के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA), जो एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) है, 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो जाएगा। यह समझौता व्यापार और निवेश के आयामों में पहले से कहीं अधिक महत्व रखता है—क्यूंकि यह केवल टैक्स में कमी या व्यापार बाधाओं को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रथम बार कानूनी रूप से बाध्यकारी सतत विकास प्रावधान पाए गए हैं, जो पर्यावरण, श्रम और मानवाधिकारों को प्रतिबद्धता के साथ शामिल रखते हैं।

आइए विस्तार से देखें कि इस समझौते की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं, और यह कैसे भारत की आर्थिक रणनीति व सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।


समझौते की मुख्य विशेषताएँ

• EFTA सदस्य देश:

  • आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड सम्मिलित हैं — ये सभी यूरोपीय संघ से स्वतंत्र हैं लेकिन उच्च आर्थिक स्तर वाले राष्ट्र हैं।
    Drishti IASEuropean Free Trade Association (EFTA)

• दस्तावेज़ और सही तारीख:

  • समझौता Trade & Economic Partnership Agreement (TEPA) नाम से 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षरित हुआ।

  • लगभग 16 वर्षों की बातचीत के बाद दिसंबर 2025 (स्विट्ज़रलैंड द्वारा अनुमोदन) तक इसकी मंजूरी हुई और अब यह 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा।
    The Times of India+1Drishti IASThe Hindu


1. निवेश और रोजगार—बड़ा आर्थिक वचन

  • कुल निवेश का उद्देश्य: अगले 15 वर्षों में $100 अरब

    • पहले 10 वर्षों में $50 अरब

    • अगले 5 वर्षों में अतिरिक्त $50 अरब

  • इससे ₹1 मिलियन (10 लाख) सीधी नौकरियाँ उत्पन्न होने का अनुमान है।
    Drishti IASThe Times of India+1


2. बाज़ार पहुँच और व्यापार सुविधाएँ

  • EFTA देशों ने भारत के 99.6% निर्यात पर (गैर-खाद्य और प्रोसेस्ड कृषि वस्त्रों पर) टैक्स में रियायत दी है।

  • भारत ने EFTA के 95.3% निर्यातों पर सुविधा प्रदान की, जैसे—स्विस घड़ियाँ, चॉकलेट, ऑप्टिकल उपकरण, औषधियाँ आदि।

  • गोल्ड ट्रेड में कोई बदलाव नहीं (Gold import duties अपरिवर्तित)।
    Drishti IAS+1ORF Online


3. सतत विकास को कानूनी रूप—समावेशी आर्थिक नीति

  • TEPA में सतत विकास (Trade & Sustainable Development) को कानूनी बाध्यकारी बनाया गया है—एक अनूठी विशेषता जो इसे अन्य FTAs से अलग करती है।

  • इसमें पर्यावरण संरक्षण, श्रम अधिकार, मानवाधिकार, और जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता सुनिश्चित है।

  • दोनों पक्षों ने ILO, UNFCCC व पेरिस समझौतों जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करने का वादा किया है।

  • सततता सब-समिति गठित की गई है, जो इन वादों की निगरानी करेगी।
    ORF OnlineKhaitan & CoCouncil on Economic Policies


4. सेवाएँ, निवेश, और राजस्व सहयोग

  • सेवा क्षेत्र में विस्तार:

    • भारत ने IT, शिक्षा, संस्कृति, खेल इत्यादि में 105 उप-क्षेत्र खोले।

    • EFTA ने नर्सिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट जैसे पेशों के लिए Mutual Recognition Agreements (MRAs) की व्यवस्था दी।
      Drishti IASKhaitan & Co

  • निवेश संवर्धन तंत्र:

    • सुधार योजनाएं: व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, उत्कृष्टता केंद्र के बीच साझेदारी।

    • यदि 15 वर्षों में निवेश लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो India समीक्षा या रद्द कर सकता है।
      Council on Economic Policies

  • वैकल्पिक विवाद समाधान:

    • इस FTA में पारंपरिक निवेश विवाद निवारण (ISDS) का विकल्प सीमित रखा गया है, जो भारत की फTA रणनीति के अनुरूप है।
      Osborne Clarke


5. EFTA का परिचय और उद्देश्य

  • EFTA (European Free Trade Association) की स्थापना Stockholm Convention के तहत 1960 में हुई थी, जिसमें शुरुआत में सात देश शामिल थे; बाद में चार सहित इसे सीमित किया गया।

  • इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाना था, लेकिन यह एक कस्टम यूनियन नहीं बल्कि एक गठजोड़ था।
    European Free Trade Association (EFTA)+1Wikipedia


6. भारत के दृष्टिकोण से महत्व

  • यह भारत का पहली बार ऐसा FTA है जिसमें सतत विकास को बाध्यकारी रूप से शामिल किया गया—यह राष्ट्र के विकास और वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों (जैसे घड़ियाँ, मशीनरी, चिकित्सा उपकरण) के वैश्विक मूल्य शृंखला में भारत की भागीदारी मजबूत होगी।

  • समझौता भारत को इनोवेशन, रोजगार, और निवेश की ओर एक ठोस मार्ग प्रदान करता है।


7. समाप्‍त विकल्प: संक्षेप में मुख्य तथ्य

  • समझौता: India‑EFTA TEPA, लागू 1 अक्टूबर 2025

  • EFTA सदस्य: स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन

  • निवेश योजना: $100 अरब (15 साल), ₹1 मिलियन नौकरियाँ

  • व्यापार रियायत: 92–99% व्यापार पर टैक्स छुट

  • सतत विकास: कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रावधान

  • सेवा क्षेत्र एवं पूंजी नेटवर्क: व्यापक विस्तार और रचनात्मक साझेदारी

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