नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आगाज हो चुका है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत ने पहले दिन ही अपने दमदार प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। भारतीय निशानेबाजों ने कुल 5 पदक जीत कर अपनी काबिलियत साबित की है, जो न सिर्फ उनकी मेहनत का फल है, बल्कि भारतीय शूटिंग की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को भी दर्शाता है।
यह विश्व कप खास इसलिए भी है क्योंकि पहली बार भारत इसे मेजबानी कर रहा है। इस बार की प्रतियोगिता में कुल 19 देशों के 208 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से भारत का प्रतिनिधित्व 69 सदस्यीय दल कर रहा है। यह न केवल भारत के लिए एक गौरव का विषय है, बल्कि घरेलू समर्थन और उत्साह के साथ निशानेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का एक सुनहरा मौका भी है।
महिला 50 मीटर प्रोन राइफल में भारत का क्लीन स्वीप: एक ऐतिहासिक उपलब्धि
महिला 50 मीटर प्रोन राइफल इवेंट में भारत ने कमाल कर दिया। इस स्पर्धा में भारतीय महिला निशानेबाजों ने पदक तालिका पर पूरी तरह कब्जा जमाते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
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अनुष्का ठोकुर ने स्वर्ण पदक जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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अंशिक ने शानदार शूटिंग करते हुए रजत पदक हासिल किया।
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आध्या अग्रवाल ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय झोली में तीसरा पदक जोड़ा।
यह ऑल-इंडिया पोडियम स्वीप भारतीय महिला शूटिंग की गहराई और जूनियर स्तर पर लगातार सुधार को दर्शाता है। इसके साथ ही यह भी बताता है कि भारतीय महिला निशानेबाजों का प्रशिक्षण और उनका समर्पण उच्च स्तर पर है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान दिला रहा है।
पुरुष 50 मीटर प्रोन राइफल में भी भारत का शानदार प्रदर्शन
पुरुष वर्ग में भी भारतीय निशानेबाजों ने अपनी क्षमता का बेहतरीन परिचय दिया।
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दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने बेहद कड़े मुकाबले में स्वर्ण पदक एक अंक से गंवाया, लेकिन रजत पदक हासिल कर टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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रोहित कन्यन ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय टीम की पदक संख्या बढ़ाई।
इन युवा खिलाड़ियों की उपलब्धि यह दर्शाती है कि भारत के पुरुष निशानेबाज भी लगातार विश्व स्तर पर अपने कदम मजबूती से रख रहे हैं। यह सफलता भविष्य के लिए उम्मीद जगाती है कि भारतीय शूटिंग का स्वर्णिम युग अभी शुरू ही हुआ है।
प्रतियोगिता का महत्व और विवरण
11वें संस्करण का यह आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप, जो 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है।
इस विश्व कप में 19 देशों के कुल 208 युवा निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से भारत का प्रतिनिधित्व 69 सदस्यीय दल कर रहा है। पहली बार भारत की मेजबानी में आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि भारत को विश्व स्तर पर शूटिंग खेल की उन्नति का केंद्र बनने का मौका भी देती है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह प्रदर्शन?
पहले दिन भारत के पांच पदकों की उपलब्धि न सिर्फ देश के युवा खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाती है, बल्कि भारत की शूटिंग में निहित प्रतिभा की पुष्टि भी करती है।
महिला और पुरुष दोनों वर्गों में पदक जीतने से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय निशानेबाजी की बुनियाद मजबूत है और सही प्रशिक्षण, समर्पण व मेहनत से भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।
यह सफलता भारतीय शूटिंग फेडरेशन और कोचिंग स्टाफ के अथक प्रयासों का भी परिणाम है, जिन्होंने युवा खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की उम्मीदें और आगे की राह
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 के इस प्रारंभिक शानदार प्रदर्शन से भारत की शूटिंग टीम की संभावनाएं और भी उज्जवल हो गई हैं। जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ेगी, भारतीय निशानेबाजों से और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।
यह प्रतियोगिता भारत में शूटिंग खेल के प्रचार-प्रसार और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगी। भारत की यह पहल कि वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की पहली बार मेजबानी कर रहा है, आने वाले वर्षों में देश में शूटिंग खेल को और मजबूती देगी।

