भारत बनेगा ग्लोबल साउथ की AI नेतृत्व शक्ति: पहली बार होगी Global South AI Impact Summit 2026 की मेज़बानी
भारत बनेगा ग्लोबल साउथ की AI नेतृत्व शक्ति: पहली बार होगी Global South AI Impact Summit 2026 की मेज़बानी

भारत बनेगा ग्लोबल साउथ की AI नेतृत्व शक्ति: पहली बार होगी Global South AI Impact Summit 2026 की मेज़बानी

16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट 2026 आधिकारिक रूप से शुरू हो रहा है। पाँच दिवसीय यह सम्मेलन भारत और ग्लोबल साउथ—दोनों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ में किसी वैश्विक स्तर के AI सम्मेलन की मेज़बानी की जा रही है।

यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस और वैश्विक सहयोग के भविष्य को आकार देने के लिए दुनिया भर के नेताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को एक मंच पर ला रहा है।


ग्लोबल साउथ के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह आयोजन?

AI इम्पैक्ट समिट 2026 केवल एक तकनीकी सम्मेलन नहीं, बल्कि डिजिटल कूटनीति का नया अध्याय है। भारत स्वयं को विकसित और विकासशील देशों के बीच जिम्मेदार AI नीतियों के निर्माण में एक सेतु (Bridge) के रूप में स्थापित कर रहा है।

100 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है और 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इसमें भाग ले रहे हैं। United Nations के महासचिव सहित कई वैश्विक संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी इस सम्मेलन में उपस्थित हैं—जो इसके अंतरराष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है।

यह आयोजन वैश्विक डिजिटल गवर्नेंस में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को और मजबूत करता है।


दुनिया भर के नेता भारत में एकत्र

इस समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं:

  • इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस)

  • लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (ब्राज़ील)

  • पेड्रो सांचेज़ (स्पेन)

  • गाय पारमेलिन (स्विट्ज़रलैंड)

  • डिक शूफ़ (नीदरलैंड)

  • शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान (यूएई)

  • नवीनचंद्र रामगुलाम (मॉरिशस)

  • अनुरा कुमारा दिसानायके (श्रीलंका)

  • शेरिंग तोबगे (भूटान)

इसके अलावा यूरोप, लैटिन अमेरिका, एशिया और अफ्रीका के कई देशों के प्रतिनिधि तथा मंत्रीस्तरीय डेलीगेशन इसमें भाग ले रहे हैं।


तीन सूत्र: People, Planet, Progress

AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मूलभूत स्तंभों—“सूत्रों”—पर आधारित है:

 People (लोग)

मानव-केंद्रित AI विकास पर जोर, जिसमें समावेशन, सुरक्षा और नैतिक मानकों को प्राथमिकता दी जाती है।

 Planet (पृथ्वी)

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप टिकाऊ (Sustainable) AI प्रणालियों को बढ़ावा देना।

 Progress (प्रगति)

AI के माध्यम से नवाचार-आधारित विकास और समान आर्थिक उन्नति को प्रोत्साहित करना।

ये तीनों सूत्र नवाचार और जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने का लक्ष्य रखते हैं।


सात चक्र: विषयगत कार्य समूह

सम्मेलन की चर्चाएँ सात “चक्रों” में संगठित की गई हैं, जो AI गवर्नेंस के विभिन्न आयामों को कवर करते हैं:

  • मानव पूंजी (Human Capital)

  • सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समावेशन

  • सुरक्षित और विश्वसनीय AI

  • विज्ञान और अनुसंधान

  • लचीलापन (Resilience)

  • नवाचार और दक्षता

  • AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण एवं आर्थिक विकास

ये सातों चक्र AI शासन के प्रति भारत के संरचित, संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।


भारत के लिए रणनीतिक महत्व

AI इम्पैक्ट समिट 2026 भारत की वैश्विक तकनीकी नेतृत्व क्षमता को मजबूत करता है।

✔ डिजिटल कूटनीति में बढ़ता प्रभाव
✔ AI नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका
✔ विकसित और विकासशील देशों के बीच संवाद का मंच
✔ वैश्विक निवेश और सहयोग की संभावनाएँ

दो लाख से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया है, जो इस आयोजन की व्यापक वैश्विक रुचि को दर्शाता है।

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